अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में बनाई जगह, 19 जुलाई को स्पेन से होगी खिताबी भिड़ंत

फुटबॉल विश्व कप 2026 को अपना नया फाइनलिस्ट मिल गया है। मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने रोमांच, संघर्ष और आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी का शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में एक समय अर्जेंटीना 85वें मिनट तक 0-1 से पीछे था और इंग्लैंड की टीम फाइनल की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही थी। लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी की अगुआई में अर्जेंटीना ने महज कुछ ही मिनटों में पूरा मुकाबला पलट दिया। पहले एंजो फर्नांडेज ने शानदार बराबरी का गोल दागा और फिर इंजरी टाइम में लॉटारो मार्टिनेज ने विजयी हेडर लगाकर करोड़ों अर्जेंटीनी प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दे दिया। अब 19 जुलाई को खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। मैच की शुरुआत से ही साफ हो गया था कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद आक्रामक रहने वाला है। तीसरे ही मिनट में इंग्लैंड के इलियट एंडरसन पर हुए टैकल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। स्थिति को संभालने के लिए रेफरी इस्माइल एलफाथ को बीच-बचाव करना पड़ा। पूरे पहले हाफ में खिलाड़ियों के बीच लगातार टकराव देखने को मिला और कई बार खेल फाउल के कारण रुका।

इंग्लैंड ने शुरुआती मिनटों में संयम के साथ खेलते हुए अर्जेंटीना के आक्रमण को नियंत्रित रखा। 33वें मिनट में उसे पहला बड़ा मौका मिला, जब डेक्लन राइस की फ्री-किक पर जॉन स्टोन्स ने शानदार हेडर लगाया, लेकिन गेंद नेट के बाहरी हिस्से से टकराकर बाहर चली गई। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने भी जवाबी हमला किया। 38वें मिनट में एंजो फर्नांडेज ने बॉक्स के बाहर से लंबी दूरी का शॉट लगाया, लेकिन गेंद गोलपोस्ट के ऊपर निकल गई। पहले हाफ के अंतिम मिनटों में मुकाबला और अधिक तनावपूर्ण हो गया। 37वें मिनट में लियोनेल मेसी को रोकने के प्रयास में इलियट एंडरसन ने फाउल किया, जिसके लिए उन्हें येलो कार्ड दिखाया गया। इसके कुछ ही देर बाद जूड बेलिंगहम की जर्सी खींचने पर अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्टिनेज को भी रेफरी ने चेतावनी दी। हाफ टाइम की सीटी बजने के बाद भी दोनों टीमों के खिलाड़ी रेफरी से बहस करते रहे और मैदान का माहौल काफी गर्म दिखाई दिया।

दूसरे हाफ की शुरुआत अर्जेंटीना ने अधिक आक्रामक अंदाज में की। 48वें मिनट में जूलियन अल्वारेज ने टीम का पहला ऑन-टारगेट शॉट लगाया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को गोललाइन पार नहीं होने दिया। इसके बाद 55वें मिनट में इंग्लैंड को वह सफलता मिली जिसका उसे इंतजार था। हैरी केन के लंबे पास पर अर्जेंटीना का डिफेंस गेंद को पूरी तरह क्लियर नहीं कर सका। डेक्लन राइस ने तुरंत गेंद मॉर्गन रोजर्स को दी। रोजर्स ने दाईं ओर से सटीक क्रॉस डाला, जिस पर एंथनी गॉर्डन ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ इंग्लैंड 1-0 से आगे हो गया और पहली बार ऐसा लगने लगा कि वह विश्व कप फाइनल में पहुंचने का सपना पूरा कर सकता है। गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने लगातार आक्रमण तेज कर दिया। मेसी मिडफील्ड से खेल को नियंत्रित करते हुए बार-बार इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाते रहे। हालांकि इंग्लैंड की रक्षापंक्ति लंबे समय तक मजबूती से डटी रही और अर्जेंटीना को बराबरी का मौका नहीं मिल पाया।

आखिरी सात मिनट में अर्जेंटीना ने पलटा पूरा मुकाबला

जब मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा तो अर्जेंटीना ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। 86वें मिनट में टीम को कॉर्नर मिला। लियोनेल मेसी ने सीधे गेंद बॉक्स में भेजने के बजाय शॉर्ट कॉर्नर खेला और गेंद एंजो फर्नांडेज को पास की। फर्नांडेज ने करीब 25 गज की दूरी से जोरदार शॉट लगाया। गेंद खिलाड़ियों की भीड़ के बीच से निकलती हुई सीधे गोलपोस्ट में जा समाई और अर्जेंटीना ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल ने पूरे मैच का रुख बदल दिया। बराबरी के बाद अर्जेंटीना का आत्मविश्वास पूरी तरह लौट आया जबकि इंग्लैंड दबाव में आ गया। इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने दाईं ओर से सटीक क्रॉस बॉक्स के भीतर भेजा। सब्स्टीट्यूट स्ट्राइकर लॉटारो मार्टिनेज डिफेंडरों से आगे निकल गए और शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। 

इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 2-1 की बढ़त बना ली। अंतिम सीटी बजते ही अर्जेंटीना के खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे, जबकि इंग्लैंड का फाइनल खेलने का सपना टूट गया। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने विश्व कप इतिहास में अपना सातवां फाइनल खेलने का अधिकार हासिल कर लिया। इससे पहले टीम 1930, 1978, 1986, 1990, 2014 और 2022 में फाइनल खेल चुकी है। अर्जेंटीना ने 1978, 1986 और 2022 में विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। अब उसके पास लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विश्व चैंपियन बनने का सुनहरा अवसर है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2022 में विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना ने 2026 में भी फाइनल में जगह बनाई है। विश्व कप इतिहास में यह पहला अवसर है जब अर्जेंटीना लगातार दो विश्व कप फाइनल खेलेगा। 

सेमीफाइनल में भी उसका रिकॉर्ड शानदार बना हुआ है। टीम अब तक खेले गए सभी विश्व कप सेमीफाइनल मुकाबलों में विजयी रही है और कभी भी अंतिम चार के चरण में हार का सामना नहीं किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें 19 जुलाई पर टिकी हैं, जब विश्व फुटबॉल की दो मजबूत टीमें आमने-सामने होंगी। एक ओर लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सपना देख रही अर्जेंटीना होगी, तो दूसरी ओर यूरोपीय चैंपियन स्पेन, जिसने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया है। ऐसे में फुटबॉल प्रेमियों को एक बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक खिताबी मुकाबले का इंतजार रहेगा।

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