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जॉर्जिया मेलोनी ने रचा नया इतिहास, इटली के युद्धोत्तर दौर में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बनीं

इटली की राजनीति में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया। मेलोनी इटली के युद्धोत्तर इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता बन गई हैं। उनकी सरकार ने शुक्रवार को सत्ता में 1,413 दिन पूरे कर लिए और इसी के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मित्र जॉर्जिया मेलोनी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेलोनी की यह उपलब्धि इटली की जनता के उनके नेतृत्व के प्रति विश्वास और भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि मेलोनी की मित्रता और उनके नेतृत्व ने भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मेलोनी की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इटली की राजनीति लंबे समय से सरकारों के जल्दी-जल्दी बदलने के लिए जानी जाती रही है। ऐसे राजनीतिक माहौल में किसी सरकार का लगातार इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद से उनकी सरकार लगातार सत्ता में बनी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मेलोनी को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इटली के युद्धोत्तर इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर उनकी मित्र मेलोनी को हार्दिक बधाई। मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली के लोगों के विश्वास और भरोसे का प्रमाण है। भारत और इटली के बीच संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेलोनी की दोस्ती ने दोनों देशों की विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने आने वाले समय में भी दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई। मोदी ने कहा कि भारत और इटली मिलकर दोनों देशों के लोगों के लिए बेहतर और समृद्ध भविष्य के निर्माण की दिशा में काम करते रहेंगे। मेलोनी ने 2022 में इटली की सत्ता संभालने के बाद से अपनी सरकार को स्थिर बनाए रखा है। उनकी सरकार ने आर्थिक, रक्षा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सहित कई क्षेत्रों में नीतियों को आगे बढ़ाया है। यूरोप की राजनीति में भी मेलोनी का प्रभाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में उनका रिकॉर्ड इटली की घरेलू राजनीति के साथ-साथ यूरोपीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने बधाई दी, भारत-इटली साझेदारी को और मजबूत करने का जताया भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यक्तिगत स्तर पर भी अच्छी मित्रता देखने को मिली है। दोनों नेताओं की मुलाकातों के दौरान भारत और इटली के संबंधों को नई दिशा देने पर जोर रहा है। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। मेलोनी की रिकॉर्ड उपलब्धि पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। मोदी का संदेश केवल एक राजनीतिक उपलब्धि पर बधाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें दोनों देशों के रिश्तों को आगे ले जाने की प्रतिबद्धता भी दिखाई दी।

दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले जॉर्जिया मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसी तरह की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी थी। जुलाई में मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों ने मिलकर ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य में भारत और इटली के लोगों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है। पीएम मोदी और मेलोनी की मुलाकातों में दोनों देशों के रिश्तों को लगातार नई मजबूती मिली है। मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मुलाकात की थी।

इस यात्रा के दौरान भारत और इटली ने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय संपर्कों में आई तेजी का स्वागत किया और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नियमित संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।दोनों देशों के नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर होने वाली मुलाकातों के साथ-साथ वार्षिक स्तर पर नेताओं की बैठक आयोजित करने की दिशा में भी सहमति जताई। इसके अलावा मंत्रिस्तरीय और संस्थागत स्तर पर नियमित बैठकों को जारी रखने पर भी जोर दिया गया। इससे साफ है कि भारत और इटली अपने संबंधों को केवल राजनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे व्यापक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी की दोस्ती का एक हल्का-फुल्का पहलू भी उनकी मुलाकातों के दौरान देखने को मिलता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली यात्रा के दौरान मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी का पैकेट उपहार में दिया था। 

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक का माहौल भी देखने को मिला था। मेलोनी ने बाद में इस पल को अपने इंस्टाग्राम खाते पर साझा किया और प्रधानमंत्री मोदी को इस अनोखे उपहार के लिए धन्यवाद दिया। भारत और इटली के बीच बढ़ती नजदीकी अब कई क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। दोनों देश व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा, तकनीक, नवाचार, अंतरिक्ष, ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। ऐसे में मेलोनी का इटली में लंबे समय तक सत्ता में बने रहना भारत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजनीतिक स्थिरता के कारण दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक समझौतों और रणनीतिक योजनाओं को आगे बढ़ाना आसान हो सकता है। जॉर्जिया मेलोनी के लिए यह रिकॉर्ड व्यक्तिगत राजनीतिक उपलब्धि के साथ-साथ उनकी सरकार की स्थिरता का भी प्रमाण है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मिली बधाई भारत-इटली संबंधों में दोनों नेताओं के बीच बने भरोसे और करीबी संवाद को भी रेखांकित करती है। आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, इस पर अब वैश्विक स्तर पर भी नजर रहेगी।

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