उम्र 39 साल, सामने युवा चुनौती और कोर्ट पर लगातार बढ़ता दबाव, लेकिन जब बात विंबलडन की होती है तो नोवाक जोकोविच का अनुभव और जज़्बा हर मुश्किल पर भारी पड़ जाता है। सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने सोमवार को सेंटर कोर्ट पर एक और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया। रूस के क्वालिफायर रोमान सफीउलिन को चार सेटों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में 7-6 (8-6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर उन्होंने विंबलडन में अपने करियर की 106वीं जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने स्विट्जरलैंड के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर (105 जीत) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और पुरुष एकल में विंबलडन इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बन गए। अब पूरे विंबलडन इतिहास में जोकोविच से आगे केवल महिला टेनिस की महान खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा हैं, जिनके नाम 120 जीत दर्ज हैं। यह उपलब्धि जोकोविच की महानता को और मजबूत करती है।
पिछले दो दशकों से टेनिस पर राज कर रहे सर्बियाई खिलाड़ी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मंच पर उनका मुकाबला करना आज भी आसान नहीं है। इस जीत के साथ जोकोविच ने रिकॉर्ड 17वीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। यह अपने आप में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे से होगा। यदि जोकोविच यह मुकाबला जीतते हैं तो सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जैनिक सिनर से उनकी बहुप्रतीक्षित भिड़ंत हो सकती है। हालांकि यह जीत उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं रही। विश्व रैंकिंग में 132वें स्थान पर मौजूद रोमान सफीउलिन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और कई मौकों पर जोकोविच को दबाव में डाल दिया।
पहले सेट में सफीउलिन 5-3 से आगे भी हो गए थे, लेकिन बड़े खिलाड़ियों की पहचान मुश्किल समय में वापसी करना होती है। जोकोविच ने शानदार संयम दिखाते हुए मुकाबले को टाई-ब्रेकर तक पहुंचाया और पहला सेट अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में उन्होंने लय पकड़ ली और आसानी से जीत दर्ज कर ली, लेकिन तीसरे सेट में सफीउलिन ने फिर वापसी करते हुए जोकोविच की सर्विस तोड़ दी। इसी दौरान जोकोविच अपना आपा खो बैठे और गुस्से में गेंद दूसरी ओर मार दी। इस हरकत पर चेयर अंपायर ने उन्हें चेतावनी दी, जबकि दर्शकों ने भी हूटिंग की। हालांकि अनुभवी खिलाड़ी ने खुद को संभाला और चौथे सेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच समाप्त कर दिया।
गुस्से पर माफी, आठवें विंबलडन और 25वें ग्रैंड स्लैम की ओर बढ़े कदम
मैच के बाद जोकोविच ने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाने के लिए खुलकर माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं अपने गुस्से और चिड़चिड़ेपन के लिए जाना जाता हूं। आज भी ऐसा हुआ, जिसके लिए मैं माफी चाहता हूं। मैच के दौरान दिमाग कई बार भटक जाता है। उसे वर्तमान में बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन जो ऐसा कर पाता है, वही अंत में जीत हासिल करता है।” जोकोविच की यह ईमानदारी दर्शकों को भी पसंद आई। मैच के दौरान भले ही उन्हें हूटिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन मुकाबला खत्म होने के बाद सेंटर कोर्ट में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। दूसरी ओर, रोमान सफीउलिन ने भी अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया। छह महीने पहले गंभीर चोट से जूझ रहे 28 वर्षीय खिलाड़ी ने उम्मीद से कहीं बेहतर खेल दिखाया।
तीसरे सेट के दौरान उन्होंने मेडिकल टाइमआउट भी लिया, लेकिन इसके बावजूद 6-3 से सेट जीतकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस मैच में सफीउलिन ने साबित कर दिया कि भविष्य में वह बड़े खिलाड़ियों के लिए लगातार चुनौती बन सकते हैं। अब जोकोविच की नजर अपने आठवें विंबलडन खिताब पर है। यदि वह इस बार ट्रॉफी जीतते हैं तो रोजर फेडरर के आठ विंबलडन खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। इसके अलावा यह उनके करियर का रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब भी हो सकता है। हालांकि इस बार के टूर्नामेंट में खेले गए चार मुकाबलों में से तीन में उन्हें चार सेट तक खेलना पड़ा है, जिससे साफ है कि खिताब की राह आसान नहीं रहने वाली। उधर, मौजूदा चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जैनिक सिनर ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने जापान के क्वालिफायर शिंतारो मोचिजुकी को 6-3, 7-6 (7-0), 6-3 से हराकर लगातार पांचवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
अब उनका सामना जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ से होगा। यदि सिनर और जोकोविच दोनों अपने-अपने क्वार्टर फाइनल जीत जाते हैं तो सेमीफाइनल में टेनिस जगत को एक और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा। महिला एकल वर्ग में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जापान की चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को 6-2, 7-6 (7-2) से हराकर पहली बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। ओसाका की आक्रामक खेल शैली के सामने सबालेंका पूरी तरह संघर्ष करती नजर आईं। इस जीत के साथ ओसाका ने यह संकेत भी दे दिया कि वह एक बार फिर महिला टेनिस में अपनी बादशाहत स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वहीं, जोकोविच की ऐतिहासिक जीत और ओसाका के बड़े उलटफेर ने विंबलडन 2026 के दूसरे सप्ताह को और भी रोमांचक बना दिया है।

















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