चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम सोमवार शाम केवल एक क्रिकेट मुकाबले का गवाह नहीं बनेगा, बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं का केंद्र भी बनने जा रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स और हैदराबाद की टीम के बीच होने वाले इस मुकाबले से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या महेंद्र सिंह धोनी आज पीली जर्सी में अपने घरेलू मैदान पर आखिरी बार उतरेंगे। मैदान पर नज़रें स्कोरबोर्ड से ज्यादा उस खिलाड़ी पर टिकी होंगी, जिसने वर्षों तक चेन्नई को जीत, भरोसा और पहचान दी। चेन्नई का चेपॉक स्टेडियम आज फिर पीले रंग में रंगा दिखाई देगा। स्टेडियम के हर कोने में सात नंबर की जर्सी पहने प्रशंसक नजर आएंगे। कई लोग सुबह से ही स्टेडियम के बाहर पहुंच जाएंगे, क्योंकि उन्हें केवल मुकाबला नहीं देखना, बल्कि अपने “थाला” की एक झलक पाना है।
पिछले कुछ वर्षों में यह सिलसिला हर सत्र में देखने को मिला है। जैसे ही चेन्नई का मुकाबला आता है, सामाजिक माध्यमों पर एक ही सवाल गूंजने लगता है, क्या धोनी आज खेलेंगे? इस बार यह उत्सुकता पहले से कहीं अधिक है। वजह साफ है। धोनी अब अपने करियर के उस मोड़ पर खड़े दिखाई दे रहे हैं, जहां हर मुकाबला उनके आखिरी मुकाबले जैसा महसूस होने लगा है। चोटों से जूझते शरीर और लगातार बढ़ती शारीरिक परेशानियों के बीच उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। मौजूदा सत्र में अब तक वे कई मुकाबलों में मैदान पर नहीं उतर सके। हालांकि टीम के साथ उनकी मौजूदगी लगातार बनी रही, लेकिन प्रशंसकों को उनके बल्ले और दस्तानों वाली वही पुरानी छवि कम ही देखने को मिली। चेन्नई के प्रशंसकों के लिए धोनी केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भावना हैं। यही कारण है कि हर बार जब उनके संन्यास की चर्चा उठती है, पूरा चेन्नई बेचैन हो उठता है।
वर्ष 2020 से लेकर अब तक लगभग हर सत्र में उनसे संन्यास को लेकर सवाल पूछे जाते रहे हैं। लेकिन धोनी कभी “अभी खत्म नहीं हुआ” तो कभी “अभी नहीं” जैसे संकेत देकर अगले वर्ष लौट आते थे। इसी उम्मीद ने प्रशंसकों को हर बार बांधे रखा। लेकिन इस बार माहौल थोड़ा अलग है। इस बार धोनी की वापसी को लेकर पहले जैसी दृढ़ता दिखाई नहीं दे रही। धोनी ने कुछ समय पहले एक बातचीत में कहा था कि वे अपना आखिरी मुकाबला चेन्नई में अपने प्रशंसकों के बीच खेलना चाहते हैं। यही वजह है कि आज का मुकाबला और भी भावुक माना जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों को डर है कि कहीं यह पीली जर्सी में उनके सबसे प्रिय खिलाड़ी की आखिरी झलक न बन जाए।
हर चौका, हर कदम और मैदान पर उनकी हर मुस्कान आज शायद पहले से ज्यादा ध्यान खींचेगी। धोनी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर भी अचानक और शांत अंदाज में समाप्त हुआ था। वर्ष 2019 के विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उन्होंने फिर भारत के लिए मैदान पर कदम नहीं रखा। इसके बाद 15 अगस्त 2020 को उन्होंने बेहद साधारण तरीके से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। यही धोनी की पहचान भी रही है बिना शोर, बिना विदाई समारोह और बिना भावुक भाषण के अपने फैसले लेना।
प्रशंसक चाहते हैं यादगार विदाई, लेकिन धोनी अब भी टीम को खुद से ऊपर रख रहे
चेन्नई के प्रशंसक अपने सबसे बड़े खिलाड़ी को खामोशी से विदा करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। वे चाहते हैं कि यदि धोनी विदा लें तो वह पल ऐतिहासिक बने। शायद यही वजह है कि चेपॉक में आज का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं होगा। हर कोई अपने कैमरे में धोनी की एक तस्वीर कैद करना चाहता है। हर दर्शक चाहता है कि उसका “थाला” एक बार फिर मैदान पर उसी अंदाज में दिखाई दे, जिसने वर्षों तक क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित किया। हालांकि धोनी अब भी अपनी व्यक्तिगत भावनाओं से ज्यादा टीम को प्राथमिकता देते दिखाई देते हैं। लखनऊ के खिलाफ पिछले दो मुकाबलों में वे फिट बताए जा रहे थे, लेकिन फिर भी मैदान पर नहीं उतरे। माना जा रहा है कि वे टीम के संतुलन को प्रभावित नहीं करना चाहते थे।
यह हमेशा से धोनी की शैली रही है कि वे व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर टीम की जरूरतों को रखते हैं। रविवार को उन्होंने चेपॉक में लंबे समय तक अभ्यास किया। उनके अभ्यास के दौरान भी हजारों प्रशंसक केवल उन्हें देखने के लिए स्टेडियम के बाहर जमा रहे। उनके एक-एक शॉट पर तालियां गूंजती रहीं। इससे साफ संकेत मिला कि धोनी आज मैदान पर उतर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो चेपॉक का माहौल भावनाओं से भर जाएगा।
क्रिकेट जगत भी यह मानता है कि धोनी जैसा खिलाड़ी बार-बार पैदा नहीं होता।
उन्होंने चेन्नई को केवल खिताब नहीं दिलाए, बल्कि इस टीम को एक पहचान दी। मुश्किल परिस्थितियों में शांत रहना, युवा खिलाड़ियों पर भरोसा करना और दबाव में फैसले लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। यही कारण है कि प्रशंसक आज भी उन्हें केवल कप्तान नहीं, बल्कि चेन्नई की आत्मा मानते हैं। अब सबकी निगाहें शाम के उस पल पर टिकी हैं, जब टीम मैदान पर उतरेगी। जैसे ही उद्घोषक महेंद्र सिंह धोनी का नाम लेंगे, पूरा चेपॉक शायद एक साथ गूंज उठेगा। लेकिन उस शोर के पीछे एक डर भी छिपा होगा कहीं यह आखिरी बार तो नहीं?

















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