जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू, अब यात्री 4 घंटे 50 मिनट में पहुंच सकेंगे, सफर हुआ आसान 

जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित सौगात आखिरकार हकीकत बन गई है। जम्मू तवी से श्रीनगर तक सीधी वंदे भारत ट्रेन सेवा का नियमित संचालन आज शनिवार से शुरू हो गया है, जिसने न सिर्फ यात्रा को तेज बनाया है बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा दी है। 30 अप्रैल को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस आधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था और अब यह सेवा आम यात्रियों के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो चुकी है। 20 कोचों से लैस यह अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 267 किलोमीटर की दूरी तय करती है। खास बात यह है कि यह ट्रेन औसतन 55 से 57 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती हुई यात्रियों को मात्र 4 घंटे 50 मिनट में गंतव्य तक पहुंचा देती है। 

जहां पहले इस रूट पर यात्रा करना समय लेने वाला और कई बार चुनौतीपूर्ण होता था, वहीं अब यह सफर आरामदायक, तेज और सुरक्षित हो गया है। इस सेवा की शुरुआत के साथ ही जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिला है। सड़क मार्ग से होने वाली कठिन और लंबी यात्रा की तुलना में अब यात्रियों को एक बेहतर विकल्प मिल गया है। पहाड़ी रास्तों, मौसम की अनिश्चितता और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से राहत मिलना इस सेवा की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पहले दिन से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं। जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आईं। स्टेशन परिसर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और यात्रियों की सघन जांच की गई। यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है, जिससे वे बेफिक्र होकर यात्रा कर सकें। 

समय-सारणी की बात करें तो इस रूट पर दो वंदे भारत ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। पहली ट्रेन संख्या 26401 सुबह 06:20 बजे जम्मू तवी से रवाना होती है और 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचती है। वापसी में यही ट्रेन (26402) दोपहर 02:00 बजे श्रीनगर से चलकर शाम 06:50 बजे जम्मू तवी पहुंचती है। इसके अलावा दूसरी वंदे भारत ट्रेन (26404) सुबह 08:00 बजे श्रीनगर से चलती है और 12:40 बजे जम्मू पहुंचती है। वहीं वापसी में (26403) दोपहर 01:20 बजे जम्मू से रवाना होकर शाम 06:00 बजे श्रीनगर पहुंचती है। इस तरह यात्रियों को दिन में कई विकल्प मिलते हैं, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा कर सकते हैं। इस रूट पर ट्रेन के ठहराव को भी यात्रियों की जरूरत के अनुसार तय किया गया है। पहली ट्रेन संगड़, रामनगर, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, रियासी और बनिहाल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है। वहीं दूसरी ट्रेन को तेज कनेक्टिविटी के लिए सीमित स्टॉप दिए गए हैं और यह केवल बनिहाल और कटड़ा स्टेशनों पर ही रुकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन किया था 

इस रेल सेवा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी शुरुआत से पहले ही इसे लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। दरअसल, इस परियोजना की नींव 6 जून 2025 को उस समय रखी गई थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर इसका उद्घाटन किया था। शुरुआती दौर में इस ट्रेन को केवल 8 कोचों के साथ चलाया गया था, क्योंकि उस समय यात्रियों की संख्या और मांग का आकलन किया जा रहा था। लेकिन जैसे ही सेवा शुरू हुई, इसे यात्रियों का जबरदस्त समर्थन मिला। घाटी और जम्मू के बीच यात्रा करने वाले लोगों ने इस ट्रेन को हाथोंहाथ लिया, जिसके चलते इसकी सीटें तेजी से भरने लगीं। 

लगातार बढ़ती मांग और यात्रियों के दबाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लेते हुए ट्रेन की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया। इसी के तहत अब इस वंदे भारत एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक यात्रियों को इस सुविधा का लाभ मिल सके। यह विस्तार न सिर्फ यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि यह रेल सेवा भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आवाजाही—तीनों क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। यह सेवा जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। कश्मीर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी खुलेंगे। इसके साथ ही, यह परियोजना देश के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी आधुनिक रेल सेवाओं के विस्तार के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। जम्मू तवी से श्रीनगर तक शुरू हुई वंदे भारत ट्रेन सेवा केवल एक परिवहन सुविधा नहीं है, बल्कि यह विकास, प्रगति और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है।

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