उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को छात्रों के भविष्य की चिंता नहीं है, बल्कि वह इस संवेदनशील विषय का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पेपर लीक के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को छात्रों के हित में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष का रवैया पूरी तरह नकारात्मक है। उनके अनुसार, विपक्ष अपनी राजनीतिक जमीन खो चुका है और अब छात्रों को आगे करके राजनीति करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर छात्रों के हित में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, वहां विपक्ष केवल राजनीतिक माहौल बनाने में जुटा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों को गंभीर अपराध मानते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई होगी, दोषियों को शीघ्र सजा मिलेगी और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। धामी ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें नए अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में देश में 17 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं, जबकि वर्ष 2004 से 2014 के बीच यह संख्या करीब 2 करोड़ थी। उन्होंने कहा कि दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई बड़े कदम उठाए हैं। स्टार्टअप को बढ़ावा देने, कौशल विकास को नई दिशा देने, विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने जैसे अनेक प्रयास प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किए गए हैं। उनका कहना था कि इन योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों युवाओं को मिल रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं। उनके अनुसार, विपक्ष ने हमेशा युवाओं को वोट बैंक की नजर से देखा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार सुधार कर रही है, जबकि कांग्रेस शासित कई राज्यों में परीक्षाएं रद्द होने और अव्यवस्था के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में पंजाब में परीक्षा रद्द होने का भी उल्लेख किया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट से बढ़ेगा छात्रों का भरोसा, दोषियों को मिलेगी जल्द सजा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सरकार संवाद का रास्ता भी खुला रखे हुए है। उनका कहना था कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष समाधान की राजनीति करने के बजाय केवल विरोध और भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अस्थिरता, तोड़फोड़ और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश करता है, लेकिन जनता अब इन प्रयासों को समझ चुकी है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे न केवल मामलों का जल्द निपटारा होगा, बल्कि पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों में शामिल लोगों को समयबद्ध तरीके से कठोर सजा भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होगी तथा मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई होगी तो भविष्य में इस तरह के अपराध करने वालों में भी कानून का डर पैदा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की मेहनत बेईमान लोगों की वजह से बर्बाद न हो और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। सरकार छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे सभी मामलों में कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम देशभर के करोड़ों युवाओं में विश्वास पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता की ओर से वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करते हैं कि उन्होंने छात्रों के हित में इतना महत्वपूर्ण और निर्णायक फैसला लिया है। उनके अनुसार, इस पहल से परीक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनेगी तथा युवाओं का भविष्य पहले से अधिक सुरक्षित होगा।

















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