दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को हटाकर नए, कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के सहयोग से बुधवार, 28 अक्टूबर को ‘परिवर्तन’ योजना के तहत परिवहन मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में वाहन मालिकों को पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग से लेकर नए वाहन खरीदने, कर्ज की सुविधा हासिल करने और सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ उठाने तक की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी। खास बात यह है कि योजना के तहत नए वाहन खरीदने पर ओईएम की छूट के अतिरिक्त कम से कम 8 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट, वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 10 वर्षों तक शत-प्रतिशत सड़क कर छूट जैसे लाभों का प्रावधान किया गया है। ऐसे में यह मेला उन ट्रक और बस मालिकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो पुराने वाहनों को बदलना चाहते हैं, लेकिन लागत और वित्तीय व्यवस्था को लेकर असमंजस में हैं। परिवहन मेला 28 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:30 बजे से उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित जिला परिवहन कार्यालय के पास वाहन निरीक्षण इकाई में आयोजित होगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय दिल्ली सरकार के सहयोग से इस पहल को आगे बढ़ा रहा है। मेले का उद्देश्य वाहन मालिकों को योजना से जुड़ी सुविधाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध वित्तीय विकल्पों की जानकारी सीधे संबंधित संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों को बदलने की प्रक्रिया आसान बनाने और अधिक से अधिक वाहन मालिकों को योजना से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। आमतौर पर पुराने ट्रक या बस को बदलने की योजना बनाने वाले वाहन मालिकों के सामने कई तरह की चुनौतियां आती हैं। पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के लिए अधिकृत केंद्र की जानकारी जुटाने से लेकर नए वाहन का मॉडल चुनने, ऋण की व्यवस्था करने और सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ लेने तक अलग-अलग संस्थाओं से संपर्क करना पड़ता है। कई बार सही जानकारी नहीं मिलने या प्रक्रिया की जटिलता के कारण वाहन बदलने का फैसला टल जाता है।
परिवहन मेले के जरिए इन समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा। मेले में वाहन निर्माता कंपनियों और उनके अधिकृत डीलरों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं, बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और योजना से जुड़े नगर गैस वितरण संस्थानों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इन सभी की मौजूदगी से वाहन मालिकों को अपनी जरूरत के अनुसार विकल्पों की तुलना करने और आगे की प्रक्रिया समझने का अवसर मिलेगा। वाहन मालिक यह जान सकेंगे कि उनका पुराना वाहन किस प्रकार स्क्रैप कराया जा सकता है, इसके लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने के क्या लाभ हैं।
वहीं, वाहन निर्माता कंपनियों और डीलरों से नए ट्रक एवं बसों के मॉडल, उनकी कीमत, तकनीकी विशेषताओं और उपलब्ध छूट की जानकारी मिल सकेगी। बैंक तथा वित्तीय कंपनियां वाहन खरीदने के लिए ऋण, ब्याज दर और भुगतान से जुड़ी शर्तों के बारे में मार्गदर्शन देंगी। इसके साथ ही तेल विपणन कंपनियों और नगर गैस वितरण संस्थानों के प्रतिनिधियों से ईंधन संबंधी विकल्पों और योजना के तहत उपलब्ध लाभों की जानकारी भी ली जा सकेगी। सरकार की कोशिश है कि वाहन मालिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध हो।
प्रदूषण कम करने के साथ वाहन मालिकों को आर्थिक राहत देने की पहल
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लंबे समय से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। पुराने वाणिज्यिक वाहन भी प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पुराने ट्रकों और बसों को अधिक पर्यावरण-अनुकूल वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहित करना सरकार की इस योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ‘परिवर्तन’ योजना इसी दिशा में वाहन मालिकों को आर्थिक प्रोत्साहन और व्यावहारिक सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। योजना में केवल पुराने वाहन को हटाने पर जोर नहीं दिया गया है, बल्कि उसकी जगह नया वाहन खरीदने की लागत को कम करने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसके तहत वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से मिलने वाली सामान्य छूट के अतिरिक्त कम से कम 8 प्रतिशत अतिरिक्त छूट का प्रावधान है। इसके अलावा नए वाहन के लिए लिए जाने वाले ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इन सुविधाओं का उद्देश्य वाहन मालिकों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम करना है, ताकि वे पुराने वाहनों के स्थान पर अपेक्षाकृत स्वच्छ तकनीक वाले वाहन खरीदने का निर्णय ले सकें।
योजना के अंतर्गत पात्र वाहन मालिकों को 10 वर्षों तक सड़क कर में 100 प्रतिशत छूट देने का भी प्रावधान है। इससे नए वाहन के संचालन से जुड़े खर्च में राहत मिल सकती है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए एकमुश्त लाभ की व्यवस्था भी शामिल है। इसके साथ ही मासिक ईंधन वाउचर और जहां लागू हो, वहां पंजीकरण शुल्क से छूट जैसे प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ लेने से पहले वाहन मालिकों के लिए योजना की पात्रता, संबंधित शर्तों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी हासिल करना जरूरी होगा। परिवहन मेले में मौजूद संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों से इस संबंध में मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, ‘परिवर्तन’ पोर्टल पर अब तक करीब 40,000 लाभार्थी पंजीकरण करा चुके हैं। यह आंकड़ा योजना के प्रति वाहन मालिकों की रुचि को दर्शाता है।
परिवहन मेले के माध्यम से सरकार अधिक से अधिक ट्रक और बस मालिकों तक पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है, ताकि वे उपलब्ध सुविधाओं को समझकर योजना से जुड़ सकें। मेले में वाहन मालिकों को पंजीकरण, आवेदन और प्रोत्साहनों का लाभ लेने से जुड़ी प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्हें यह जानकारी भी मिल सकेगी कि पुराने वाहन की स्क्रैपिंग और नए वाहन की खरीद को किस तरह एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर में वाणिज्यिक वाहनों का बड़ा नेटवर्क होने के कारण इस पहल का असर परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर भी पड़ सकता है। पुराने ट्रकों और बसों को बदलने से जहां वाहन मालिकों को नए वाहनों की सुविधाओं और संभावित आर्थिक लाभों का फायदा मिल सकता है, वहीं स्वच्छ ईंधन और आधुनिक तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे में 28 अक्टूबर को बुराड़ी में आयोजित होने वाला परिवहन मेला वाहन मालिकों के लिए योजना की जानकारी हासिल करने और अपने पुराने वाहनों को बदलने की दिशा में अगला कदम उठाने का अवसर बनेगा।


















Leave a Reply