कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब पीएफ खाते में जमा रकम की जानकारी लेने, पासबुक देखने या खाते में हुए लेन-देन का ब्योरा हासिल करने के लिए न तो ईपीएफओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही बार-बार आधिकारिक पोर्टल पर लॉगइन करना होगा। कर्मचारी अपने मोबाइल फोन पर वॉट्सऐप के माध्यम से ही पीएफ खाते से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफओ की आधिकारिक वॉट्सऐप सेवा शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य पीएफ अंशधारकों को घर बैठे सुविधाएं उपलब्ध कराना और छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालयों पर उनकी निर्भरता कम करना है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने एक नवंबर 2026 को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस नई सेवा की शुरुआत की। इसके बाद पीएफ खाताधारकों के लिए अपने खाते से संबंधित जानकारी प्राप्त करना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसी विशेष मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। सामान्य वॉट्सऐप के जरिए ही निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी हासिल कर सकेंगे।
ईपीएफओ की इस नई व्यवस्था में पीएफ खाताधारकों को कई तरह की सुविधाएं एक ही माध्यम पर उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है। नौकरीपेशा लोगों को अक्सर यह जानने के लिए परेशानी होती है कि उनके पीएफ खाते में कितनी रकम जमा है, नियोक्ता की ओर से कितना अंशदान आया है और हाल में खाते में कितने लेन-देन हुए हैं। कई बार तकनीकी समस्या या पासवर्ड संबंधी दिक्कतों के कारण पोर्टल पर जानकारी प्राप्त करना भी मुश्किल हो जाता है। अब वॉट्सऐप सेवा के माध्यम से इन समस्याओं को कम करने का प्रयास किया गया है। इस सुविधा के तहत कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का विवरण देख सकेंगे। इसके अलावा खाते की पासबुक से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। पासबुक के माध्यम से कर्मचारी अपने और नियोक्ता की ओर से जमा किए गए अंशदान का विवरण समझ सकते हैं। इससे उन्हें यह पता लगाने में आसानी होगी कि हर महीने उनके वेतन से काटी गई पीएफ की रकम खाते में जमा हुई है या नहीं।
नई सेवा के तहत खाताधारकों को अपने खाते में हुए पिछले पांच लेन-देन की जानकारी भी मिल सकेगी। इससे हाल में जमा हुई रकम, अंशदान और खाते से संबंधित अन्य गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। कर्मचारियों को अब हर बार पोर्टल खोलकर अलग-अलग विकल्प तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल पर उपलब्ध वॉट्सऐप के जरिए ही वे जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से जुड़ी सहायता भी इस व्यवस्था में शामिल की गई है। योजना के पात्र लाभार्थियों और इससे संबंधित जानकारी चाहने वाले लोगों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे रोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को भी जानकारी हासिल करने में सुविधा मिलेगी।
कर्मचारी ऐसे करें वॉट्सऐप सेवा का इस्तेमाल
ईपीएफओ की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को कुछ आसान प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में ईपीएफओ का आधिकारिक वॉट्सऐप नंबर 8796441800 सेव करना होगा। इसके बाद वॉट्सऐप खोलकर इस नंबर पर ‘Hi’ या ‘Hello’ लिखकर संदेश भेजना होगा। ध्यान रहे कि संदेश उसी मोबाइल नंबर से भेजा जाना चाहिए, जो कर्मचारी के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन से पंजीकृत है। संदेश भेजने के बाद वॉट्सऐप पर स्वचालित संवाद व्यवस्था के माध्यम से आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें सबसे पहले अपनी पसंद की भाषा चुनने का विकल्प मिल सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं का मेन्यू दिखाई देगा। कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार पीएफ बैलेंस, पिछले पांच लेन-देन या पासबुक से संबंधित विकल्प चुन सकेंगे। निर्धारित पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस सुविधा का इस्तेमाल करते समय कर्मचारियों को कुछ सावधानियां भी बरतनी होंगी। उन्हें केवल ईपीएफओ के सत्यापित आधिकारिक वॉट्सऐप नंबर पर ही संदेश भेजना चाहिए। किसी अनजान नंबर से आने वाले संदेशों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अपना यूएएन पासवर्ड, बैंक खाते का विवरण और गोपनीय पहचान संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। डिजिटल माध्यम से पीएफ खाते की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा के साथ उसकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
एक हजार रुपये तक वाले निष्क्रिय पीएफ खातों का पैसा भी मिलेगा अपने आप
ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस पर केवल वॉट्सऐप सेवा ही शुरू नहीं की गई, बल्कि निष्क्रिय पीएफ खातों में फंसी छोटी रकम को खाताधारकों तक पहुंचाने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत एक हजार रुपये या उससे कम राशि वाले पात्र निष्क्रिय पीएफ खातों का स्वतः निपटान किया जाएगा। इस व्यवस्था में पात्र खाताधारकों को अपना पैसा निकालने के लिए अलग से दावा प्रपत्र भरने की आवश्यकता नहीं होगी। अक्सर ऐसा होता है कि कर्मचारी नौकरी बदलने, सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से पुराने पीएफ खाते का इस्तेमाल बंद कर देते हैं। समय बीतने के साथ ऐसे खाते निष्क्रिय हो जाते हैं और उनमें जमा छोटी रकम लंबे समय तक खातों में ही पड़ी रहती है। कई बार खाताधारकों को इसकी जानकारी भी नहीं होती या दावा करने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण वे अपनी जमा राशि प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने स्वतः निपटान की व्यवस्था शुरू की है।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ सभी निष्क्रिय खातों को नहीं मिलेगा। इसके लिए आधार से सत्यापित निष्क्रिय पीएफ खाते में एक हजार रुपये तक की राशि होना जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति की पहचान और बैंक खाते का निर्धारित सत्यापन किया जाएगा। सभी जरूरी जांच पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों की रकम सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। ईपीएफओ के अनुसार, इस पहल के पहले चरण में लगभग एक लाख निष्क्रिय खातों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन खातों में करीब पांच करोड़ रुपये की रकम जमा है। इस कदम से उन कर्मचारियों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी, जिनकी छोटी-छोटी बचत लंबे समय से निष्क्रिय खातों में पड़ी हुई है। खास बात यह है कि इसके लिए अलग-अलग खाताधारकों को दावा करने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
केंद्र सरकार की इन दोनों पहलों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर वॉट्सऐप के माध्यम से कर्मचारी अपने पीएफ खाते की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे, वहीं दूसरी ओर निष्क्रिय खातों में फंसी पात्र छोटी रकम भी बिना व्यक्तिगत दावा प्रपत्र के लाभार्थियों तक पहुंचाई जा सकेगी। इससे करोड़ों पीएफ अंशधारकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।


















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