मई की तपती गर्मी के बीच देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवाती सिस्टम और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक फैली ट्रफ लाइन के कारण उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में मौसम पूरी तरह बदल गया है। जहां कुछ दिन पहले तक तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान को नीचे गिरा दिया है और कई इलाकों में ठंडक का अहसास होने लगा है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में ओले गिरने लगे। तेज हवाओं और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन जनजीवन भी प्रभावित हुआ। इसी तरह पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर काफी गंभीर रहा। आंधी-बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। पीलीभीत जिले में तेज तूफान के दौरान एक ईंट-भट्ठे की करीब 100 फीट ऊंची चिमनी ढह गई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की भी खबरें हैं। बिहार में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य के 22 जिलों में आंधी और तेज बारिश का असर देखा गया। बिजली गिरने की घटनाओं में 7 बच्चों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 महिलाएं झुलस गईं। प्रशासन ने कई जिलों में अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य के 18 जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। राजस्थान में मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर साफ देखा गया।
सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। जयपुर समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान 35°C से नीचे चला गया, जो इस समय के हिसाब से काफी कम माना जा रहा है। हरियाणा में तेज आंधी का असर व्यापक रूप से देखने को मिला, जहां 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। इससे सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का असर अलग रूप में दिखाई दिया है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन में सोमवार को तापमान गिरकर 4.8°C तक पहुंच गया, जो मई महीने का अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 14 मई 2021 को यहां 9.4°C तापमान दर्ज किया गया था। अचानक आई इस ठंड ने लोगों को हैरान कर दिया है और कई इलाकों में लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। इस पूरे मौसम परिवर्तन के पीछे मुख्य वजह राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर से दक्षिण तक फैली ट्रफ लाइन को माना जा रहा है। यही सिस्टम पूरे देश में नमी और अस्थिरता ला रहा है, जिससे अलग-अलग राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
अगले दो दिन कई राज्यों में बारिश-आंधी और बिजली गिरने का खतरा बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन भी राहत और चुनौती दोनों लेकर आने वाले हैं। 6 मई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है। उत्तर भारत के मैदानी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इन राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका जताई गई है। लोगों को खुले में न रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। 7 मई को पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है। यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बिजली गिरने का खतरा जारी रहेगा।
मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अभी कुछ दिन और बना रह सकता है। जहां एक ओर इससे भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बिजली और भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

















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