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उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक पर फंसे सभी ट्रेकर्स का सुरक्षित रेस्क्यू, 67 लोगों को दुर्गम इलाकों से निकाला गया 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच कालिंदी ट्रैक समेत अलग-अलग दुर्गम ट्रैक रूटों पर फंसे सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है। कई दिनों तक चले चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान में उत्तराखंड एसडीआरएफ के साथ भारतीय सेना, उत्तराखंड पुलिस, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए), अर्धसैनिक बलों, स्थानीय प्रशासन और अन्य विभागों की टीमें जुटी रहीं। बचाव दलों ने बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पैदल रेस्क्यू के साथ हेलीकॉप्टर की मदद से भी ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। रेस्क्यू अभियान के दौरान अलग-अलग ट्रैक रूटों से कुल 67 ट्रेकर्स को सकुशल बाहर निकाला गया। इनमें ऑडेन कोल ट्रैक पर फंसे 29 ट्रेकर्स भी शामिल रहे। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बिगड़ते मौसम, तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण बचाव अभियान आसान नहीं था। कई स्थानों पर रास्ते बेहद कठिन और खतरनाक हो गए थे, जिसके चलते बचाव टीमों को काफी सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ा।

कालिंदी ट्रैक उत्तरकाशी जिले के सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण उच्च हिमालयी ट्रैक मार्गों में शामिल है। इस क्षेत्र में मौसम तेजी से बदलता है और ऊंचाई बढ़ने के साथ परिस्थितियां और अधिक कठिन हो जाती हैं। खराब मौसम के कारण कई ट्रेकर्स अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और विभिन्न एजेंसियों को अभियान में लगाया गया। एसडीआरएफ की टीमें लगातार अन्य बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में जुटी रहीं। जहां हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू संभव था, वहां हवाई बचाव अभियान चलाया गया, जबकि अत्यधिक दुर्गम स्थानों पर बचाव दलों ने पैदल पहुंचकर ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला। अभियान के दौरान बचाव दलों ने मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्तर पर योजना बनाकर काम किया।

एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि एसडीआरएफ की टीमें अन्य बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रेस्क्यू कार्य में जुटी रहीं। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में पैदल रेस्क्यू के साथ-साथ हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ाया गया।

बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी भू-भाग और अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाके रहे। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ मौसम लगातार खराब रहा। भारी बर्फबारी के कारण ट्रैकिंग मार्गों पर आवाजाही मुश्किल हो गई थी। कुछ क्षेत्रों में बर्फ की मोटी परत और कठिन चढ़ाई के कारण बचाव दलों को पैदल आगे बढ़ने में भी काफी परेशानी हुई। इसके बावजूद बचाव दलों ने अभियान जारी रखा।

कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों के बीच पूरा हुआ रेस्क्यू अभियान

हेलीकॉप्टर से चलाए गए बचाव अभियान में भी मौसम ने कई बार बाधा डाली। तेज हवाओं और उड़ान के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने के कारण हेली रेस्क्यू में कठिनाइयां सामने आईं। ऐसे में मौसम की स्थिति का लगातार आकलन करते हुए सुरक्षित समय पर उड़ान संचालन किया गया। जहां हवाई रेस्क्यू संभव नहीं था, वहां जमीनी बचाव दलों ने पैदल पहुंचकर ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला। अभियान के दौरान विभिन्न ट्रैक रूटों से कुल 67 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला गया। इनमें ऑडेन कोल के 29 ट्रेकर्स शामिल हैं। सभी ट्रेकर्स को रेस्क्यू के बाद हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। वहां से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जिन लोगों को जरूरत थी, उन्हें आवश्यक उपचार और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

रेस्क्यू अभियान के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। अभियान में शामिल टीमों के सामने ऊंचाई, बर्फबारी, तेज हवाओं और खराब मौसम के साथ-साथ कठिन ट्रैकिंग मार्गों की चुनौती थी। इसके बावजूद एसडीआरएफ, सेना, यूसीएडीए, अर्धसैनिक बल, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने लगातार काम करते हुए सभी फंसे ट्रेकर्स तक पहुंच बनाई। दरअसल, उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब होने के कारण कालिंदी ट्रैक समेत कई अन्य ट्रैक मार्गों पर पर्यटकों और ट्रेकर्स के फंसने की सूचना सामने आई थी। मौसम बिगड़ने के बाद प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बचाव अभियान शुरू किया था। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दलों को भेजा गया।

रेस्क्यू अभियान के दौरान टीमों ने न केवल फंसे हुए ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया। हर्षिल पहुंचने के बाद सभी रेस्क्यू किए गए ट्रेकर्स का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इस पूरे अभियान में अलग-अलग बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय अहम रहा। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर बचाव कार्य संचालित करने के लिए जमीनी और हवाई दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। 

मौसम की चुनौती के बावजूद अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया और आखिरकार कालिंदी ट्रैक समेत प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद सभी ट्रेकर्स के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है। इस तरह खराब मौसम, भारी बर्फबारी और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच चला बचाव अभियान सभी 67 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के साथ सफलतापूर्वक पूरा हो गया। 

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