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बांग्लादेशी नागरिकों पर जम्मू-कश्मीर में बड़ा एक्शन, 150 और को देश से भेजने की तैयारी, होल्डिंग सेंटर में रखे गए 

जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। अब करीब 150 और बांग्लादेशी नागरिकों को भारत से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन नागरिकों को श्रीनगर के पंथाचौक स्थित विशेष होल्डिंग सेंटर में रखा गया है, जहां उनके दस्तावेजों की जांच और पहचान की पुष्टि की जा रही है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच का अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की जांच में कई लोगों के दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। खास तौर पर आधार कार्ड से जुड़े रिकॉर्ड में विसंगतियां मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाया है।

पंथाचौक में तैयार किए गए होल्डिंग सेंटर में रखे गए इन नागरिकों की पहचान, नागरिकता और भारत में रहने से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित लोगों के पास मौजूद दस्तावेज वास्तविक हैं या नहीं और उनमें दर्ज जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से मेल खाती है या नहीं। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें वापस भेजने की अगली कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर से बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले करीब 150 बांग्लादेशी नागरिकों को विशेष विमान के जरिए भारत से वापस भेजा जा चुका है। अब दूसरे जत्थे के तौर पर करीब 150 और लोगों को वापस भेजने की तैयारी की जा रही है। इस तरह दोनों चरणों में करीब 300 लोगों को देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया सामने आई है। पहले जत्थे को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से बागडोगरा एयरपोर्ट ले जाया गया था। वहां से उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधित प्रक्रिया के तहत आगे भेजा गया। अब दूसरे जत्थे को लेकर भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां दस्तावेजी जांच के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान करना इस अभियान का अहम हिस्सा है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिन लोगों के पास संदिग्ध या आपस में मेल न खाने वाले दस्तावेज पाए जा रहे हैं, उनकी अतिरिक्त जांच की जा रही है। प्रशासन का फोकस यह पता लगाने पर है कि संबंधित व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में कब और किस रास्ते से पहुंचे और उनके पास भारत में रहने का वैध आधार है या नहीं।

15 हजार संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान का अनुमान, सत्यापन अभियान जारी

आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में करीब 15 हजार संदिग्ध अवैध अप्रवासियों के रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, यह संख्या अंतिम रूप से सत्यापित नागरिकों की संख्या नहीं है। संबंधित एजेंसियां लगातार इन लोगों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कितने लोग वास्तव में अवैध रूप से रह रहे हैं और कितने लोगों के दस्तावेज वैध हैं।

प्रशासन की जांच में आधार कार्ड से जुड़े आंकड़ों में भी कई तरह की विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है। कुछ मामलों में दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच अंतर पाया गया है। इसके अलावा ऐसे दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए हैं, जिनकी प्रामाणिकता को लेकर संदेह है। इन्हीं मामलों की पड़ताल के बाद संदिग्ध विदेशी नागरिकों को अलग करके उनके सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

पंथाचौक का विशेष होल्डिंग सेंटर इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। यहां रखे गए लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच पूरी होने तक उन्हें निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जा रहा है। संबंधित अधिकारियों की ओर से नागरिकता की पुष्टि के लिए जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि होने और भारत में उनके रहने का वैध आधार नहीं मिलने पर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पूरे अभियान में सुरक्षा एजेंसियों के साथ स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग भी शामिल हैं। जांच के दौरान केवल पहचान ही नहीं, बल्कि दस्तावेजों की पूरी कड़ी को देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति को केवल किसी दस्तावेज के आधार पर विदेशी या अवैध प्रवासी घोषित न किया जाए, बल्कि उपलब्ध रिकॉर्ड और सत्यापन के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाए।

जम्मू-कश्मीर में बाहरी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच का मुद्दा पिछले कुछ समय से प्रशासनिक स्तर पर लगातार चर्चा में है। खासकर बांग्लादेश से आए संदिग्ध नागरिकों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय रही हैं। अब दूसरे जत्थे के करीब 150 लोगों को वापस भेजने की तैयारी के साथ यह कार्रवाई एक और चरण में पहुंच गई है। प्रशासन की ओर से आगे भी ऐसे लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। 

करीब 15 हजार संदिग्ध अवैध अप्रवासियों के अनुमान के बीच सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि इनमें से कौन वास्तव में विदेशी नागरिक हैं और किन लोगों के पास भारत में रहने का वैध अधिकार है। इसी वजह से हर मामले में दस्तावेजों और पहचान की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 150 लोगों के इस दूसरे जत्थे की वापसी से पहले पंथाचौक होल्डिंग सेंटर में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद संबंधित नागरिकों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर वापस भेजा जाएगा। 

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