बिना इंटरनेट भी होगा यूपीआई पेमेंट, एनपीसीआई ला रहा है नई ‘टैप टू पे’ सुविधा, यूजर्स को मिलेगी राहत

डिजिटल भुगतान (पेमेंट) ने लोगों की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है। आज छोटे दुकानदार से लेकर बड़े शोरूम तक लगभग हर जगह यूपीआई से भुगतान किया जा रहा है। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति भी आती है, जब मोबाइल में इंटरनेट नहीं होता और भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। हवाई यात्रा के दौरान, अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन, किसी इमारत के बेसमेंट या कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में लोगों को अक्सर इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अब इस समस्या का समाधान जल्द मिलने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) एक ऐसी नई तकनीक पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से बिना इंटरनेट के भी यूपीआई भुगतान किया जा सकेगा। इस नई सुविधा का नाम ‘टैप टू पे’ है। इसके जरिए उपयोगकर्ता को केवल अपने मोबाइल को भुगतान मशीन के पास टैप करना होगा और कुछ ही क्षणों में भुगतान पूरा हो जाएगा। इससे उन जगहों पर भी डिजिटल भुगतान संभव होगा, जहां इंटरनेट उपलब्ध नहीं होता।

यह नई तकनीक खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी, जो रोजाना डिजिटल भुगतान करते हैं और नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार असुविधा झेलते हैं। अब इंटरनेट न होने की वजह से भुगतान रुकने की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। एनपीसीआई इस तकनीक को नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) पर आधारित बना रहा है। एनएफसी एक ऐसी वायरलेस तकनीक है, जिसमें दो उपकरण बहुत कम दूरी पर एक-दूसरे से संपर्क स्थापित करके सुरक्षित तरीके से जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं। इसी तकनीक की मदद से मोबाइल और भुगतान मशीन के बीच संपर्क बनेगा और भुगतान पूरा हो जाएगा। इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि छोटे भुगतान के लिए उपयोगकर्ता को हर बार यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। इंटरनेट की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे भुगतान पहले की तुलना में और तेज तथा सुविधाजनक हो जाएगा।

हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मोबाइल फोन में एनएफसी चिप होना जरूरी होगा। जिन स्मार्टफोन में यह सुविधा उपलब्ध होगी, वही इस नई प्रणाली का उपयोग कर सकेंगे। आने वाले समय में अधिक से अधिक स्मार्टफोन में एनएफसी पहले से मौजूद रहने की संभावना है, जिससे इसका दायरा लगातार बढ़ेगा। यह तकनीक केवल सुविधा ही नहीं बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल भुगतान को ऐसे क्षेत्रों तक भी पहुंचाएगी जहां नेटवर्क की समस्या हमेशा बनी रहती है। इससे यात्रियों, कार्यालयों में काम करने वाले लोगों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने वालों को काफी राहत मिलेगी।

दो हजार रुपये तक बिना इंटरनेट होगा भुगतान

एनपीसीआई की इस नई व्यवस्था के तहत एक बार में दो हजार रुपये तक का भुगतान बिना इंटरनेट और बिना यूपीआई पिन के किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त होगी। उपयोगकर्ता के यूपीआई लाइट वॉलेट में पहले से पर्याप्त राशि मौजूद होनी चाहिए। यानी जब आपके मोबाइल में इंटरनेट उपलब्ध हो, तब आपको पहले अपने यूपीआई लाइट वॉलेट में पैसे जोड़ने होंगे। इसके बाद यदि आप ऐसी जगह पहुंचते हैं, जहां इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, तब भी उसी वॉलेट में मौजूद राशि से दो हजार रुपये तक का भुगतान आसानी से किया जा सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे और रोजमर्रा के भुगतान को अधिक सरल बनाना है। 

जैसे चाय-नाश्ता, किराने की खरीदारी, मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन का किराया, पार्किंग शुल्क या छोटी-मोटी खरीदारी जैसी जरूरतों के लिए इंटरनेट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भुगतान की सीमा दो हजार रुपये तय की गई है। इससे यदि किसी कारण मोबाइल खो भी जाए या गलत हाथों में चला जाए, तो जोखिम सीमित रहेगा। साथ ही उपयोगकर्ता को केवल पहले से वॉलेट में रखी गई राशि तक ही भुगतान की अनुमति मिलेगी। यह नई तकनीक देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 

भारत पहले ही यूपीआई के जरिए दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान नेटवर्क में शामिल हो चुका है। अब बिना इंटरनेट भुगतान की सुविधा शुरू होने के बाद उन इलाकों में भी डिजिटल लेनदेन आसान हो जाएगा, जहां नेटवर्क की समस्या लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। यदि यह तकनीक सफलतापूर्वक लागू होती है, तो हवाई जहाज, मेट्रो स्टेशन, बेसमेंट, दूरदराज के गांवों और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी लोग बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और तेज डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इससे नकदी पर निर्भरता और कम होगी तथा देश के डिजिटल भुगतान तंत्र को नई मजबूती मिलेगी।

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