नई दिल्ली में आज विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में छात्र संगठनों के साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल होने की अपील कर रहे हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत एक स्थान पर लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस की ओर से लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है। प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद आयोजकों की ओर से लोगों को जुटने का आह्वान किया गया है, जिसके कारण पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर भी असर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली इलाके के 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस और लोक कल्याण मार्ग सहित कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को इन स्टेशनों के आसपास यात्रा करते समय सावधानी बरतने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर आयोजकों का कहना है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में नामों के बदलाव और पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंकाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया जाएगा। आयोजकों ने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है।
इस बीच मुंबई में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का कार्यक्रम है। कॉकरोच जनता पार्टी ने आज शाम चार बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई है। संगठन के कन्वीनर अभिजीत दीपके ने 24 सितंबर को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि एसआईआर के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। हालांकि मुंबई पुलिस की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई है।
एसआईआर के बाद फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव, 2003 की मतदाता सूची की जानकारी देना जरूरी नहीं
एसआईआर को लेकर जारी विरोध और राजनीतिक बहस के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में बदलाव किया है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में अब नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने वाले लोगों को फॉर्म-6 भरते समय वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित अतिरिक्त घोषणा नहीं करनी होगी। पहले आवेदक से यह जानकारी मांगी जा रही थी कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं। नए बदलाव के बाद फॉर्म-6 से इस संबंध में दिया जाने वाला अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। यानी जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराने वाले आवेदकों को 2003 की मतदाता सूची में अपने या अपने परिवार के सदस्यों का नाम होने की जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां यह व्यवस्था लागू रहेगी। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को लेकर जारी प्रक्रिया के तहत पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने का अवसर भी दिया जा रहा है। एसआईआर के बाद जिन पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म-6 में बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब एसआईआर को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और अपात्र नामों को हटाना है। दिल्ली में आज होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने तथा धारा 163 लागू किए जाने से राजधानी में सुरक्षा बंदोबस्त की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रदर्शन के दौरान कितने लोग जुटते हैं और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति किस तरह रहती है।


















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