दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेंगी 200 नई इलेक्ट्रिक बसें, महिलाओं के लिए 56 विशेष बस सेवाओं की शुरुआत

दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के सड़कों पर उतरने के साथ दिल्ली परिवहन निगम के बस बेड़े की संख्या बढ़कर करीब 6,800 हो गई है। खास बात यह है कि नई बसों में 56 बसें महिलाओं के लिए विशेष रूप से संचालित की जाएंगी। सरकार का दावा है कि नई बस सेवाओं से राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। महिलाओं के लिए शुरू की गई विशेष बस सेवा को दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक सुरक्षित तथा सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बसों के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नई पहल में महिलाओं के लिए शुरू की गई विशेष बस सेवा उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय कॉलेज और घर के बीच आने-जाने के लिए विश्वविद्यालय की विशेष बसों की सुविधा उपलब्ध थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले 28 वर्षों से ऐसी बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं और अब उन्हें दोबारा शुरू किया गया है।

नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली के सार्वजनिक बस बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 4,938 हो गई है। इसके अलावा 1,750 सीएनजी बसें भी बेड़े का हिस्सा हैं। सरकार के अनुसार, देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली में संचालित हो रही हैं। इससे राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को धीरे-धीरे स्वच्छ ऊर्जा आधारित व्यवस्था की ओर ले जाने की कोशिश को बल मिलेगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी महिलाओं के लिए शुरू की गई विशेष बस सेवा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह उनके लिए सुरक्षित परिवहन का माध्यम उपलब्ध कराएगी। राजधानी में बड़ी संख्या में छात्राएं रोजाना कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों तक सार्वजनिक परिवहन से पहुंचती हैं। ऐसे में सीधे और विशेष बस मार्ग शुरू होने से उन्हें आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर भी इस पहल की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाओं के लिए यह दिन खास है। नई विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के माध्यम से राजधानी के कई प्रमुख कॉलेजों को सीधे परिवहन सुविधा से जोड़ा जाएगा। इनमें हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, हंसराज कॉलेज और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान शामिल हैं। 

महिलाओं के लिए विशेष बस सेवाओं का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा देना नहीं है, बल्कि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना भी है। खासकर उन मार्गों पर जहां सुबह और शाम के समय यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, विशेष बस सेवा से भीड़ के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार ने इस सेवा के लिए कई उच्च मांग वाले मार्गों को चिन्हित किया है। योजना के तहत दिल्ली परिवहन निगम 15 अधिक मांग वाले मार्गों पर महिलाओं के लिए विशेष बसों के 30 फेरे संचालित करेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय से जुड़ी महिला विशेष बस सेवा के तहत 13 मार्गों पर 26 फेरे लगाए जाएंगे। इस तरह छात्राओं और महिलाओं को कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे।

इलेक्ट्रिक बसों के साथ चार्जिंग ढांचे पर भी जोर

दिल्ली सरकार ने केवल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर ही जोर नहीं दिया है, बल्कि इनके संचालन के लिए जरूरी चार्जिंग ढांचे को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजघाट डिपो-एक में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे का निर्माण करने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत लोगों को सब्सिडी भी दे रही है। चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से निजी इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने के लिए डिपो स्तर पर चार्जिंग व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। नई बसों को नियमित रूप से सड़कों पर उतारने के लिए पर्याप्त चार्जिंग क्षमता उपलब्ध होना परिवहन व्यवस्था की अहम कड़ी है। दिल्ली सरकार ने राजधानी के भीतर सार्वजनिक परिवहन के साथ-साथ अंतरराज्यीय बस सेवा को भी इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में दिल्ली-करनाल मार्ग पर पांच पूरी तरह इलेक्ट्रिक और वातानुकूलित अंतरराज्यीय बसें भी शुरू की गई हैं। इन बसों के संचालन से दिल्ली और हरियाणा के बीच सफर करने वाले यात्रियों को आधुनिक और अपेक्षाकृत पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए आरामदायक विकल्प उपलब्ध करा सकती हैं।

दिल्ली जैसे महानगर में सार्वजनिक परिवहन लाखों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है। विशेष रूप से छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में 56 विशेष इलेक्ट्रिक बसों का संचालन राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इन बसों को प्रमुख कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जोड़ने का उद्देश्य छात्राओं की यात्रा को आसान बनाना है। हिंदू कॉलेज, रामजस, दौलत राम, श्रीराम कॉलेज, लेडी श्रीराम, गार्गी, हंसराज और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे संस्थानों तक सीधी सेवा उपलब्ध होने से कई छात्राओं को रोजाना परिवहन के लिए कम विकल्प बदलने पड़ सकते हैं।

दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा का हिस्सा भी बढ़ेगा। इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक ईंधन पर चलने वाले वाहनों की तुलना में स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करने में मदद करती हैं। दिल्ली जैसे प्रदूषण प्रभावित महानगर में सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई 200 इलेक्ट्रिक बसों, 56 महिला विशेष बस सेवाओं, सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन और दिल्ली-करनाल मार्ग पर इलेक्ट्रिक अंतरराज्यीय बसों की शुरुआत को एक साथ देखें तो सरकार राजधानी की परिवहन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में इन सेवाओं का विस्तार होने के साथ यात्रियों को अधिक मार्गों पर आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *