पांच राज्यों के नतीजों पर देश की नजर : बंगाल में कड़ा मुकाबला, असम में बीजेपी आगे, वोटों की गिनती जारी 

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, पूरे देश की निगाहें इन नतीजों पर टिकी हुई हैं। इन चुनावों को न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि कई बड़े नेताओं की साख और भविष्य इन परिणामों से जुड़ा हुआ है। शुरुआती रुझानों में अलग-अलग राज्यों से अलग तस्वीर सामने आ रही है। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं असम में बीजेपी गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। 

तमिलनाडु में मुकाबला दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है, जबकि केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। पुडुचेरी में भी शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे दिखाई दे रही है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ विभिन्न समाचार माध्यमों पर लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं, जिससे मतदाताओं और राजनीतिक दलों में उत्सुकता बनी हुई है। पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। कुल 294 सीटों वाले इस राज्य में फिलहाल 293 सीटों की ही मतगणना हो रही है, क्योंकि फालता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान होना है। इस सीट पर 21 मई को वोटिंग और 24 मई को नतीजे आएंगे। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर बीजेपी ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है और राज्य में पहली बार सरकार बनाने का दावा कर रही है। उच्च मतदान प्रतिशत यह संकेत दे रहा है कि मतदाता इस बार बदलाव या मजबूती दोनों में से किसी एक के पक्ष में स्पष्ट निर्णय दे सकते हैं। असम में तस्वीर अपेक्षाकृत स्पष्ट नजर आ रही है। यहां 126 सीटों पर हुए चुनाव में करीब 85 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी और उसके सहयोगी दल मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन भी मुकाबले में है, लेकिन शुरुआती रुझान एनडीए के पक्ष में जाते दिखाई दे रहे हैं। यदि यही रुझान आगे भी कायम रहता है तो बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी कर सकती है।

तमिलनाडु में इस बार चुनाव ने नया मोड़ ले लिया है। पारंपरिक डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। कुल 234 सीटों पर हुए मतदान में रिकॉर्ड स्तर का मतदान दर्ज किया गया। डीएमके अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में है, जबकि एआईएडीएमके और बीजेपी गठबंधन भी मजबूत चुनौती पेश कर रहा है। TVK के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह पार्टी भविष्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। केरल में हमेशा की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला दो बड़े गठबंधनों के बीच है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहा है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। शुरुआती रुझानों में यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। पुडुचेरी में भी सियासी हलचल तेज है। यहां बीजेपी गठबंधन शुरुआती बढ़त बनाए हुए है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता संतुलन बदल सकता है।

दोपहर तक बदल सकते हैं रुझान, कई सीटों पर कांटे की टक्कर 

जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, कई सीटों पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती रुझान दोपहर तक कई बार बदल सकते हैं, क्योंकि पोस्टल बैलेट और ईवीएम के अलग-अलग राउंड की गिनती का असर परिणामों पर पड़ता है। पश्चिम बंगाल में कई अहम सीटों पर टीएमसी और बीजेपी के बीच अंतर बहुत कम है। ऐसे में हर राउंड की गिनती के साथ तस्वीर बदल सकती है। राज्य की राजनीति में यह चुनाव निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि अगर टीएमसी फिर से जीतती है तो ममता बनर्जी की पकड़ और मजबूत होगी, वहीं बीजेपी के लिए यह राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने का बड़ा मौका है। असम में हालांकि बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस गठबंधन भी चुनौती दे रहा है। यहां अंतिम परिणाम आने तक पूरी तरह से तस्वीर साफ होने का इंतजार करना होगा। 

तमिलनाडु में सबसे ज्यादा उत्सुकता TVK के प्रदर्शन को लेकर है। अगर यह पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो राज्य की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के लिए यह चुनाव भविष्य की दिशा तय करेगा। केरल में भी हर राउंड के साथ मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। यहां सत्ता परिवर्तन की संभावना से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। यदि यूडीएफ बढ़त बनाए रखता है, तो राज्य में नई सरकार बन सकती है। पुडुचेरी में भी सीट दर सीट मुकाबला बेहद करीबी है। यहां छोटे अंतर से जीत-हार तय हो सकती है, जिससे अंतिम परिणाम तक सस्पेंस बना रहेगा। पांच राज्यों के ये चुनाव नतीजे न सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा संदेश देने वाले हैं। दोपहर तक तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है, लेकिन अंतिम परिणाम आने तक राजनीतिक हलचल और बयानबाजी का दौर जारी रहेगा।

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