पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हो गया है। लंबे समय तक सत्ता पर काबिज रही तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त देते हुए भाजपा ने राज्य में प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इसी के साथ भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का औपचारिक एलान किया। अब सुवेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 10 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। 56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी की ताजपोशी इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
इसके अलावा उन्होंने नंदीग्राम सीट से भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। नंदीग्राम वही सीट है जहां 2021 के चुनाव में भी उन्होंने ममता बनर्जी को शिकस्त दी थी। भाजपा ने इस विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर बंगाल की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। विधायक दल की बैठक के बाद अमित शाह ने इसे केवल चुनावी जीत नहीं बल्कि “वैचारिक विजय” बताया। उन्होंने कहा कि गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार बनना करोड़ों कार्यकर्ताओं के सपनों की पूर्ति है। शाह ने कहा कि 1950 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिस विचारधारा और राष्ट्रवाद की सोच को लेकर निकले थे, आज उसी विचार की विजय बंगाल की धरती पर हुई है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद कार्यकर्ताओं में खुशी थी, लेकिन एक कसक बाकी थी कि बंगाल में भाजपा का झंडा फहराना अभी बाकी है।
अब वह सपना भी पूरा हो गया। अमित शाह ने चुनावी आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की यह यात्रा अभूतपूर्व रही है। उन्होंने बताया कि 2014 में बंगाल में भाजपा का केवल खाता खुला था, फिर पार्टी तीन सीटों तक पहुंची, उसके बाद 77 सीटें मिलीं और अब भाजपा 207 सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही है। शाह ने कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने भाजपा को जिस प्रकार का समर्थन दिया है, उसके लिए उनके पास आभार व्यक्त करने के शब्द नहीं हैं। शाह ने बताया कि भाजपा विधायकों की जीत का औसत मार्जिन करीब 28 हजार वोट रहा, जो जनता के स्पष्ट जनादेश को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के 9 जिलों में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई और जनता ने “दीदी का सूपड़ा साफ” कर दिया।
राज्यपाल ने विधानसभा भंग की, ममता सरकार की शक्तियां खत्म
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार शाम विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। लोकभवन से जारी अधिसूचना के बाद अब ममता बनर्जी कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास संवैधानिक शक्तियां नहीं बची हैं। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा के लिए यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि पूर्वी भारत में राजनीतिक विस्तार का सबसे बड़ा प्रतीक मानी जा रही है। पार्टी लंबे समय से बंगाल में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही थी और इस चुनाव ने उसे ऐतिहासिक सफलता दिलाई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा ने ग्रामीण बंगाल, आदिवासी इलाकों और शहरी क्षेत्रों में व्यापक समर्थन हासिल किया, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया।
सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के पीछे उनकी संगठन क्षमता और जनाधार को बड़ा कारण माना जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद उन्होंने बंगाल की राजनीति में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरने में सफलता हासिल की। नंदीग्राम आंदोलन से राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले सुवेंदु ने पिछले कुछ वर्षों में खुद को ममता

















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