पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान पश्चिम बंगाल पर टिका हुआ है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में ऐतिहासिक बढ़त बना ली है और पहली बार सत्ता के करीब पहुंचती नजर आ रही है। रुझानों के मुताबिक भाजपा बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है। कोलकाता स्थित भाजपा कार्यालय में सुबह से ही जश्न का माहौल देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक अंदाज में झालमुड़ी बांटकर खुशी जाहिर की।
ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थक नाचते-गाते नजर आए। पार्टी नेताओं का भी दफ्तर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सांसद संजय जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता यहां पहुंचे और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। इसके उलट तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दिया। कोलकाता में टीएमसी मुख्यालय के बाहर कोई खास हलचल नहीं दिखी। आमतौर पर चुनावी नतीजों के दिन जहां पार्टी कार्यालयों में भारी भीड़ रहती है, वहां इस बार माहौल शांत नजर आया। अगर रुझानों की बात करें तो भाजपा करीब 194 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी लगभग 93 सीटों पर सिमटी हुई दिख रही है। वोट शेयर के लिहाज से भी भाजपा को करीब 45 प्रतिशत और टीएमसी को 42 प्रतिशत वोट मिलते नजर आ रहे हैं। ये आंकड़े राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। राज्य की वीआईपी सीट भवानीपुर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे चल रही हैं, जबकि नंदीग्राम से जुड़े कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी पीछे नजर आ रहे हैं।
यह मुकाबला शुरुआत से ही बेहद अहम माना जा रहा था और इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि जिन इलाकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी खाई थी, वहां भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर पार्टी आगे चल रही है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल और बढ़ गया है। हालांकि मतगणना के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों से हिंसा और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।
आसनसोल में टीएमसी के कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जबकि जमुरिया में आगजनी की घटना सामने आई है। कूच बिहार में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रशासन ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दूसरी ओर, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी राजनीतिक माहौल बदला-बदला नजर आया। डीएमके कार्यालय से टेंट हटाए जाने की खबर सामने आई है, जिससे वहां भी नतीजों को लेकर अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है। अन्य राज्यों—असम, केरल और पुडुचेरी में भी मतगणना जारी है, लेकिन वहां की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।
पश्चिम बंगल में हिंसा, सन्नाटा और जश्न, काउंटिंग के बीच बदले हालात
पश्चिम बंगाल में मतगणना के दौरान सामने आए घटनाक्रम राज्य की संवेदनशील राजनीतिक स्थिति को भी दर्शाते हैं। जहां एक ओर भाजपा कार्यकर्ता जश्न में डूबे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर टीएमसी खेमे में खामोशी देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं तो राज्य में सत्ता का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भाजपा के लिए यह जीत ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी ने लंबे समय से बंगाल में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
वहीं टीएमसी, जो पिछले कई वर्षों से राज्य की सत्ता पर काबिज रही है, उसके लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। चुनाव परिणामों के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अब सबकी नजर अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है, जो यह तय करेंगे कि क्या बंगाल में वाकई पहली बार भाजपा की सरकार बनेगी या फिर आखिरी दौर में तस्वीर बदल सकती है। फिलहाल रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।

















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