भारत के स्मार्टफोन बाजार में इन दिनों एक दिलचस्प बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर जहां बड़ी संख्या में लोग किफायती और मध्यम कीमत वाले फोन खरीदना पसंद करते हैं, वहीं दूसरी ओर महंगे और प्रीमियम स्मार्टफोन भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। इस बदलते रुझान का बड़ा उदाहरण है iPhone 17, जिसने अपनी ऊंची कीमत के बावजूद देश में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन बनने का गौरव हासिल किया है। करीब 82,900 रुपये से अधिक शुरुआती कीमत वाला यह फोन ग्राहकों की पहुंच से थोड़ा दूर माना जाता है, फिर भी जनवरी से मार्च 2026 के बीच इसने बिक्री के मामले में सभी को पीछे छोड़ दिया। Counterpoint Research की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में iPhone 17 ने भारतीय बाजार में 4 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल की, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। सिर्फ नया मॉडल ही नहीं, बल्कि iPhone 16 भी अब तक अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। करीब दो साल पहले लॉन्च होने के बावजूद यह फोन अब भी सबसे ज्यादा बिकने वाले शीर्ष 10 स्मार्टफोन्स की सूची में छठे स्थान पर बना हुआ है।
इसकी हिस्सेदारी लगभग 2 प्रतिशत के आसपास है, जो यह दिखाता है कि महंगे स्मार्टफोन की मांग लगातार बनी हुई है और ग्राहक लंबे समय तक इन पर भरोसा जता रहे हैं। हालांकि, अगर पूरे बाजार की तस्वीर देखें तो शीर्ष 5 में शामिल बाकी सभी स्मार्टफोन बजट श्रेणी के हैं। इनकी कीमत लगभग 16,000 से 24,000 रुपये के बीच है। इससे यह साफ होता है कि भारत जैसे बड़े और विविधता वाले बाजार में किफायती फोन अब भी सबसे ज्यादा बिकते हैं। लेकिन इसके साथ-साथ प्रीमियम फोन का बढ़ता प्रभाव यह भी बताता है कि ग्राहकों की पसंद धीरे-धीरे बदल रही है और वे बेहतर गुणवत्ता व ब्रांड के लिए ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं। चीनी कंपनी Oppo का Oppo A6x 5G भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। बजट श्रेणी में आने के बावजूद इस फोन ने शानदार प्रदर्शन किया है और इसकी बाजार हिस्सेदारी iPhone 17 के काफी करीब रही है। यह दिखाता है कि कम कीमत में अच्छे फीचर्स देने वाले फोन आज भी बड़ी संख्या में ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
Apple की सफलता के पीछे उसकी सीमित लेकिन मजबूत उत्पाद रणनीति बड़ी वजह रही है। कंपनी कम मॉडलों पर ध्यान केंद्रित करती है, लेकिन हर मॉडल को बेहतर तकनीक और भरोसेमंद प्रदर्शन के साथ पेश करती है। इसी कारण ग्राहकों का विश्वास लगातार बना रहता है और बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। इसके अलावा, Vivo ने भी इस सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। उसके तीन अलग-अलग मॉडल शीर्ष 5 में शामिल हुए हैं, जो बजट श्रेणी में कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाते हैं। इन फोनों की लोकप्रियता का कारण उनकी किफायती कीमत और बेहतर नेटवर्क उपलब्धता है, जिससे वे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से पहुंच बना रहे हैं। एक और अहम कारण, जिसने Apple को आगे बढ़ने में मदद की, वह है उसकी कीमतों को स्थिर बनाए रखने की नीति। वैश्विक स्तर पर मेमोरी और अन्य पुर्जों की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी ने अपने फोन की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं किया। इससे ग्राहकों को एक भरोसा मिला कि उन्हें तय कीमत पर बेहतर उत्पाद मिल रहा है।
भारत का स्मार्टफोन बाजार अब एक नए दौर में कर रहा प्रवेश
भारत का स्मार्टफोन बाजार अब एक नए दौर में प्रवेश करता नजर आ रहा है, जहां महंगे और किफायती दोनों तरह के फोन समान रूप से अपनी जगह बना रहे हैं। Apple ने अपने ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के लिए आसान किस्तों की सुविधा पर भी जोर दिया है। इससे ग्राहकों को एक साथ बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती और वे धीरे-धीरे भुगतान करके महंगे फोन भी खरीद पा रहे हैं। दूसरी ओर, कई अन्य कंपनियों को बढ़ती लागत का असर सीधे ग्राहकों पर डालना पड़ा है। इसके कारण कई स्मार्टफोन मॉडलों की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि कुछ मामलों में यह बढ़ोतरी 30 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसका सीधा असर उनकी बिक्री पर पड़ा और कई कंपनियों की हिस्सेदारी में गिरावट भी देखने को मिली।
वैश्विक स्तर पर भी Apple का प्रदर्शन काफी मजबूत बना हुआ है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में iPhone 17 लगभग 7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन रहा। इसके अलावा iPhone 17 के अन्य संस्करण भी शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं, जिससे कंपनी की वैश्विक पकड़ और मजबूत हुई है। आने वाले समय में भारतीय बाजार में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग और बढ़ सकती है। जैसे-जैसे लोगों की आय में वृद्धि होगी और डिजिटल जरूरतें बढ़ेंगी, वैसे-वैसे बेहतर तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले फोन की मांग भी बढ़ेगी। हालांकि, किफायती स्मार्टफोन की जरूरत कभी खत्म नहीं होगी, क्योंकि भारत में एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो कम कीमत में बेहतर विकल्प तलाशता रहेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत का स्मार्टफोन बाजार अब संतुलन की ओर बढ़ रहा है, जहां हर वर्ग के ग्राहकों के लिए विकल्प मौजूद हैं। iPhone 17 की सफलता इस बात का संकेत है कि अगर उत्पाद मजबूत हो और रणनीति सही हो, तो ऊंची कीमत भी बिक्री में बाधा नहीं बनती। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य कंपनियां इस चुनौती का सामना कैसे करती हैं और बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए क्या नई रणनीतियां अपनाती हैं।

















Leave a Reply