पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार शाम उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक युवक ने उन पर चप्पल फेंक दी। घटना के बाद वहां मौजूद समर्थकों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि यह केवल विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी और आरोपी अपने साथ चाकू भी लेकर आया था। जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव अपने आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान मौजूद लोगों के बीच से एक युवक अचानक आगे बढ़ा और उनकी ओर चप्पल फेंक दी। घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा में तैनात लोगों और समर्थकों ने तत्काल युवक को पकड़ लिया। इस दौरान समर्थकों ने उसकी पिटाई भी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस आरोपी को अपने साथ ले जा रही थी, तब भी कुछ समर्थकों ने उसे घेरकर मारने की कोशिश की।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की पहचान सुमित प्रधान उर्फ सुमित गिरि गोस्वामी के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला बताया जा रहा है। कुछ जानकारियों में उसका नाम सुमित सहपानी भी बताया गया है। पुलिस उसकी वास्तविक पहचान और पृष्ठभूमि की पुष्टि कर रही है। बताया जा रहा है कि वह गाजियाबाद में स्क्रैप के कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति हैप्पी शर्मा भी दिल्ली आया था, जिसकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके ऊपर हमला करने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी चाकू लेकर उनके घर में घुसा था और उसकी मंशा गंभीर थी। पप्पू यादव ने कहा कि कुछ लोग लगातार उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
सांसद ने कहा कि हाल के दिनों में उनके खिलाफ कई तरह के बयान दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा सार्वजनिक रूप से उन्हें जान से मारने और नुकसान पहुंचाने जैसी बातें कही गई थीं। पप्पू यादव ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई घटना सभी के सामने हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरोपी युवक पप्पू यादव से मिलने के बहाने उनके आवास में दाखिल हुआ था। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह अपने साथी के साथ दिल्ली आया था और बाद में इंटरनेट पर खोजकर सांसद के आवास तक पहुंचा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था को पार कर वह अंदर तक कैसे पहुंच गया।
चाकू मिलने के दावे और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि जब आरोपी को पुलिस के हवाले किया गया, तब उसके साथ एक चाकू भी बरामद होने की बात सामने आई। हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि चाकू आरोपी के पास से मिला या किसी अन्य तरीके से उसके कब्जे में आया था। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह भी देखा जा रहा है कि यदि आरोपी वास्तव में चाकू लेकर आया था तो वह सांसद के आवास तक सुरक्षा जांच से बचकर कैसे पहुंच गया। इस संबंध में सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। दिल्ली पुलिस की एक टीम घटना के कुछ समय बाद पप्पू यादव के आवास पहुंची और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
दूसरी ओर, आरोपी सुमित के साथी हैप्पी शर्मा ने मीडिया के सामने दावा किया कि उनका उद्देश्य हमला करना नहीं था। उसका कहना है कि संसद में हाल ही में हुए घटनाक्रम और संतों के कथित अपमान को लेकर वे नाराज थे। उन्होंने केवल विरोध जताने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। आरोपी का अब तक कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और हाल की गतिविधियों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले इस घटना को अंजाम देने आया था या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका थी।
फिलहाल आरोपी सुमित पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं उसके साथी हैप्पी शर्मा की तलाश जारी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच सांसद पप्पू यादव ने घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
















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