20 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, मानसून की वापसी के साथ कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी 

देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़े मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 20 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत, राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से बारिश का दायरा बढ़ेगा तथा अनेक राज्यों में तेज से बहुत तेज वर्षा देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे कई क्षेत्रों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अगले छह से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने चेताया है कि अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। दूसरी ओर तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 जुलाई के बीच लू चलने की आशंका जताई गई है। वहीं ओडिशा, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है। 

मौसम विभाग ने 14 जुलाई के लिए देशभर में विभिन्न स्तर की चेतावनियां जारी की हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित 18 राज्यों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, सिक्किम और हिमालय से लगे पश्चिम बंगाल के कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा, जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आईएमडी के अनुसार अगले आठ घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, सिक्किम और असम सहित कई राज्यों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। 

पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका के कारण स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फिलहाल बारिश की संभावना कम बनी हुई है। पिछले कई दिनों तक हुई वर्षा के बाद अब मौसम शुष्क रहने के संकेत हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन वर्षा की संभावना बहुत कम है। इसके कारण दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और लोगों को फिर से गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 18 जुलाई के बीच दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं के बराबर है, हालांकि मौसम में बीच-बीच में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।

यूपी, बिहार और हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी, कई राज्यों में सतर्क रहने की सलाह

उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 14 से 19 जुलाई के बीच कई जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 17 जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना है, जबकि 17 से 19 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से 18 और 19 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक इलाकों में व्यापक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। बिहार में भी अगले कुछ दिन भारी बारिश वाले रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 14 और 15 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होगी। 

14 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 15 से 19 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी वर्षा जारी रह सकती है। इसके साथ ही 13 से 19 जुलाई तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में किसानों, नाव संचालकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश में भी मौसम लगातार सक्रिय बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 13 से 17 जुलाई तक राज्य के अनेक हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है तथा कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। 

पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी सप्ताह में मानसून की सक्रियता बढ़ने से देश के अनेक हिस्सों में मौसम का स्वरूप तेजी से बदल सकता है। जहां कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं कई इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमानों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

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