अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक ऐसी करवट बदली है कि दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में गर्मी का असर कम होने के साथ ठंड का अहसास बढ़ गया है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है। बुधवार रात से शुरू हुआ बदलाव गुरुवार को और व्यापक हो गया। दिल्ली में दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश हुई। तापमान में आई गिरावट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजधानी में चार साल बाद अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। दीपावली के आसपास तक गर्मी महसूस कर रहे लोगों को अचानक बदले मौसम ने ठंड का एहसास करा दिया है। मौसम में आए इस बदलाव का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में भी बादलों और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
कई स्थानों पर रुक-रुककर वर्षा होने से दिन और रात के मौसम में अंतर कम हुआ है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को दिल्ली में मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए अलग-अलग समय पर यलो, आरेंज और रेड अलर्ट जारी किए थे। शुक्रवार को भी आंधी, गरज-चमक और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम रहा। इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस तरह गुरुवार का दिन पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रहा। राजधानी का न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था।
हालांकि दिनभर बादल छाए रहने और बारिश होने के कारण ठंड का असर अधिक महसूस किया गया। दिल्ली के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पालम में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री और आया नगर में 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के झड़ौदा कलां में शाम सात बजे तक सबसे अधिक 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राजधानी के दूसरे इलाकों में भी रुक-रुककर वर्षा होती रही। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश ने गुरुवार को मौसम को पूरी तरह बदल दिया। दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिला। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और चक्रवाती तूफान से बने मौसमी प्रभावों के कारण बादलों की आवाजाही बढ़ी है। बारिश और ठंडी हवाओं ने अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही सर्दी की आहट तेज कर दी है। पहाड़ी राज्यों में भी मौसम के बदलाव का असर महसूस किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अचानक बदले मौसम से बढ़ी मौसमी बीमारियां, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। दीपावली तक गर्मी और उमस का सामना कर रहे लोगों को अब बारिश के बाद ठंड का अहसास हो रहा है। तापमान में एकाएक गिरावट आने से सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों में भी ऐसे लक्षणों वाले मरीजों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के इस बदलाव में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। चिकित्सकों की सलाह है कि लोग बारिश में भीगने से बचें और तापमान में गिरावट को देखते हुए अपने पहनावे में बदलाव करें।
सुबह और शाम के समय ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। उधर, गुरुवार रात भी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार सुबह से भी धीमी गति से वर्षा होने की खबर है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राजधानी में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव ने दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत के मौसम का मिजाज बदल दिया है। बारिश और ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं तापमान में अचानक आई गिरावट ने सर्दी का एहसास बढ़ा दिया है। अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम की इस करवट को उत्तर भारत में सर्दियों की शुरुआती दस्तक के रूप में देखा जा रहा है।


















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