भारतीय सिनेमा की सात दशक पुरानी प्रतिष्ठित पुरस्कार परंपरा मंगलवार को एक नए पड़ाव में प्रवेश करने जा रही है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का भव्य समारोह आज गुजरात के एकतानगर (केवड़िया) में आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कलाकारों, फिल्मकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। खास बात यह है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में पहली बार इसका मुख्य समारोह दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निकट आयोजित होने वाले इस समारोह में देशभर से फिल्म निर्माता, अभिनेता, निर्देशक, तकनीशियन और सिनेमा से जुड़े कलाकार जुटेंगे। समारोह में राष्ट्रपति के साथ केंद्रीय मंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी रहेगी। बॉलीवुड के साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा के कई बड़े नाम भी इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनेंगे।
इस बार सबसे विशेष सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार का है। भारतीय सिनेमा में पांच दशक से अधिक लंबे योगदान और विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा में उल्लेखनीय कार्य के लिए अनुभवी अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। केंद्र सरकार ने सितंबर में दादा साहब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश के आधार पर उनके नाम की घोषणा की थी। वर्ष 1954 में शुरू हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल हैं। इन पुरस्कारों के जरिए फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य को सम्मानित किया जाता है।
पुरस्कारों में देश की अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों, संस्कृतियों और फिल्म निर्माण की विविध शैलियों को स्थान मिलता है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 में रिलीज हुई फिल्मों और उस वर्ष के सिनेमाई योगदान के लिए दिए जा रहे हैं। इस बार सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार ‘आर्टिकल 370’ को मिला है। फिल्म के लिए यामी गौतम को मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। वहीं मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दो कलाकारों को संयुक्त रूप से मिला है। मलयालम फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और हिंदी फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन इस सम्मान के संयुक्त विजेता हैं।
क्षेत्रीय सिनेमा से लेकर बड़ी फिल्मों तक, कई नामों पर रहेगी नजर
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में इस बार भी हिंदी के साथ दक्षिण भारतीय और अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों का प्रभाव दिखाई दे रहा है। ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार दिया जाएगा। रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म का पुरस्कार मिला है। वहीं ‘कल्कि 2898 एडी’ को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म चुना गया है। राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार तमिल फिल्म ‘कैप्टन मिलर’ को दिया गया है। इसके अलावा ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘स्त्री 2’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘अमरन’ जैसी चर्चित फिल्मों ने भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार हासिल किए हैं। इस बार के पुरस्कारों में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली जैसी भाषाओं की फिल्मों और कलाकारों को भी सम्मान मिला है।
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म चुना गया है, जबकि ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र का पुरस्कार मिला है। सरकार के अनुसार इस संस्करण में पहली बार किसी संथाली फिल्म को गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में सम्मानित किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में क्षेत्रीय और भाषाई विविधता की व्यापक मौजूदगी को दर्शाता है। समारोह के आयोजन को लेकर एकतानगर में विशेष तैयारियां की गई हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास लगभग 1,000 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक वातानुकूलित डोम तैयार किया गया है। इसे जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम तकनीक से तैयार किया गया है और समारोह को भव्य स्वरूप देने के लिए आधुनिक ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था की गई है।
मुख्य समारोह की शुरुआत शाम के समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ होगी। इसके बाद राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा और वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा की विभिन्न विधाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों एवं फिल्मकारों को सम्मानित किया जाएगा। दिल्ली के बाहर पहली बार आयोजित हो रहा यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को भविष्य में देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मंत्रालय का कहना है कि इससे भारतीय सिनेमा के इस राष्ट्रीय उत्सव को अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के और करीब ले जाने के साथ देश की भाषाई, सांस्कृतिक और सिनेमाई विविधता को व्यापक मंच मिलेगा।
इस तरह एकतानगर में होने वाला 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह एक ओर वर्ष 2024 की सिनेमाई उपलब्धियों को सम्मानित करेगा, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की आयोजन परंपरा में भी नया अध्याय जोड़ेगा। अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार, ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और ममूटी तथा कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिलने के साथ भारतीय सिनेमा के कई प्रमुख सितारे आज राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होंगे।


















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