जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन का कहर, दो दिन में 24 मौतें, अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा भी प्रभावित

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दूसरे दिन भी मौसम का कहर जारी रहा और विभिन्न जिलों में हुई घटनाओं में सोमवार को 12 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक प्रभावित पुंछ जिला रहा, जहां एक मकान पर मलबा गिरने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं डोडा जिले में एक बस पर चट्टान गिरने से दो लोगों की जान चली गई। अन्य स्थानों पर भी मौसम संबंधी हादसों में तीन लोगों की मौत हुई। पिछले दो दिनों में प्रदेश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि छह लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं। लगातार बारिश के कारण कई नदियां और नाले उफान पर हैं। अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई है, जिसके चलते लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

आपदा के कारण धार्मिक यात्राएं भी प्रभावित हुई हैं। लगातार दूसरे दिन श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, रियासी की शिवखोड़ी यात्रा और किश्तवाड़ की सरथल यात्रा स्थगित रखी गई। हालांकि प्रशासन ने मौसम में आंशिक सुधार के बाद बालटाल मार्ग से सीमित संख्या में कुछ श्रद्धालुओं को अमरनाथ धाम के लिए रवाना किया। इसके बावजूद जम्मू आधार शिविर, लखनपुर और कश्मीर के विभिन्न पड़ावों पर हजारों श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन, सेना, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है, जबकि कई स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। 

क्षतिग्रस्त सड़कों को खोलने और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का काम भी तेजी से चल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। इसके चलते भूस्खलन, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से नदी-नालों तथा पहाड़ी ढलानों के पास जाने से बचने और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मौसम की चुनौती बनी हुई है और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है।

जम्मू-कश्मीर-हिमाचल में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई राज्यों में दो दिन सतर्क रहने की सलाह

देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और भारतीय मौसम विभाग ने 21 और 22 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और स्थानीय जलभराव की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन दोनों राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है। छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।

दक्षिण भारत में कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 22 जुलाई को भी मौसम पूरी तरह सक्रिय रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में भारी बारिश के साथ जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तराखंड, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और सिक्किम के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में सामान्य से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और केरल के लिए 22 जुलाई को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए अगले दो दिन विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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