दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को हुई तेज बारिश ने राजधानी और आसपास के इलाकों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सुबह से जारी मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। कहीं दो से तीन फीट तो कहीं तीन से चार फीट तक पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह वाहन पानी में फंस गए, जबकि प्रमुख सड़कों और मार्गों पर लंबा जाम लग गया। बारिश के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा। दिल्ली के एआईआईएमएस फ्लाईओवर लूप, कनॉट प्लेस, आईटीओ, आरके पुरम समेत कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण छोटे वाहनों के साथ-साथ कई बड़े वाहन भी मुश्किल में फंसते नजर आए। जलभराव वाले मार्गों से गुजरने के दौरान वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। कई जगह पानी इतना अधिक था कि सड़क और नाले के बीच का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था।
बारिश का असर दिल्ली और गुरुग्राम के बीच आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ा। दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर महिपालपुर के पास भारी ट्रैफिक जाम हो गया। बारिश और जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार दिखाई दी। इससे दिल्ली से गुरुग्राम और गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। राजधानी में लगातार हो रही बारिश का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। सोमवार को करीब 390 उड़ानें देरी से रवाना हुईं। इसके अलावा 15 उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा, जबकि 26 उड़ानें रद्द कर दी गईं। मौसम खराब होने के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने के रास्ते में भी यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से यात्रियों के लिए मौसम को लेकर परामर्श भी जारी किया गया। यात्रियों से अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी पहले से लेने और एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की गई। लगातार बारिश और सड़कों पर जलभराव को देखते हुए एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों को यातायात की स्थिति का भी ध्यान रखने की सलाह दी गई। बारिश का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों और उन सड़कों पर दिखाई दिया जहां जलनिकासी की व्यवस्था पहले से चुनौती बनी हुई है। कुछ इलाकों में पानी तेजी से भरने के कारण लोगों को अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। कई जगह यातायात पुलिस और प्रशासन की टीमें जलभराव वाले मार्गों पर स्थिति संभालती नजर आईं।
गुरुग्राम में भी मंगलवार को बारिश और जलभराव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। शहर के कई हिस्सों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को सरकारी कार्यालयों और सभी स्कूलों में घर से काम करने की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और लोगों को जलभराव तथा यातायात की समस्या से बचाना था। सोमवार को गुरुग्राम में जलभराव की स्थिति इतनी खराब रही कि कई स्कूल बसें सड़कों पर फंस गईं। इन बसों में छोटे बच्चे भी मौजूद थे। बसों के पानी में फंसने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। जलभराव के कारण कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
लगातार बारिश से दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थमी, गुरुग्राम में घर से काम और स्कूलों पर असर
मंगलवार को बारिश के दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो सके। दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से पहले से जमा पानी और बढ़ गया। सोमवार को जिन इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आई थीं, उनमें मंगलवार को भी लोगों को राहत नहीं मिली। लगातार बारिश के कारण जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा रहा।
दिल्ली के कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त कारोबारी और बाजार क्षेत्र भी जलभराव से प्रभावित हुए। आईटीओ और आरके पुरम जैसे महत्वपूर्ण यातायात मार्गों पर भी पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। एआईआईएमएस फ्लाईओवर लूप के आसपास भी पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। कई लोग वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करते नजर आए, जिससे दूसरे मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया।
गुरुग्राम में प्रशासन के घर से काम करने के फैसले का उद्देश्य बारिश के दौरान लोगों की आवाजाही को सीमित करना है। शहर में जलभराव के कारण पहले ही यातायात प्रभावित हो चुका था। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों और स्कूली बच्चों की आवाजाही कम होने से सड़कों पर दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील भी की गई है। बारिश ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में जलनिकासी व्यवस्था की चुनौती को सामने ला दिया है। थोड़े समय की तेज बारिश के बाद ही कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और यातायात प्रभावित होने लगता है। इस बार लगातार दूसरे दिन बारिश होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ी है।
दूसरी ओर, हवाई यातायात प्रभावित होने से यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और मार्ग बदलने के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। खराब मौसम के दौरान विमान सेवाओं में बदलाव होना आम है, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर भारी जलभराव के कारण एयरपोर्ट तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो गया। मौसम की इस स्थिति ने दिल्ली-एनसीआर में रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों से लेकर स्कूली बच्चों, वाहन चालकों और हवाई यात्रियों तक, हर वर्ग को बारिश का असर झेलना पड़ रहा है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं तो कई जगह यातायात रेंगता हुआ आगे बढ़ रहा है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की है। वहीं, लोगों के लिए भी जरूरी है कि वे मौसम और यातायात की स्थिति को देखते हुए ही घर से निकलें। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है और राजधानी की रफ्तार पर मौसम भारी पड़ता नजर आ रहा है।

















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