Advertisement

त्योहारी सीजन में सस्ता हुआ सोना-चांदी, कीमतों में बड़ी गिरावट से खरीदारों को राहत

दिवाली से पहले सोने और चांदी की खरीदारी करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमती धातुओं की कीमतों में आई गिरावट राहत की खबर लेकर आई है। बीते कई दिनों से जारी नरमी के बीच मंगलवार को भी घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी पर दबाव बना रहा। सोने की कीमत में करीब 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी लगभग 2.1 प्रतिशत टूट गई। इसके चलते सोना 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.91 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई। त्योहारों के मौसम में आमतौर पर सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए अहम है, जो गहने, सिक्के या चांदी के बर्तन खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, बाजार में आई गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सभी ग्राहकों को समान अनुपात में सस्ता सोना-चांदी मिलेगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर कारोबार होने वाली कीमतें वायदा बाजार की होती हैं। आभूषण खरीदते समय स्थानीय बाजार का भाव, सोने की शुद्धता, आभूषण बनाने का शुल्क, वस्तु एवं सेवा कर और अन्य लागू शुल्क भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार में भाव की जानकारी लेना जरूरी है।

घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को सोने का भाव लगभग 1,42,259 रुपये से 1,42,902 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सोने की कीमत में करीब 0.43 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। लगातार गिरावट के चलते ऊंचे स्तर पर सोना खरीदने वालों के लिए बाजार की मौजूदा स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोना अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 50,700 रुपये तक नीचे आ चुका है। इतनी बड़ी नरमी के बाद निवेशकों और खरीदारों की निगाहें इस बात पर हैं कि आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आती है या गिरावट का सिलसिला जारी रहता है। चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले अधिक दबाव दिखाई दिया। मंगलवार को चांदी करीब 2.1 प्रतिशत गिरकर 1,91,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई। अलग-अलग कारोबारी आंकड़ों में इसका भाव 1,91,000 रुपये से 1,96,000 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में बताया गया। चांदी में आई तेज गिरावट की वजह से उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो दिवाली पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरी वस्तुएं खरीदना चाहते हैं।

हालांकि, चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत तेज हो सकता है। औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और निवेशकों की खरीद-बिक्री का असर इसके भाव पर पड़ता है। इसलिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर कीमतों में आगे भी इसी तरह नरमी बने रहने का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स पर सोना लगभग 4,016 से 4,030 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी का भाव करीब 52.85 से 54 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और निवेशकों का रुख सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं। घरेलू बाजार में रुपये और डॉलर की विनिमय दर तथा आयात लागत का असर भी देखने को मिलता है।

ऊंची ब्याज दरों की आशंका और बिकवाली से कीमतों पर दबाव

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऊंची ब्याज दरें लंबे समय तक बने रहने की आशंका से सोने जैसे ऐसे निवेशों पर दबाव पड़ सकता है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। जब निवेशकों को ब्याज देने वाले विकल्प आकर्षक लगते हैं, तो वे अपने निवेश का कुछ हिस्सा दूसरी जगह लगा सकते हैं। इससे सोने की मांग प्रभावित होने और कीमतों में गिरावट आने की संभावना रहती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली का दबाव और निवेशकों की कमजोर मांग भी कीमती धातुओं के भाव को नीचे खींच सकती है। यदि निवेशक ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूलने लगते हैं, तो बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। 

हालांकि, सोने का बाजार कई कारकों से प्रभावित होता है। वैश्विक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और डॉलर की मजबूती या कमजोरी आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा बदल सकती है। दिवाली से पहले खरीदारी करने वालों के लिए मौजूदा गिरावट एक अवसर हो सकती है, लेकिन फैसला अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से करना चाहिए। यदि आभूषण खरीदना जरूरी है, तो अलग-अलग दुकानों पर सोने की शुद्धता, प्रति ग्राम भाव, बनाने के शुल्क और कुल बिल की तुलना करें। हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदना और बिल लेना भी जरूरी है। 

वहीं, निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को बाजार में उतार-चढ़ाव और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। सोने और चांदी की कीमतों में आई नरमी ने दिवाली से पहले बाजार का रुख बदल दिया है। फिर भी आने वाले दिनों में भाव किस दिशा में जाएंगे, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। खरीदारों के लिए बेहतर यही है कि वे ताजा भाव की पुष्टि करें, जल्दबाजी में निर्णय न लें और खरीदारी से पहले कुल खर्च का हिसाब जरूर लगाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *