मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत पात्र और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया है। योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रही आवासीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को अपने आशियाने का सपना पूरा करने के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इसी क्रम में दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को उनके पक्के घर मिलने की उम्मीद है। आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट समयसीमा दी है। विभाग की ओर से सितंबर तक सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनके आवास उपलब्ध कराए जा सकें। सरकार की ओर से निर्माण की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है और जिन परियोजनाओं में काम धीमा है, उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
इन परियोजनाओं में कुल 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से करीब 84 प्रतिशत यानी 12,948 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण पूरा होने के बाद अब लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। अभी तक 1,271 आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी हैं। अब तक चाबियां प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में रुड़की के 768 और हरिद्वार के 503 परिवार शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि शेष निर्माण कार्य को भी तेजी से पूरा कर लाभार्थियों को जल्द आवास सौंपे जाएं। विभाग ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि लंबित आवासीय परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसके बाद आवासों के आवंटन और लाभार्थियों को कब्जा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण स्वयं अपना घर बनाने में सक्षम नहीं हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में इस योजना की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार का कहना है कि आवास केवल किसी परिवार के रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सुरक्षा और स्थायी भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
योजना के तहत राज्य के कई जिलों में अलग-अलग आवासीय परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें सबसे अधिक आवास ऊधमसिंह नगर जिले में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा हरिद्वार, नैनीताल और देहरादून में भी बड़ी संख्या में आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजनाओं के पूरा होने से बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थायी आवास की सुविधा मिल सकेगी। ऊधमसिंह नगर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत सबसे अधिक 10,200 आवास बनाए जा रहे हैं। जिले में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग आवासीय परियोजनाओं के माध्यम से पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के तहत 1,872 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा भवानीपुर जसपुर में 1,264, उकरौली-1 सितारगंज में 1,168 और उकरौली-2 सितारगंज में 864 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह कनकपुर काशीपुर में 1,256 आवास, मटकोटा रुद्रपुर में 928, श्यामनगर गदरपुर में 928, महुवाखेड़ागंज में 824, मानपुर काशीपुर में 512 और गंगापुर गोसाल काशीपुर में 584 आवासीय इकाइयां तैयार की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ऊधमसिंह नगर जिले में बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को पक्की छत उपलब्ध होगी।
हरिद्वार, नैनीताल और देहरादून में भी तेजी से पूरा हो रहा निर्माण-कार्य
हरिद्वार जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत कुल 4,528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। जिले में मंगलौर में 544, झब्बरपुर में 448, अन्नेखी में 1,152, बेल्दी यानी बेलड़ी रुड़की में 1,088, शिकारपुर में 768 और इंद्रलोक आवासीय योजना के तहत 528 आवास बनाए जा रहे हैं। इनमें से कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और विभाग की ओर से इन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र स्थित उम्मेदनगर में योजना के तहत 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। निर्माण पूरा होने के बाद इन आवासों को पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे रामनगर क्षेत्र के पात्र परिवारों को स्थायी आवास का लाभ मिल सकेगा।
देहरादून जिले में धौलास हाउसिंग स्कीम के तहत 240 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 180 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
शेष आवासों का निर्माण भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राजधानी क्षेत्र में इस योजना के तहत आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि आवासीय परियोजनाओं को केवल निर्माण तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि पात्र परिवारों तक योजना का वास्तविक लाभ पहुंचाने पर भी जोर है। निर्माण पूरा होने के बाद आवासों के आवंटन, दस्तावेजों की प्रक्रिया और चाबियां सौंपने के काम को भी गति दी जा रही है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने योजना को गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ विभिन्न आवासीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप राज्य सरकार विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सीधे लाभ मिल रहा है। सरकार ने योजना के तहत राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। पात्र परिवारों को आवास निर्माण में अतिरिक्त सहायता देने के उद्देश्य से राज्य सरकार की हिस्सेदारी को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए किया जा रहा है। इससे लाभार्थियों को घर बनाने या आवास प्राप्त करने की प्रक्रिया में अतिरिक्त आर्थिक सहयोग मिलेगा और योजना का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से परिवारों तक पहुंच सकेगा।
आवास विभाग का जोर अब उन परियोजनाओं पर है, जिनका निर्माण किसी कारण से लंबित है। 30 सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा निर्धारित किए जाने के बाद संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है। विभाग का लक्ष्य है कि सितंबर तक निर्माण पूरा होने के बाद दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत का लाभ मिल सके। इस पूरी प्रक्रिया से उन परिवारों को सबसे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर के सपने के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार के अनुसार पक्का घर मिलने से इन परिवारों को केवल रहने के लिए सुरक्षित स्थान ही नहीं मिलेगा, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति को देखते हुए दिसंबर तक बड़ी संख्या में परिवारों को उनके नए आशियाने की चाबी सौंपे जाने की तैयारी है।

















Leave a Reply