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कठुआ में सीआईएफ जवान ने AK-47 राइफल से साथियों पर बरसाईं गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सीआईएफ कैंप के भीतर मंगलवार शाम अचानक गोलियां चलने से हड़कंप मच गया। ड्यूटी पर तैनात एक सीआईएफ जवान ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर सरकारी राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद साथी जवानों ने आरोपी को काबू कर लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है। चारों जवान बसोहली इलाके में एक पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे अचानक हुई फायरिंग से कैंप में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद सभी चारों जवानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

पुलिस के अनुसार आरोपी जवान की पहचान अभिदेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह 2009 बैच का सीआईएफ जवान बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी पारिवारिक मामले को लेकर विवाद के बाद उसने अपने साथियों पर फायरिंग की। बताया जा रहा है कि आरोपी की पत्नी पूजा और बच्चे के क्वार्टर गार्ड क्षेत्र में आने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद आरोपी हेडक्वार्टर ऑफिस के मेस सेक्शन में पहुंचा, जहां कुछ जवान मौजूद थे। इसी दौरान उसने अपनी सरकारी AK-47 राइफल से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में वहां मौजूद चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। बाकी जवानों ने तत्काल आरोपी को घेरकर काबू किया और उसके पास मौजूद हथियार अपने कब्जे में ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। कैंप और आसपास के इलाके को सुरक्षित किया गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और आरोपी ने अचानक अपने साथियों पर गोली चलाने का फैसला क्यों किया। सीआईएफ मुख्यालय ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। आंतरिक जांच में घटना से पहले के घटनाक्रम, जवानों के बीच हुए विवाद, हथियार के इस्तेमाल और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे चारों जवान

जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में है। यह इलाका हिमाचल प्रदेश की सीमा के करीब स्थित है। यहां महत्वपूर्ण पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएफ जवानों की तैनाती की गई है। घटना के बाद परियोजना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी जवान ड्यूटी के दौरान किस स्थिति में था और उसके पास मौजूद सरकारी हथियार से फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई। मौके पर मौजूद जवानों और अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है।

इस गोलीकांड में मारे गए चारों जवान सीआईएफ की अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़े थे। असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे और सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह समेत कांस्टेबल रफीक अहमद और संदीप कुमार की मौत से बल के भीतर शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिवारों को भी सूचना दी गई। पावर प्रोजेक्ट के इतिहास को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक बसोहली क्षेत्र में सेवा नदी से जुड़ी जलविद्युत परियोजनाएं लंबे समय से संचालित रही हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के कारण यहां सुरक्षा बलों की तैनाती की जाती है।

घटना के बाद पुलिस और सीआईएफ दोनों स्तर पर जांच आगे बढ़ रही है। फिलहाल प्राथमिक जांच का केंद्र आरोपी और मृतक जवानों के बीच हुआ विवाद है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद अचानक हिंसक कैसे हुआ और फायरिंग से पहले आरोपी की गतिविधियां क्या थीं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी। आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। 

वहीं सीआईएफ की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी घटना के सुरक्षा और विभागीय पहलुओं की अलग से जांच करेगी। फिलहाल कठुआ का यह गोलीकांड कई सवाल छोड़ गया है। एक ही कैंप में तैनात जवानों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सरकारी हथियार से चार साथियों की जान चली गई। पुलिस जांच और सीआईएफ की आंतरिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की पूरी वजह और जिम्मेदार परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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