योगगुरु स्वामी रामदेव, भाजपा सांसद कंगना रनौत और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही बयानबाजी अब एक बार फिर चर्चा में है। अलग-अलग मुद्दों को लेकर शुरू हुई यह जुबानी जंग अब एक-दूसरे पर तंज और पलटवार तक पहुंच गई है। कंगना रनौत और बृजभूषण शरण सिंह की ओर से रामदेव को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद अब योगगुरु ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, इस बार रामदेव ने विवाद को आगे बढ़ाने से साफ इनकार किया और कहा कि वह ऐसे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, जिन्हें वह ओछा मानते हैं। रामदेव ने कहा कि वह विवाद को किसी भी तरह आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उन्होंने अपने बयान में कहा कि स्वामी रामदेव क्या हैं, यह पूरा देश जानता है और देश उनके योगदान से भी परिचित है। उनके इस बयान को कंगना रनौत और बृजभूषण शरण सिंह की ओर से की गई टिप्पणियों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से कंगना रनौत और रामदेव के बीच बयानबाजी लगातार सुर्खियों में रही है। इसकी शुरुआत कंगना के उस बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने ‘जेनरेशन गटर’ जैसी टिप्पणी की थी। इस बयान पर रामदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए कंगना के बयान को बिगड़े हुए दिमाग की निशानी बताया था। रामदेव की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने भी पलटवार किया और योगगुरु पर तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद दोनों के बीच बयानबाजी का सिलसिला आगे बढ़ता रहा। कंगना ने रामदेव की टिप्पणी का जवाब देते हुए अपनी बात रखी और यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया। हालांकि अब रामदेव ने इस विवाद को आगे बढ़ाने से दूरी बनाने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वह ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते और देश पहले से ही उनके बारे में सब कुछ जानता है।
रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर समय-समय पर बयानबाजी होती रही है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रामदेव ने देश में कथित भ्रष्टाचार और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि देश में बहुत घपला हो रहा है और नौकरियां बेची जा रही हैं। रामदेव ने इस दौरान दोबारा आंदोलन की बात भी कही थी। रामदेव के इस बयान के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने उन पर तंज कसा था। बृजभूषण ने अपने अंदाज में रामदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए और उनके आंदोलन वाले रुख पर कटाक्ष किया। इससे दोनों के बीच चल रही पुरानी बयानबाजी को एक बार फिर हवा मिल गई।
कंगना के बयान से शुरू हुआ विवाद, बृजभूषण के तंज के बाद रामदेव ने दिया जवाब
कंगना रनौत और रामदेव के बीच विवाद को देखें तो यह मामला एक बयान से शुरू होकर लगातार पलटवार तक पहुंचा। कंगना की ‘जेनरेशन गटर’ वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदेव ने इसे लेकर कड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा बयान बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। रामदेव की इस टिप्पणी को कंगना ने भी चुपचाप स्वीकार नहीं किया और उन्होंने जवाब देते हुए योगगुरु पर पलटवार किया। कंगना रनौत अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहती हैं। सांसद बनने के बाद भी वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। दूसरी तरफ रामदेव भी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में दोनों की ओर से आई टिप्पणियों ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा पैदा कर दी। अब रामदेव की ताजा प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि वह इस विवाद को और लंबा नहीं खींचना चाहते। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि वह ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। इसके साथ ही उन्होंने अपने काम और योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि देश उनके बारे में जानता है। रामदेव का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले वह कंगना के बयान पर खुलकर प्रतिक्रिया दे चुके थे।
दूसरी ओर बृजभूषण शरण सिंह और रामदेव के बीच की बयानबाजी का मुद्दा अलग है। बृजभूषण लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और कई मुद्दों पर मुखर बयान देते रहे हैं। रामदेव भी कई बार सरकार, व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर रामदेव के रोजगार और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े बयान के बाद बृजभूषण की प्रतिक्रिया ने इस विवाद को फिर चर्चा में ला दिया। रामदेव ने अपने बयान में देश में हो रहे कथित घपलों और नौकरियों की बिक्री का मुद्दा उठाया था। उन्होंने दोबारा आंदोलन की बात भी कही। उनके इस बयान पर बृजभूषण ने तंज करते हुए प्रतिक्रिया दी। बृजभूषण की टिप्पणी को रामदेव के आंदोलन वाले बयान पर कटाक्ष के रूप में देखा गया। हालांकि, रामदेव की ताजा प्रतिक्रिया में उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम लेकर जवाब देने से बचने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि वह विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उनका कहना है कि रामदेव क्या हैं और देश के लिए उनका योगदान क्या है, यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह फिलहाल व्यक्तिगत बयानबाजी से दूरी बनाना चाहते हैं।
इस पूरे विवाद में एक खास बात यह भी है कि तीनों ही सार्वजनिक जीवन में प्रभावशाली चेहरे हैं। कंगना रनौत भाजपा की सांसद और फिल्म अभिनेत्री हैं, जबकि बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक भाजपा के सांसद रहे हैं। रामदेव योग और सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ अपने कारोबारी और सार्वजनिक प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में इनके बीच होने वाली बयानबाजी का राजनीतिक और सामाजिक असर भी चर्चा में आ जाता है। फिलहाल रामदेव ने विवाद को आगे न बढ़ाने का रुख अपनाया है, लेकिन कंगना और बृजभूषण की पिछली टिप्पणियों के कारण यह मामला अभी पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा। आने वाले दिनों में यदि किसी पक्ष की ओर से फिर कोई टिप्पणी आती है तो बयानबाजी का यह सिलसिला दोबारा तेज हो सकता है। फिलहाल रामदेव ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि वह इस विवाद को अपनी ओर से आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं और अपने काम तथा योगदान को ही अपनी पहचान मानते हैं।

















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