आतंक की छाया से फिर आबाद हुई घाटी, पहलगाम- अनंतनाग में लौटी रौनक, गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर की वादियों की ओर उमड़ा सैलाब

एक समय आतंक और दहशत की खबरों से सुर्खियों में रहने वाली कश्मीर घाटी आज फिर से जिंदगी, मुस्कुराहट और सैलानियों की चहल-पहल से गुलजार दिखाई दे रही है। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने जहां पूरे देश को झकझोर दिया था, वहीं अब उसी पहलगाम और अनंतनाग की वादियों में पर्यटकों की वापसी ने उम्मीद की नई तस्वीर पेश की है। गर्मी की छुट्टियों के बीच देशभर से हजारों पर्यटक घाटी का रुख कर रहे हैं। कोई पहलगाम की हरी-भरी वादियों में सुकून तलाश रहा है तो कोई अनंतनाग के सेब के बागों में घूमते हुए कश्मीर की खूबसूरती को अपने कैमरों में कैद कर रहा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे मैदानी इलाकों के लोगों के लिए इस समय कश्मीर राहत और सुकून का सबसे बड़ा ठिकाना बन गया है। 

महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी पहुंच रहे हैं। पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों पर एक बार फिर रौनक लौट आई है। होटल, टैक्सी, हाउसबोट और स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी लंबे समय बाद संतोष और उम्मीद की मुस्कान दिखाई दे रही है। अनंतनाग के खूबसूरत सेब के बाग इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। यहां आने वाले लोग केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ही नहीं ले रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खानपान को भी करीब से महसूस कर रहे हैं। ताजे सेब का जूस पीते हुए पर्यटक घाटी की ठंडी हवाओं का आनंद ले रहे हैं। 

सोशल मीडिया पर भी कश्मीर की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे और अधिक लोग यहां आने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली थी। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई थी और घाटी में एक बार फिर भय का माहौल बन गया था। लेकिन अब हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी और प्रशासन की सक्रियता के बीच पर्यटक खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। घाटी घूमने पहुंचे पर्यटकों का कहना है कि कश्मीर की असली खूबसूरती को शब्दों या तस्वीरों में पूरी तरह बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यहां के लोग सहयोगी हैं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से वे खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पहलगाम हमले के बाद भी टूटा नहीं पर्यटन का भरोसा, घाटी में फिर लौट रही जिंदगी

कश्मीर में पर्यटकों की यह वापसी केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घाटी में सामान्य हालात लौटने और लोगों के बढ़ते विश्वास की भी बड़ी तस्वीर पेश करती है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि पिछले साल हमले के बाद उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा था। होटल खाली हो गए थे, टैक्सी चालक बेरोजगार हो गए थे और बाजारों में सन्नाटा छा गया था। लेकिन इस साल गर्मी की छुट्टियों ने घाटी के पर्यटन कारोबार में फिर नई जान फूंक दी है। सरकारी आंकड़े भी बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 के बाद पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2016 से 2018 के बीच जहां करीब 4.76 करोड़ पर्यटक जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे, वहीं 2023 से 2025 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 7.85 करोड़ से अधिक हो गया। 

खासतौर पर कश्मीर संभाग में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार 2016-18 के दौरान कश्मीर संभाग में लगभग 59 लाख पर्यटक आए थे, जबकि 2023 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 2.42 करोड़ तक पहुंच गई। हालांकि पहलगाम हमले के बाद वर्ष 2025 में पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई और यह आंकड़ा 98 लाख से घटकर करीब 47 लाख रह गया, लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि घाटी का पर्यटन फिर तेजी से पटरी पर लौट रहा है। जम्मू क्षेत्र में भी धार्मिक पर्यटन लगातार मजबूत हो रहा है। कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। वर्ष 2023 में जहां करीब 90 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, वहीं 2024 में यह संख्या 95 लाख से अधिक हो गई। 

इस साल भी अब तक 69 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जिनके पास पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी है, पहले ही यह कह चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि देश-दुनिया से अधिक से अधिक पर्यटक घाटी की ओर आकर्षित हों। गर्मी की छुट्टियों के बीच जिस तरह से पर्यटक पहलगाम, अनंतनाग और श्रीनगर की ओर बढ़ रहे हैं, उसने यह साफ संकेत दिया है कि कश्मीर के प्रति लोगों का भरोसा फिर मजबूत हो रहा है। घाटी की खूबसूरती, यहां के लोगों की मेहमाननवाजी और सुरक्षा व्यवस्था ने एक बार फिर कश्मीर को देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल कर दिया है।

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