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उत्तराखंड में 2027 के चुनाव का बिगुल फूंक गए अमित शाह, भाजपा को दिया 65 पार का लक्ष्य

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकते हुए भाजपा के चुनावी एजेंडे की दिशा साफ कर दी है। शुक्रवार, 6 नवंबर को देहरादून में राज्योत्सव समारोह के मंच से उन्होंने 70 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य सामने रखा और लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान किया। उनके संबोधन में विकास, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और धामी सरकार के फैसले प्रमुखता से छाए रहे। कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति और घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाते हुए शाह ने राहुल गांधी की वोट बचाओ यात्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाने का संकल्प सामने रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। राज्योत्सव के इस आयोजन में 1475 करोड़ रुपये से अधिक की 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। इस तरह अमित शाह का उत्तराखंड दौरा राज्य स्थापना दिवस के समारोह के साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की राजनीतिक प्राथमिकताओं को सामने रखने का अवसर भी बना। अमित शाह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की ओर से लिए गए फैसलों को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता को उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रदेश ने देश में सबसे पहले इसे धरातल पर लागू करने का काम किया है। 

उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद न तो कोई चार शादियां कर सकेगा और न ही तीन तलाक जैसी व्यवस्था का सहारा ले सकेगा। उत्तराखंड की इस पहल के बाद देश के 15 राज्य भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा के लिए यह मुद्दा आगामी चुनाव में अपनी सरकार के फैसलों और वैचारिक प्रतिबद्धता को जनता के सामने रखने का प्रमुख आधार बन सकता है। शाह ने नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में इस कानून के लागू होने से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बिना सिफारिश और अतिरिक्त खर्च के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। युवाओं के रोजगार से जुड़े इस मुद्दे को उन्होंने धामी सरकार की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। धर्मांतरण विरोधी कानून को भी उन्होंने राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके अलावा अवैध मजारों और मदरसों से जुड़े अतिक्रमण के मुद्दे पर भी भाजपा अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को सामने रखती रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी की वोट बचाओ यात्रा को घुसपैठिया बचाओ यात्रा करार दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और देश से घुसपैठियों को बाहर करने की जरूरत है। 

कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे को भी उठाया। शाह ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी की वकालत करती है। उनके इस बयान से स्पष्ट हुआ कि भाजपा आगामी चुनाव में समान नागरिक संहिता और कानून व्यवस्था के साथ ही धार्मिक पहचान और घुसपैठ के मुद्दों को भी अपने राजनीतिक विमर्श में शामिल रखेगी। अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की पहचान शौर्य और देशभक्ति से रही है। उन्होंने वीरांगना तीलू रौतेली, वीर माधो सिंह भंडारी, विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली तथा जनरल बिपिन रावत के योगदान का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण का संरक्षण भी प्रदेश के विकास के संकल्प का हिस्सा होना चाहिए। सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास का मुद्दा उठाते हुए शाह ने कहा कि पहले चीन के डर से उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित होते थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सीमा तक सड़कों का जाल बिछाया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। सीमांत क्षेत्रों के 51 गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित करने और पलायन रोकने के प्रयासों को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

विकास, निवेश और रोजगार के आंकड़ों से पेश किया राज्य सरकार का रिपोर्ट कार्ड

राज्योत्सव समारोह में अमित शाह ने उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 की तुलना में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रदेश में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की धरातल पर शुरुआत हो चुकी है। शाह ने कहा कि औद्योगिक विकास की चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ने कम समय में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे तथा सौंग, जमरानी और किसाऊ बांध जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन योजनाओं से प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ पर्यटन, उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाएं बेहतर होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा। राज्योत्सव समारोह में अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुल 1475.31 करोड़ रुपये की 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 1073.11 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का शिलान्यास और 402.20 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल रहा। 

सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़ी इन परियोजनाओं को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा का पहला पड़ाव उत्तराखंड होने जा रहा है। उन्होंने राज्योत्सव को गौरव, सिद्धि और संकल्प का अवसर बताया। गौरव इस बात का है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य का निर्माण किया। सिद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में हो रहे कार्यों की है, जबकि संकल्प प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण के संरक्षण का है। उन्होंने निवेश और रोजगार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों होम स्टे संचालित हो रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही गांवों में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पारंपरिक मनी ऑर्डर अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

धामी सरकार के कामकाज पर अमित शाह की मुहर, मुख्यमंत्री ने भी गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पहले केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेश के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। धामी ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम और तीन नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन फैसलों से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती मिली है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कार्रवाई से देश में शांति और विकास का रास्ता प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किए जाने को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने इसके लिए अमित शाह का आभार जताते हुए पुलिस के अधिकारियों और जवानों को बधाई दी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं का लाभ प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। धामी ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला है। मत्स्य विकास के क्षेत्र में हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है। पर्यटन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए बेस्ट एडवेंचर और बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन जैसे सम्मान भी प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों के लिए उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है। 

मुख्यमंत्री ने आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश की जीएसडीपी लगभग 3 लाख 82 हजार करोड़ रुपये, प्रति व्यक्ति आय लगभग 2 लाख 74 हजार रुपये और आर्थिक वृद्धि दर करीब 7.23 प्रतिशत रहने का अनुमान है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 25 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लगभग 54 हजार 928 करोड़ रुपये के बजट की तुलना में उत्तराखंड के लगभग एक लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश में विकास की गति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें विकास पर सार्थक चर्चा करने के बजाय भ्रम और टकराव का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही हैं। लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है, लेकिन युवाओं को भड़काना, अफवाह फैलाना और हिंसा को प्रोत्साहित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने श्रीनगर और रुद्रपुर में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और स्थिरता के साथ खड़ी है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति दोहरे रवैये को अनुचित बताया। समारोह में उत्तराखंड फिल्म नीति के अंतर्गत लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किए गए। 

इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान और साहस का परिचय देने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। कुल 15 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान और छह बच्चों को बाल वीरता पुरस्कार दिया गया। अमित शाह ने सम्मानित हस्तियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, शॉल, गंगाजली और समुद्र मंथन का प्रतीक चिह्न भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की जनता विकास, सुरक्षा और संवेदनशील एवं जवाबदेह शासन चाहती है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा उत्तराखंड के समग्र विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया। 

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