केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लेकर राज्यसभा की राजनीति में चल रही अटकलों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश से उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा था कि क्या भाजपा उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजेगी या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी। अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित कर इन अटकलों को काफी हद तक विराम दे दिया है। पार्टी के इस फैसले को पुरी के संसदीय कार्यकाल को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भाजपा के इस निर्णय से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व हरदीप सिंह पुरी को संसद के उच्च सदन में बनाए रखने के पक्ष में है। हालांकि, उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने और परिणाम आने के बाद ही उनकी नई पारी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। मध्य प्रदेश की जिस राज्यसभा सीट पर उपचुनाव होना है, वह पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। चुनाव के लिए मतदान और मतगणना की तारीख 12 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है।
पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब उनके मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल की समाप्ति में एक महीने से भी कम समय शेष रह जाएगा। ऐसे में भाजपा के इस कदम को संगठन और संसदीय रणनीति, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने से यह भी स्पष्ट हो गया है कि भाजपा नेतृत्व ने उनके राजनीतिक अनुभव और केंद्रीय स्तर पर उनकी भूमिका को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक और कार्यकाल देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि, अभी चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी। पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पुरी की घोषणा के बाद अब राजनीतिक नजरें इस सीट पर होने वाले उपचुनाव पर टिक गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुरी का मौजूदा कार्यकाल उत्तर प्रदेश से है, जबकि अब उन्हें मध्य प्रदेश की खाली हुई सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
इससे उनके राज्यसभा में बने रहने की संभावनाओं को नया आधार मिला है। राज्यसभा की सदस्यता के लिए किसी दूसरे राज्य से उम्मीदवार बनाए जाने की स्थिति में संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। ऐसे में इस चुनाव में मध्य प्रदेश विधानसभा का राजनीतिक गणित महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भाजपा के लिए यह चुनाव केवल एक रिक्त सीट भरने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि संसद के उच्च सदन में अपने प्रतिनिधित्व को बनाए रखने से भी जुड़ा है। हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उनका संसदीय कार्यकाल समाप्त होने की समयसीमा नजदीक है। ऐसे में पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी घोषित किए जाने को उनके राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
12 नवंबर को मतदान, 2 नवंबर तक दाखिल होंगे नामांकन
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान और मतगणना निर्धारित है। उम्मीदवारों को 2 नवंबर तक अपना नामांकन दाखिल करना होगा। चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद मतदान और मतगणना के जरिए सीट पर नए सदस्य का चयन होगा। यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। उनके इस्तीफे के कारण इस सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी। अब भाजपा ने इस सीट के लिए हरदीप सिंह पुरी के नाम की घोषणा कर दी है। इससे चुनाव की राजनीतिक तस्वीर को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।
हरदीप सिंह पुरी का उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। यही वजह है कि उनके अगले कार्यकाल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या पार्टी उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का निर्णय लेगी। अब मध्य प्रदेश की सीट से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भाजपा ने इस सवाल का जवाब अपने फैसले के जरिए दे दिया है। हालांकि, उम्मीदवार घोषित होना और राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होना दो अलग-अलग चरण हैं। पुरी को नई सीट से राज्यसभा पहुंचने के लिए चुनावी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मतदान के दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा के विधायक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव का परिणाम तय करेगा कि खाली हुई सीट पर कौन निर्वाचित होता है।
भाजपा के इस फैसले को हरदीप सिंह पुरी के लिए राहत के रूप में भी देखा जा रहा है। उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति से पहले ही पार्टी ने उनके लिए दूसरी सीट से चुनाव लड़ने का रास्ता खोल दिया है। इससे उनके राज्यसभा में बने रहने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। अब आगे की निगाहें नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया पर रहेंगी। कुल मिलाकर, हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित करना भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का महत्वपूर्ण फैसला है। जिस समय उनके अगले कार्यकाल को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, उसी समय पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर स्पष्ट संकेत दिया है कि वह उन्हें संसद के उच्च सदन में बनाए रखना चाहती है। अब 12 नवंबर को होने वाला चुनाव इस राजनीतिक फैसले के अगले चरण को तय करेगा।


















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