हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से शनिवार सुबह ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। रोजमर्रा की तरह लोग अपने गंतव्य की ओर निकल रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर कई यात्रियों के लिए आखिरी साबित होगा। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुर्घटना ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जबकि कई लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के उपमंडल चुराह में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर देवीकोठी के समीप चालुज मोड़ के पास यात्रियों से भरी शर्मा ट्रैवलर्स की निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में चालक और परिचालक सहित सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री घायल हो गए।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह निजी बस बैरागढ़ से चंबा की ओर जा रही थी। सुबह के समय बस में लगभग 20 से 25 यात्री सवार थे। जैसे ही बस चालुज मोड़ के पास पहुंची, चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया और बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के इलाके में अफरातफरी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी देरी के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बस से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई है और 11 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
बस हादसे में मृतकों और घायलों की पहचान
बस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में बाहला गांव निवासी 50 वर्षीय जगदेव शर्मा पुत्र धर्म सिंह, 35 वर्षीय देस राज पुत्र त्रिलोचन, 39 वर्षीय तेज सिंह पुत्र प्यारे लाल (परिचालक), 24 वर्षीय जगदेई पुत्री हरि लाल, 43 वर्षीय हरदेई पत्नी जगदेव, देवीकोठी निवासी 34 वर्षीय नीलम पत्नी मोती सिंह तथा चिल्ली गांव निवासी 35 वर्षीय रूप सिंह पुत्र राधा राम (चालक) शामिल हैं। वहीं घायलों में बैरागढ़ निवासी 18 वर्षीय कर्ण सिंह उर्फ साहिल, अयोध्या निवासी 32 वर्षीय सुष्मिता, देवीकोठी निवासी 5 वर्षीय प्रियंका, 4 वर्षीय हर्षु, डिरयाला गांव निवासी 41 वर्षीय पानो देवी, 11 वर्षीय काव्या, 40 वर्षीय धन्नी, घुलेई गांव निवासी 62 वर्षीय धर्मों देवी, 11 वर्षीय अप्रित मंगल, 10 वर्षीय नेहा तथा 34 वर्षीय विजय कुमार शामिल हैं। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सभी घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से घायलों को अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटनास्थल पर व्यवस्था संभाली। क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस तकनीकी और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसा चालक से नियंत्रण खोने के कारण हुआ या फिर किसी यांत्रिक खराबी की वजह से।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे चुराह क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। वहीं घायल यात्रियों के परिजन अस्पतालों के बाहर उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कई मोड़ बेहद खतरनाक हैं और पूर्व में भी यहां दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटा हुआ है। पूरे चंबा जिले में इस हादसे को लेकर शोक की लहर है ।

















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