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एशियन गेम्स : भारत के लिए छठा दिन रहा खास, शूटिंग में गोल्ड-सिल्वर के बाद कबड्डी और टेबल टेनिस से उम्मीदें

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में भारत के लिए शुक्रवार का दिन शानदार शुरुआत लेकर आया। भारतीय निशानेबाजों ने सुबह-सुबह दो पदक दिलाकर पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत कर दी। 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में सुरुचि सिंह और कमलजीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। इन दो पदकों के साथ भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। इनमें दो स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं। सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम फाइनल में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। दक्षिण कोरिया को 478.0 अंक के साथ रजत और ईरान को 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक मिला। भारतीय जोड़ी ने इस प्रदर्शन के दौरान एशियाई रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे भारत को प्रतियोगिता का दूसरा स्वर्ण पदक मिला।

शूटिंग में इसके कुछ ही मिनट बाद भारत की झोली में एक और पदक आया। पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने रजत पदक हासिल किया। चीन ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में पदक की दावेदारी बनाए रखी। शूटिंग के अलावा भारतीय खिलाड़ियों की नजर अब दिन के बाकी मुकाबलों पर है। भारत ने कई खेलों में पदक की स्थिति मजबूत की है। टेबल टेनिस और स्क्वॉश में भारतीय जोड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ पदक पक्के हो चुके हैं। मिश्रित युगल टेबल टेनिस में दिया चिताले और मानव शाह की जोड़ी ने पदक की उम्मीद कायम रखी है। वहीं स्क्वॉश में भी भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है।

बैडमिंटन में हालांकि भारत को बड़ा झटका लगा। मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी पुरुष युगल के पहले ही दौर में बाहर हो गई। थाईलैंड के पक्कापोन टीरारातसाकुल और पीराचाई सुकफुन ने भारतीय जोड़ी को तीन गेम तक चले मुकाबले में 12-21, 21-19, 21-14 से हराया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया, लेकिन इसके बाद थाई खिलाड़ियों ने वापसी करते हुए लगातार दो गेम जीत लिए। इस हार के साथ सात्विक और चिराग का खिताब बचाने का अभियान शुरुआती दौर में ही खत्म हो गया।

तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी चुनौती पेश की। पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में ऋषभ दास चौथे स्थान पर रहे। भारतीय तैराक पदक से बेहद करीब रह गए, लेकिन चौथे स्थान के कारण उन्हें पदक नहीं मिल सका। अन्य भारतीय तैराकों ने भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में चुनौती पेश की और आगे के मुकाबलों के लिए उम्मीदें बनाए रखीं। भारतीय दल के लिए कबड्डी भी पदक की बड़ी उम्मीद बनी हुई है। पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमें खिताबी मुकाबले की दौड़ में बनी हुई हैं। महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और नेपाल पर लगातार दबाव बनाए रखा।

शूटिंग के बाद कबड्डी, टेबल टेनिस और स्क्वॉश पर निगाहें

कबड्डी में भारतीय पुरुष टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल का रास्ता तय किया है। अब दोनों भारतीय टीमों की कोशिश फाइनल में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम करने की होगी। एशियन गेम्स में कबड्डी भारत के प्रमुख पदक दिलाने वाले खेलों में शामिल रहा है, इसलिए इस बार भी दोनों टीमों से बड़ी उम्मीदें हैं। पदक तालिका की बात करें तो ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत 19 पदकों के साथ 12वें स्थान पर है। भारतीय दल ने अब तक दो स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदक जीते हैं। 

शूटिंग ने एक बार फिर भारत की पदक मुहिम को गति दी है। खास तौर पर सुरुचि और कमलजीत का स्वर्ण पदक भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इससे देश के स्वर्ण पदकों की संख्या दो हो गई है। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर दिन के बाकी मुकाबलों पर है। एथलेटिक्स, कबड्डी, टेबल टेनिस, स्क्वॉश और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदक की दावेदारी पेश कर रहे हैं। कुछ स्पर्धाओं में पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुके हैं, जबकि कई मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से नए पदक की उम्मीद बनी हुई है।

एशियन गेम्स में भारत का अभियान अभी लंबा है और आने वाले दिनों में कई प्रमुख खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। ऐसे में शुरुआती दिनों में हासिल किए गए 19 पदक भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करते हैं। शूटिंग में मिले स्वर्ण और रजत पदक के साथ दिन की शुरुआत ने भारतीय खेमे का उत्साह बढ़ाया है। अब नजर इस बात पर है कि दिन के आगे बढ़ने के साथ भारत के पदक खाते में और कितनी बढ़ोतरी होती है। 

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