ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के एक गांव में शनिवार की सुबह ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक ही परिवार के पांच सदस्य घर के अंदर बिस्तर पर मृत मिले। इनमें पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल थे। रात तक जिस घर में परिवार के साथ होने और बच्चों की चहल-पहल की बात सामने आ रही थी, वहां सुबह पांच जिंदगियां खामोश पड़ी थीं। बच्चे न स्कूल जाने के लिए उठे और न ही परिवार का कोई सदस्य बाहर निकला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों को चिंता हुई। जब घर के अंदर जाकर देखा गया तो सभी की मौत हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला श्री पदम, जिसे नंगला श्रीगोपाल भी कहा जाता है, गांव में सामने आई। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता, 11 वर्षीय बेटे लड्डू, सात वर्षीय बेटी मिष्टी और तीन वर्षीय बेटे साक्षात के रूप में हुई है। एक साथ पांच लोगों की मौत ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुरुआती जानकारी में परिवार के रात में नूडल्स और चाय पीने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर संपत्ति विवाद को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में जांच का दायरा केवल खाद्य विषाक्तता तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस दूसरे संभावित कारणों को भी ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है। जानकारी के मुताबिक, महेश का परिवार शुक्रवार रात मेला देखकर घर लौटा था। इसके बाद परिवार ने रात करीब दस बजे नूडल्स, जिन्हें आम बोलचाल में मैगी कहा जाता है, और चाय का सेवन किया और सोने चला गया। सुबह बच्चे परीक्षा और स्कूल के लिए नहीं उठे तो आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलकर अंदर देखने पर पांचों के शव बिस्तर पर पड़े मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। एक ही परिवार के सभी सदस्यों की मौत की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। घर में मौजूद बर्तनों में नूडल्स के अवशेष मिलने की बात सामने आई है। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोजन में कोई संदिग्ध पदार्थ मौजूद था या नहीं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मामले की जांच में जुटी है। हालांकि, केवल रात में खाए गए भोजन को मौत का कारण मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम, विसरा और अन्य वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मृतकों के मुंह से झाग निकलने की बात भी शुरुआती जानकारी में सामने आई है।
इस तथ्य के बाद जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ऐसे लक्षण अपने आप में किसी खास जहर या मौत के निश्चित कारण की पुष्टि नहीं करते। जांच अधिकारियों के सामने यह पता लगाना अहम है कि पांचों की मौत एक ही वजह से हुई या घटनाक्रम में कोई दूसरी परिस्थिति भी शामिल थी। पुलिस घर में मौजूद खाद्य पदार्थों, बर्तनों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य, रात के घटनाक्रम और उनके संपर्क में आए लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
संपत्ति विवाद से हत्या की आशंका तक, हर पहलू पर पुलिस कर रही जांच
इस मामले में दूसरा अहम पहलू परिवार के भीतर चल रहा कथित संपत्ति विवाद है। मृतका ललिता के मायके पक्ष और कुछ पड़ोसियों ने महेश की मां, यानी ललिता की सास, तथा ननदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि करीब छह महीने पहले महेश की मां ने अपने हिस्से की लगभग दस बीघा जमीन और मकान अपनी बेटी तथा दामाद के नाम हस्तांतरित कर दिया था। इसके बाद से परिवार में विवाद बढ़ने की बात कही जा रही है। मायके पक्ष के अनुसार, संपत्ति को लेकर घर में अक्सर कहासुनी होती थी और महेश तथा ललिता पर मकान छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। कुछ पड़ोसियों ने दावा किया है कि घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को भी घर में संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था।
आरोपों के मुताबिक, महेश के परिवार को घर छोड़ने की धमकी तक दी गई थी। इसी पृष्ठभूमि में ललिता के परिजनों ने आशंका जताई है कि परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया गया हो सकता है और खाने में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया हो। हालांकि, ये आरोप और आशंकाएं हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि कथित संपत्ति विवाद का पांचों मौतों से कोई सीधा संबंध था या नहीं। किसी भी व्यक्ति की भूमिका तय करने के लिए बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और वैज्ञानिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी। पुलिस इस संभावना को भी जांच के दायरे में रख रही है कि पारिवारिक तनाव के बीच कोई आत्मघाती कदम उठाया गया हो। हालांकि, फिलहाल इसे भी स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। पांच लोगों की मौत के पीछे हत्या, जहरीले पदार्थ का सेवन, भोजन से जुड़ी गंभीर विषाक्तता या किसी अन्य कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
जांचकर्ताओं को यह भी पता लगाना होगा कि परिवार ने रात में क्या खाया था, भोजन किसने तैयार किया, घर में कौन-कौन मौजूद था और सुबह सबसे पहले शव किसने देखे। इन सवालों के जवाब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं। ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के अनुसार, पांचों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों और विसरा रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह का पता लगाने में जुटी है। फॉरेंसिक जांच और खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट भी मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फिलहाल गांव में शोक और दहशत का माहौल है। एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक रात में ऐसा क्या हुआ कि पूरा परिवार खत्म हो गया। क्या यह भोजन में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी का मामला है, संपत्ति विवाद के पीछे कोई साजिश है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह छिपी है? इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने और वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।


















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