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रोजगार बढ़ाने के लिए बाइक टैक्सी को मंजूरी दें राज्य, गडकरी ने कहा- लोगों को मिलेगा आजीविका का अवसर

देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों से बाइक टैक्सी सेवाओं को मंजूरी देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निजी दोपहिया वाहनों के जरिए यात्रियों को परिवहन की सुविधा देने की व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए तो इससे देशभर में करीब आठ करोड़ लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा हो सकते हैं। गडकरी ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों में बाइक टैक्सी लोगों के लिए कम लागत वाला परिवहन साधन बनने के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवाओं के लिए कमाई का जरिया भी बन सकती है। गडकरी बुधवार को ‘सुरक्षा’ नामक पायलट कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान बोल रहे थे। इस पहल का उद्देश्य राजमार्ग निर्माण, खनन और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले चालकों तथा उच्च जोखिम वाले श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना है। कार्यक्रम के तहत काम करने वाली जगहों पर ही मुफ्त चिकित्सा जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण और खनन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन काम की प्रकृति के कारण उन्हें कई तरह के स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समय रहते स्वास्थ्य जांच और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना दुर्घटनाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है।

गडकरी ने बाइक टैक्सी सेवा के विस्तार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने निजी दोपहिया वाहनों, यानी स्कूटर और मोटरसाइकिलों को यात्रियों के परिवहन के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, परिवहन से जुड़े नियमों का निर्धारण राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आने के कारण कुछ राज्यों में अभी भी बाइक टैक्सी सेवाओं को अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से इस दिशा में आगे बढ़ने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, बाइक टैक्सी विशेष रूप से उन इलाकों में उपयोगी साबित हो सकती है जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है। ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और शहरों के बाहरी इलाकों में लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए अक्सर निजी वाहन या महंगे परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। बाइक टैक्सी इस समस्या का व्यावहारिक समाधान बन सकती है। इससे यात्रियों को अपेक्षाकृत कम खर्च में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी और दोपहिया वाहन मालिकों को अपनी आय बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो दोपहिया वाहन चलाते हैं और अतिरिक्त आमदनी के अवसर तलाशते हैं। यदि राज्य सरकारें बाइक टैक्सी सेवाओं को व्यवस्थित तरीके से अनुमति देती हैं तो यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकता है। गडकरी ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया।

बाइक टैक्सी सेवा को अनुमति देने के साथ ही इसके संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की जरूरत पर भी ध्यान देना होगा। यात्रियों की सुरक्षा, चालकों का प्रशिक्षण, वाहन की फिटनेस, बीमा और यातायात नियमों का पालन जैसे विषय इस व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे। राज्यों द्वारा स्पष्ट नियम बनाए जाने से बाइक टैक्सी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकेगा और यात्रियों तथा चालकों दोनों के हितों की रक्षा की जा सकेगी। गडकरी ने अपने संबोधन में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल सड़क और वाहन की स्थिति सुधारना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वाहन चालकों के व्यवहार और यातायात नियमों के पालन पर भी सख्ती से ध्यान देना जरूरी है। इसी दिशा में केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन पर नकारात्मक अंक व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है।

यातायात नियम तोड़े तो कटेंगे अंक, सीमा पार होते ही लाइसेंस पर कार्रवाई

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत वाहन चालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किए जाने पर उसके नाम के साथ अंक जोड़े जाएंगे। हर गंभीर या निर्धारित उल्लंघन के लिए चालक के अंक काटे जाएंगे। यदि कोई चालक बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है और उसके नकारात्मक अंकों की संख्या तय सीमा से अधिक हो जाती है तो उसके वाहन चलाने के अधिकार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस को कुछ समय के लिए निलंबित करने से लेकर उसे रद्द करने तक का प्रावधान हो सकता है। गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए नियमों का होना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनका प्रभावी तरीके से पालन कराना भी है। मौजूदा व्यवस्था में कई बार चालक जुर्माना भरने के बाद दोबारा वही गलती करते हैं। नकारात्मक अंक व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। यदि चालक को यह पता हो कि लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर उसके लाइसेंस पर कार्रवाई हो सकती है तो उसके व्यवहार में सुधार आने की संभावना बढ़ेगी।

यह व्यवस्था खास तौर पर तेज गति से वाहन चलाने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, लालबत्ती का उल्लंघन करने और अन्य गंभीर यातायात नियमों के उल्लंघन को नियंत्रित करने में मददगार हो सकती है। सरकार का उद्देश्य दंड बढ़ाने के साथ-साथ वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। सड़क पर एक व्यक्ति की लापरवाही कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है। इसलिए यातायात नियमों को केवल जुर्माने से जोड़ने के बजाय चालक के पूरे यातायात व्यवहार का रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने ‘सुरक्षा’ कार्यक्रम के जरिए सड़क क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों और चालकों के स्वास्थ्य को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। राजमार्ग निर्माण और खनन क्षेत्रों में लंबे समय तक काम करने वाले श्रमिकों को शारीरिक थकान, धूल, प्रदूषण, शोर और अन्य जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध होने से कई बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सकती है।

कार्यक्रम के तहत चालकों और उच्च जोखिम वाले श्रमिकों की मुफ्त चिकित्सा जांच के साथ उन्हें आवश्यक परामर्श देने पर जोर रहेगा। इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि स्वस्थ और सतर्क चालक सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। लंबी दूरी तक वाहन चलाने वाले चालकों में थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। समय पर जांच और परामर्श मिलने से इन जोखिमों को कम किया जा सकता है। गडकरी के बयान से स्पष्ट है कि सरकार सड़क परिवहन क्षेत्र में एक साथ कई स्तरों पर सुधार की दिशा में काम कर रही है। एक ओर बाइक टैक्सी के जरिए रोजगार और स्थानीय परिवहन को बढ़ावा देने की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण और खनन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ नकारात्मक अंक व्यवस्था लागू करने की तैयारी सड़क सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम है।

बाइक टैक्सी के मामले में अब गेंद राज्य सरकारों के पाले में है। यदि अधिक राज्य इस सेवा को मंजूरी देते हैं और इसके लिए स्पष्ट सुरक्षा मानक तैयार करते हैं तो आने वाले समय में दोपहिया आधारित यात्री परिवहन का दायरा तेजी से बढ़ सकता है। इससे यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन सुविधा मिलने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिल सकता है। वहीं, नकारात्मक अंक व्यवस्था लागू होने के बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का तरीका भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो सकता है।

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