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13 नवंबर को देश-विदेश से दून पहुंचेंगे उत्तराखंड के प्रवासी, प्रदेश के विकास पर होगा मंथन

उत्तराखंड से दूर देश-विदेश में रहकर अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाने वाले प्रवासियों को एक मंच पर लाने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार चाहती है कि इन प्रवासियों के अनुभव, विशेषज्ञता और उपलब्धियों का लाभ प्रदेश के विकास में मिले। इसी उद्देश्य से आयोजित होने जा रहे तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में इस बार युवाओं की भागीदारी पर भी खास जोर रहेगा। देहरादून में 13 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सम्मेलन का आयोजन दून विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. नित्यानंद ऑडिटोरियम में किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव ने कार्यक्रम की प्रस्तावित रूपरेखा से लेकर अतिथियों के चयन, विभिन्न सत्रों और आयोजन की व्यवस्थाओं तक सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि सम्मेलन में देश और विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे प्रवासी उत्तराखंडियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आमंत्रित किए जाने वाले प्रतिभागियों का चयन इस तरह किया जाए कि अलग-अलग क्षेत्रों और देश के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व सम्मेलन में दिखाई दे। 

उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी अपनी मेहनत, अनुभव और विशेषज्ञता से अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उनके अनुभवों का उपयोग प्रदेश के विकास की योजनाओं को नई दिशा देने में किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से युवाओं को सम्मेलन से जोड़ने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि युवा पीढ़ी को प्रवासी उत्तराखंडियों की सफलता, नवाचार और कार्य अनुभवों से रूबरू कराने का अवसर मिलना चाहिए। इससे युवाओं को अपने भविष्य के लिए नई प्रेरणा मिलने के साथ प्रदेश के विकास में योगदान देने के अवसर भी मिल सकेंगे। सम्मेलन में युवाओं की भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के पंजीकरण, उद्घाटन सत्र और प्रतिष्ठित प्रवासी उत्तराखंडी अतिथियों के संबोधन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही अलग-अलग विषयों पर आयोजित होने वाली पैनल चर्चाओं के लिए विशेषज्ञों और पैनलिस्ट के चयन, सत्रों की समयावधि तथा पूरे कार्यक्रम के क्रम को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। 

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सम्मेलन के प्रत्येक सत्र का उद्देश्य स्पष्ट हो और कार्यक्रम इस तरह तैयार किया जाए कि प्रतिभागियों को सार्थक चर्चा और विचार साझा करने का अवसर मिल सके। सांस्कृतिक संध्या भी सम्मेलन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसके आयोजन के साथ यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सम्मेलन में देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग पहले से अपनी तैयारियां पूरी कर लें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सम्मेलन से जुड़े सभी कार्यों की विस्तृत चेकलिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उसकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाए। प्रवासी प्रकोष्ठ और संबंधित अधिकारियों को मंगलवार तक कार्यक्रम की प्रस्तावित रूपरेखा तथा आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने को कहा गया। बैठक में अधिकारियों ने सम्मेलन की तैयारियों को लेकर प्रस्तुतिकरण भी दिया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सम्मेलन को सुव्यवस्थित, प्रभावी तथा उद्देश्यपूर्ण बनाने के निर्देश दिए। 

उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में भी रोजगार दिलाएगी धामी सरकार

उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के भीतर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ही युवाओं को विदेशों में नौकरी दिलाने की दिशा में भी पहल की जा रही है। इसके लिए कौशल प्रशिक्षण से लेकर रोजगार और नियुक्ति तक की पूरी व्यवस्था तैयार करने पर सरकार का जोर है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इसमें स्पेक्ट्रम टैलेंट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से उत्तराखंड में रोजगार के अवसर विकसित करने और प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने के प्रस्ताव पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में प्रस्तावित योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए इसे धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी रोजगार योजना को सफल बनाने के लिए उसका आर्थिक और व्यावहारिक मॉडल स्पष्ट होना जरूरी है। उन्होंने कंपनी को सबसे पहले प्रस्तावित योजना का रेवेन्यू मॉडल तैयार करने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट करने के निर्देश दिए कि इस पहल के माध्यम से कितने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा और इसके लिए किन-किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने की ठोस व्यवस्था भी होनी चाहिए। इसके लिए कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया का स्पष्ट खाका तैयार किया जाए। कंपनी को यह भी बताना होगा कि प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर किस तरह स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई जाएगी। मुख्य सचिव ने रोजगार बाजार की वास्तविक मांग को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया। 

उन्होंने कहा कि युवाओं को उन्हीं क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, जहां रोजगार की संभावनाएं अधिक हों। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों की मांग का आकलन कर प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की जाए। अनुभवी और योग्य प्रशिक्षकों की पहचान कर उनके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस पूरी पहल में महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई। मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को भी स्वरोजगार और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर विकसित होने के साथ युवाओं को अपने कौशल के आधार पर देश और विदेश में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। मुख्य सचिव ने कंपनी को प्रस्तावित योजना के प्रत्येक चरण के लिए समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की व्यवस्था और नियुक्ति से जुड़ी सभी गतिविधियों की अलग-अलग समयसीमा तय की जाए, ताकि योजना की प्रगति का आकलन किया जा सके। इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों की सहभागिता से एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने को भी कहा गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों, कंपनी और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित कर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कंपनी को प्रस्तावित योजना के लिए नेशनल स्टीयरिंग कमेटी से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के निर्देश भी दिए। 

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