देश की राजधानी दिल्ली में इस बार बकरीद को लेकर सरकार पहले से ज्यादा सख्त नजर आ रही है। त्योहार से पहले जारी नए दिशा-निर्देशों में साफ कर दिया गया है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, गलियों और पार्कों में किसी भी तरह की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। दिल्ली सरकार का कहना है कि बकरीद केवल तय और अधिकृत स्थानों पर ही मनाई जाएगी, ताकि राजधानी में कानून व्यवस्था और साफ-सफाई बनी रहे। सरकार के इस फैसले से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकार के इस फैसले से राजधानी के लाखों लोगों को राहत और सुकून मिलने की बात कही जा रही है, क्योंकि हर साल बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।
इस वर्ष बकरीद 27 मई को मनाई जाएगी। त्योहार को लेकर दिल्ली सरकार और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही कुर्बानी दी जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर वीडियो जारी कर इन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजधानी में कानून व्यवस्था, साफ-सफाई और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बकरीद को लेकर विशेष गाइडलाइन जारी की गई हैं। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और विकास विभाग संयुक्त रूप से पूरे शहर में निगरानी रखेंगे। दिल्ली सरकार की ओर से जारी मुख्य दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
किसी भी सड़क, गली, पार्क, खुले मैदान या सार्वजनिक स्थल पर जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जा सकेगी। कुर्बानी केवल उन्हीं स्थानों पर होगी जिन्हें प्रशासन ने अधिकृत किया है। इसके अलावा सरकार ने साफ-सफाई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। कुर्बानी के बाद निकलने वाले खून, कचरे और अन्य अवशेषों को नालियों, सीवरों या सार्वजनिक जगहों पर फेंकने पर पूरी तरह रोक रहेगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम और सफाई विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि त्योहार के दौरान राजधानी में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो। दिल्ली सरकार ने अवैध पशु बाजारों और जानवरों की गैरकानूनी तस्करी पर भी पूरी तरह रोक लगाने की बात कही है। प्रशासन ने कहा है कि सड़कों पर अस्थायी पशु बाजार लगाने या बिना अनुमति पशुओं की खरीद-बिक्री करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। कई इलाकों में विशेष निगरानी टीमों की तैनाती की जा रही है।
कपिल मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि बकरीद का त्योहार शांति, भाईचारे और कानून के दायरे में मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन होता दिखाई दे तो तुरंत दिल्ली पुलिस या विकास विभाग को इसकी जानकारी दें। दिल्ली पुलिस ने भी त्योहार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कोई अफवाह या भड़काऊ सामग्री माहौल खराब न कर सके। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के कई इलाकों से सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और गंदगी फैलने की शिकायतें सामने आई थीं।
कई जगहों पर नालियों में खून बहने और खुले में पशु अवशेष फेंके जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए इस बार सरकार ने पहले से ही सख्ती दिखाने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी धार्मिक परंपरा को रोकना नहीं बल्कि त्योहार को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और स्वच्छ तरीके से संपन्न कराना है। प्रशासन चाहता है कि बकरीद के दौरान धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ आम जनता की सुविधा और शहर की व्यवस्था भी बनी रहे।
बकरीद क्या है और मुसलमान इसे क्यों मनाते हैं?
बकरीद, जिसे ईद-उल-अजहा भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है। यह त्योहार त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देता है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के हुक्म पर अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने की इच्छा जताई थी। उनकी इसी आस्था और समर्पण की याद में बकरीद मनाई जाती है। मुस्लिम समुदाय इस दिन सुबह विशेष नमाज अदा करता है और अपनी क्षमता के अनुसार कुर्बानी देता है। इस्लाम में कुर्बानी का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी माना जाता है।
कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटने की परंपरा है। एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है, दूसरा रिश्तेदारों और परिचितों को तथा तीसरा हिस्सा परिवार अपने लिए रखता है। भारत सहित दुनिया के कई देशों में बकरीद बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। लोग मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ते हैं, एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। यह त्योहार भाईचारे, त्याग और मानवता का प्रतीक माना जाता है। हालांकि बड़े शहरों में बढ़ती आबादी और सार्वजनिक व्यवस्थाओं के कारण त्योहारों के दौरान प्रशासन को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
इसी वजह से दिल्ली सरकार ने इस बार पहले से ही सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि बकरीद शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाई जा सके। राजधानी के कई लोगों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि यदि कुर्बानी केवल निर्धारित स्थानों पर होगी और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा तो त्योहार बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकेगा। अब बकरीद से पहले दिल्ली सरकार की यह सख्ती पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और साफ कर चुका है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

















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