देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। इसके साथ ही आने वाले दिनों में मानसून उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों से पीछे हटना शुरू करेगा। मौसम विभाग के अनुसार इसके बाद पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और फिर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र के शेष हिस्सों की ओर इसका असर घटता जाएगा। मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों में बारिश एक साथ पूरी तरह बंद हो जाएगी। मानसून के पीछे हटने की प्रक्रिया चरणबद्ध होती है और अलग-अलग इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग भी मानसून की वापसी तय करते समय बारिश में लगातार कमी, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवाती परिसंचरण और वातावरण में नमी कम होने जैसे संकेतों को देखता है। इसलिए आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने की संभावना बढ़ेगी, जबकि मध्य और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का दौर बना रह सकता है।
उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी इसका असर दिखाई देने लगेगा। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में 22 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। इसके बाद कई इलाकों में आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने या कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून की वापसी के साथ बारिश का प्रभाव कम होने की संभावना है। इन राज्यों में लंबे समय तक बादल और बारिश वाला मौसम रहने के बाद अब मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने की दिशा में बढ़ सकता है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी इस बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
हालांकि देश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में अभी बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 20 और 21 सितंबर को कई राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है। यही वजह है कि मानसून की वापसी के बीच भी कुछ इलाकों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। खासकर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश हो सकती है। 20 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट की स्थिति बताई है। वहीं 21 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट है। यानी मानसून जहां उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटने की तैयारी कर रहा है, वहीं पश्चिमी तट, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
उत्तराखंड में भी अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के तीर्थ क्षेत्र पूर्वानुमान के अनुसार 19 सितंबर को देहरादून में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज-चमक की संभावना है। 20 और 21 सितंबर को भी बारिश या गरज-चमक की संभावना बताई गई है, जबकि 22 सितंबर से मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और दोपहर या शाम के समय आंशिक बादल छाने का पूर्वानुमान है।
20-21 सितंबर को कहां बारिश, कहां बदलेगा मौसम का मिजाज
20 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के साथ छत्तीसगढ़ तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर में असम और मेघालय में भी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अगले दिन यानी 21 सितंबर को बारिश का दायरा थोड़ा बदल सकता है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के अलावा कोंकण-गोवा में भी बारिश की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट है। इस बीच उत्तर भारत में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान से शुरू होने वाली मानसून की वापसी आगे चलकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश तक पहुंच सकती है। इसके बाद मानसून के उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के दूसरे हिस्सों से पीछे हटने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक पूरे देश से मानसून की अंतिम विदाई एक साथ नहीं होती, बल्कि यह अलग-अलग क्षेत्रों से चरणबद्ध तरीके से होती है।
ताजा अपडेट के मुताबिक 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान में मानसून की वापसी की शुरुआत होने की संभावना है। इसके साथ उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियों में कमी का सिलसिला आगे बढ़ सकता है। वहीं 20 और 21 सितंबर को मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में 20 और 21 सितंबर को कुछ इलाकों में बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है, जबकि 22 सितंबर के बाद देहरादून समेत कई क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का पूर्वानुमान है।
यानी आने वाले दिनों में देश के मौसम का मिजाज दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाएगा। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत मानसून की विदाई के साथ अपेक्षाकृत शुष्क मौसम की ओर बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पूर्वी भारत और दक्षिणी राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां 20 और 21 सितंबर को यलो अलर्ट जारी किया गया है।


















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