उत्तराखंड की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव अब जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों को हवाई सफर के साथ ही मिलेगा। यात्रियों की सुविधा, बेहतर यात्रा अनुभव और एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से ‘यात्री सेवा अभियान 2026’ की शुरुआत गुरुवार से कर दी गई है। 17 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों का उत्तराखंड के पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ स्वागत किया जा रहा है। इसके साथ ही पार्किंग, यातायात, स्वच्छता, सुरक्षा, यात्रियों की सहायता और जरूरी सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों को एयरपोर्ट पर सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ यात्रियों से सीधे संवाद भी किया जा रहा है, ताकि उनकी समस्याओं और सुझावों के आधार पर सुधार किए जा सकें। यात्री सेवा अभियान के तहत जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर यात्रियों के आगमन और प्रस्थान से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों को वाहन खड़ा करने में परेशानी न हो, इसके लिए पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। टैक्सी सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन, यात्रियों को उतारने और लेने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। एयरपोर्ट पर भीड़ के समय यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है।
अभियान के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए उपलब्ध सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए सहायता व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। उड़ानों के समय, आगमन और प्रस्थान से संबंधित जानकारी यात्रियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सूचना प्रदर्शन प्रणाली की समीक्षा की जा रही है। दिशा-सूचक, प्रवेश और निकास मार्ग, गेट तथा सामान लेने से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और विशेष जरूरत वाले यात्रियों के लिए व्हीलचेयर समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे यात्रियों को एयरपोर्ट के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में आसानी हो, इसके लिए सहायता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महिला यात्रियों, बच्चों और परिवारों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के दौरान यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों को एयरपोर्ट पर प्रतीक्षा, आवागमन और अन्य जरूरी सेवाओं के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि कमियों की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सके।
यात्री सेवा अभियान के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जा रही है। एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों का पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ स्वागत किया जा रहा है।
इस पहल के जरिए यात्रियों को उत्तराखंड की लोक संस्कृति से परिचित कराने के साथ प्रदेश के आतिथ्य की झलक दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 27 सितंबर को ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उत्तराखंड के स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। एयरपोर्ट पर होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से यात्रियों को प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कराया जाएगा। इससे उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और अन्य यात्रियों के लिए एयरपोर्ट का अनुभव और बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
उत्तराखंड की संस्कृति से लेकर स्वच्छता और आपातकालीन तैयारी तक पर जोर
अभियान में स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर विशेष स्वच्छता दिवस और श्रमदान का आयोजन किया जाएगा। एयरपोर्ट परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ कचरा पृथक्करण, एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक में कमी और ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है। इसके तहत अभ्यास किए जाएंगे, ताकि किसी आपात स्थिति में संबंधित व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से काम कर सकें। यात्रियों और एयरपोर्ट पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अभियान के दौरान यात्रियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों और सुझावों को भी सुना जाएगा।
यात्रियों की ओर से सामने आने वाली समस्याओं के आधार पर स्थानीय स्तर पर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इससे एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं को यात्रियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यात्रियों से सीधे संवाद के अलावा एयरपोर्ट के अग्रिम पंक्ति में तैनात कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कर्मचारियों को विनम्र व्यवहार, स्पष्ट संवाद और यात्री-केंद्रित सेवा से जुड़े पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करना और उनकी सहायता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल 24 दिनों तक यात्रियों की सुविधाओं में सुधार करना नहीं है, बल्कि इन व्यवस्थाओं को एयरपोर्ट की नियमित यात्री सेवा का हिस्सा बनाना भी है। अभियान के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने और अच्छी व्यवस्थाओं को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट उत्तराखंड आने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। ऐसे में यहां सुविधाओं में सुधार और बेहतर आतिथ्य की पहल से यात्रियों को अधिक सहज अनुभव उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।


















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