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बदरीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास पहाड़ी से टकराकर क्रैश, छह लोगों की मौत की आशंका 

उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के बीच एक बार फिर हवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से लौट रहा एक हेलीकॉप्टर शुक्रवार को जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मारवाड़ी क्षेत्र में हाथी पर्वत और चाई गांव के आसपास की पहाड़ियों में होने की शुरुआती जानकारी सामने आई है। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार बताए जा रहे हैं। शुरुआती खबरों में सभी छह लोगों की मौत की आशंका जताई गई है। हालांकि, मृतकों की संख्या और पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि तथा विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को लेकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में अचानक उसका संपर्क टूट गया। कुछ ही देर बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय हो गया। 

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हेलीकॉप्टर दुर्घटना की पुष्टि करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें आपसी समन्वय के साथ मौके पर कार्रवाई कर रही हैं। दुर्घटनास्थल तक पहुंचने और वहां की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए खोज अभियान चलाया जा रहा है। 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर में एक पायलट और पांच यात्री सवार थे। सभी यात्री बदरीनाथ धाम में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों से भी घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल यात्रियों की पहचान और उनके गृह राज्यों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ट्रांस भारत एविएशन का बताया जा रहा हेलीकॉप्टर, खराब मौसम के बीच हुआ हादसा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का था। इसके पंजीकरण नंबर को लेकर भी वीटी-एचसीएक्स की जानकारी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान जोशीमठ के मारवाड़ी क्षेत्र के आसपास इसका संपर्क टूट गया। इसके बाद हाथी पर्वत और चाई गांव के निकट पहाड़ी क्षेत्र में इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। बाद में हेलीकॉप्टर का मलबा मिलने की खबर भी सामने आई। जिस क्षेत्र में यह दुर्घटना हुई है, वह ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाला इलाका है। यहां मौसम में तेजी से बदलाव होता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल, बारिश, बर्फबारी और कम दृश्यता के कारण हवाई उड़ानों के संचालन में कठिनाइयां आती हैं। हादसे के समय इलाके में बर्फबारी और खराब मौसम की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मौसम की स्थिति, तकनीकी खराबी अथवा अन्य संभावित कारणों की जांच के बाद ही हादसे की असल वजह सामने आ सकेगी।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई हैं। विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और कम समय में दर्शन करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए इन सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। बदरीनाथ, केदारनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास पहाड़ी भूगोल के कारण हेलीकॉप्टर संचालन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में इस दुर्घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई सेवाओं की सुरक्षा और मौसम संबंधी नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में इससे पहले भी हेलीकॉप्टरों की आपात लैंडिंग और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी वर्ष मई में ट्रांस भारत एविएशन के एक हेलीकॉप्टर को बदरीनाथ धाम से देहरादून लौटते समय तकनीकी परेशानी के कारण टिहरी जिले के सत्यों-सकलाना क्षेत्र में आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस घटना में हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा बिजली की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया था, लेकिन उसमें सवार सभी छह लोग सुरक्षित बच गए थे। 

शुक्रवार को जोशीमठ के पास हुई दुर्घटना ने एक बार फिर चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता दुर्घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य, यात्रियों की स्थिति की पुष्टि और हादसे से संबंधित सभी तथ्यों को जुटाना है। विमानन से जुड़ी तकनीकी एजेंसियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हेलीकॉप्टर किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।

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