देश के करोड़ों लोगों के लिए राहत और सुरक्षा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत मिलने वाले बीमा कवर को बढ़ाने पर विचार कर रही है। अभी इन दोनों योजनाओं में 2 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलता है, लेकिन सरकार इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक करने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने गुरुवार को इस प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार इस समय कई पहलुओं का आकलन कर रही है। इसमें लोगों की प्रीमियम भरने की क्षमता, बीमा कंपनियों का खर्च, मध्यस्थता लागत और योजनाओं की व्यवहारिकता जैसे विषय शामिल हैं। सरकार फिलहाल किसी तरह की जल्दबाजी में घोषणा नहीं करना चाहती, लेकिन बीमा कवर बढ़ाने का प्रस्ताव गंभीरता से विचाराधीन है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
केंद्र सरकार ने साल 2015 में जन सुरक्षा अभियान के तहत इन योजनाओं की शुरुआत की थी। उद्देश्य यह था कि कम आय वाले लोगों को बहुत कम प्रीमियम में बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके। देश के ग्रामीण इलाकों, छोटे शहरों और गरीब परिवारों तक सामाजिक सुरक्षा पहुंचाने में इन योजनाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। दोनों योजनाएं बैंक खातों से जुड़ी हैं और इनमें प्रीमियम ऑटो डेबिट के जरिए सीधे खाते से कट जाता है, जिससे प्रक्रिया आसान बनी रहती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना यानी पीएमजेजेबीवाई के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को जीवन बीमा कवर मिलता है। किसी भी कारण से बीमाधारक की मृत्यु होने पर परिवार को बीमा राशि दी जाती है। इस योजना में अभी 436 रुपये सालाना प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का कवर मिलता है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना यानी पीएमएसबीवाई के तहत 18 से 70 वर्ष तक के लोगों को दुर्घटना बीमा सुरक्षा दी जाती है। आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलता है।
इस योजना का वार्षिक प्रीमियम सिर्फ 20 रुपये है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़े हैं। इन योजनाओं का हर साल नवीकरण कराना जरूरी होता है। बैंक जीवन और सामान्य बीमा कंपनियों के साथ मिलकर इन योजनाओं का संचालन करते हैं। खास बात यह है कि जन धन खातों के जरिए गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में भी इन योजनाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पीएमजेजेबीवाई में अब तक 27 करोड़ 43 लाख से ज्यादा लोगों का नामांकन हो चुका है। वहीं पीएमएसबीवाई में 58 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अटल पेंशन योजना के भी 9 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। इससे साफ है कि देश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
कम प्रीमियम में बड़ी सुरक्षा, ग्रामीण भारत में तेजी से बढ़ा भरोसा
भारतीय स्टेट बैंक और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएस शेट्टी ने इन योजनाओं को देश की सबसे सफल जन कल्याण योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसी योजनाएं हैं जिनका पूरा खर्च सरकार नहीं उठाती, बल्कि लाभार्थी बहुत कम प्रीमियम देकर इसमें भागीदारी करते हैं। यही कारण है कि इन योजनाओं का मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजनाओं की सफलता के पीछे बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सिस्टम की बड़ी भूमिका रही है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने गांव-गांव तक अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं, जिन्होंने लोगों को योजना से जोड़ने में मदद की। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ-साथ इन बीमा योजनाओं का दायरा भी तेजी से बढ़ा है।
सीएस शेट्टी ने कहा कि बीते दो से तीन वर्षों में इन योजनाओं में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इसके पीछे कई कारण हैं। पहला कारण यह है कि बीमा कंपनियों ने इन योजनाओं में पूरी भागीदारी दिखाई और सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कंपनियों को किसी तरह का घाटा न हो। दूसरा कारण बैंकिंग नेटवर्क और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट मॉडल का मजबूत इस्तेमाल रहा। तीसरा कारण लोगों के बीच बढ़ी जागरूकता है। अगर बीमा कवर 5 लाख रुपये तक बढ़ाया जाता है तो इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। आज के समय में बढ़ती महंगाई और चिकित्सा खर्चों को देखते हुए 2 लाख रुपये का कवर कई मामलों में पर्याप्त नहीं माना जाता। ऐसे में बीमा राशि बढ़ने से परिवारों को आर्थिक संकट के समय ज्यादा मदद मिल सकेगी। हालांकि बीमा कवर बढ़ाने के साथ प्रीमियम में कुछ बढ़ोतरी भी संभव मानी जा रही है।
सरकार इसी संतुलन को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि योजनाएं आम लोगों की पहुंच से बाहर न हों। सरकार की कोशिश यह है कि कम आय वाले लोग भी आसानी से इन योजनाओं से जुड़े रहें और उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके। जन सुरक्षा योजनाओं ने देश में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है। जन धन योजना, बीमा योजनाएं और पेंशन योजनाएं मिलकर करोड़ों परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का आधार दे रही हैं। आने वाले समय में अगर बीमा कवर बढ़ाने का फैसला होता है तो यह देश के गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा।

















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