स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर 19 मोस्ट वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाए हैं। इन आतंकियों को देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। पोस्टरों के जरिए आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि इनमें से किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। दिल्ली पुलिस का दावा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए राजधानी के चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। साथ ही ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
इसी दावे की पड़ताल के लिए राजधानी के कई प्रमुख बाजारों का जायजा लिया गया। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग तस्वीर सामने आई। कुछ स्थानों पर सुरक्षा के मजबूत इंतजाम दिखाई दिए, जबकि कुछ भीड़भाड़ वाले बाजारों में व्यवस्था सामान्य दिनों जैसी ही नजर आई। दिल्ली के ऐतिहासिक और सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल चांदनी चौक में पुलिस की सक्रियता साफ दिखाई दी। बाजार में प्रवेश करने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात मिले। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा कर्मी लगातार गश्त कर रहे थे। इसी तरह कनाट प्लेस में भी सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त दिखाई दी। यहां पुलिसकर्मियों के साथ-साथ विशेष निगरानी दल भी सक्रिय नजर आए। बाजार में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
सरोजिनी नगर मार्केट में भी सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत दिखी। बाजार में पुलिस की नियमित गश्त के अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही थी। कुछ स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों को लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए देखा गया। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए बाजार में सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी। हालांकि राजधानी के सभी बाजारों में एक जैसी तस्वीर नहीं दिखी। पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर और मध्य दिल्ली के करोल बाग जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। इन इलाकों में पुलिस की मौजूदगी सामान्य दिनों जैसी ही दिखाई दी। कई स्थानों पर न तो लोगों की जांच होती नजर आई और न ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष प्रबंध दिखाई दिए। बाजारों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम स्पष्ट रूप से नजर नहीं आए।
भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
गांधी नगर और करोल बाग जैसे बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति सामने आने के बाद पुलिस के हाई अलर्ट संबंधी दावों पर सवाल उठने लगे हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील अवसर पर जहां हजारों लोग बाजारों में पहुंचते हैं, वहां अतिरिक्त निगरानी और जांच व्यवस्था की अपेक्षा की जाती है। लेकिन कई स्थानों पर न तो मचान बनाकर पुलिसकर्मियों की तैनाती दिखाई दी और न ही संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था नजर आई।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले बाजार संभावित रूप से संवेदनशील स्थान होते हैं। ऐसे में इन इलाकों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और नियमित जांच अभियान बेहद जरूरी हैं। यदि सुरक्षा व्यवस्था हर स्थान पर समान रूप से मजबूत नहीं होगी तो असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
सीसीटीवी नेटवर्क पर भरोसा, दिल्ली पुलिस ने दी सफाई
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल पुलिस बल की दृश्य मौजूदगी ही सुरक्षा का पैमाना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार राजधानी के अधिकांश प्रमुख बाजार अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और नियंत्रण कक्ष से इन कैमरों की लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों और खुफिया इकाइयों को भी बाजारों में तैनात किया गया है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। लाल किला और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। शहर के प्रवेश मार्गों पर भी जांच बढ़ा दी गई है और वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी लावारिस वस्तु, संदिग्ध व्यक्ति या असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आम जनता का सहयोग भी राजधानी को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हालांकि कुछ बाजारों में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम दिखाई दिए, वहीं कुछ भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत महसूस की गई। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस के लिए चुनौती यह होगी कि राजधानी के हर हिस्से में सुरक्षा का स्तर समान रूप से प्रभावी और भरोसेमंद बना रहे।

















Leave a Reply