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आप को बड़ा झटका, प्रियंका कक्कड़ ने थामा कांग्रेस का हाथ, बोलीं- सिर्फ कांग्रेस ही बदल सकती है दिल्ली

दिल्ली की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने पार्टी से अलग होकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। लंबे समय से आम आदमी पार्टी की ओर से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाली प्रियंका कक्कड़ अब कांग्रेस के साथ राजनीतिक पारी आगे बढ़ाएंगी। उनके कांग्रेस में शामिल होने को दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। प्रियंका कक्कड़ को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला, दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव और सांसद पवन खेड़ा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत किया और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और दिल्ली की राजनीति की समझ से संगठन को मजबूती मिलेगी। प्रियंका कक्कड़ लंबे समय से दिल्ली के राजनीतिक मुद्दों पर आम आदमी पार्टी का पक्ष रखती रही हैं। ऐसे में उनका कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने दिल्ली को लेकर अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और आम आदमी पार्टी से दूरी बनाने की वजह पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह ऐसी दिल्ली चाहती हैं, जहां वह पली-बढ़ी हैं और उनका मानना है कि केवल कांग्रेस ही ऐसी दिल्ली का निर्माण कर सकती है। उनके इस बयान को आम आदमी पार्टी की कार्यशैली और उसके नेतृत्व को लेकर उनकी असहमति के तौर पर देखा जा रहा है।प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुराने वादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में आने के दौरान कहा था कि वह मुख्यमंत्री बनने के बाद न तो कोई बंगला लेंगे और न ही कोई कार। प्रियंका ने कहा कि बाद में लोगों ने देखा कि वास्तव में क्या हुआ। उनके इस बयान से साफ है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व और उसके कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के साथ जाने का फैसला किया है।

प्रियंका कक्कड़ का कांग्रेस में शामिल होना ऐसे समय हुआ है, जब दिल्ली में कांग्रेस लंबे समय से अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। दिल्ली की राजनीति में पिछले वर्षों के दौरान आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला है। कांग्रेस के लिए अपना पुराना जनाधार वापस हासिल करना लगातार एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के एक प्रमुख चेहरे का कांग्रेस में शामिल होना संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

प्रियंका कक्कड़ आम आदमी पार्टी की प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रही हैं और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सार्वजनिक रूप से रखती रही हैं। टेलीविजन बहसों, मीडिया संवाद और अन्य मंचों पर वह पार्टी की नीतियों और तत्कालीन सरकार के फैसलों का बचाव करती दिखाई देती रही हैं। उनके कांग्रेस में जाने से दिल्ली की राजनीति में यह सवाल भी उठने लगा है कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी के भीतर और क्या राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

कांग्रेस में शामिल होकर प्रियंका ने साधा आप नेतृत्व पर निशाना

कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने अपने राजनीतिक फैसले को दिल्ली के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि वह ऐसी दिल्ली चाहती हैं, जिससे उनका भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि जिस दिल्ली में वह पली-बढ़ी हैं, वह दिल्ली उनके लिए केवल एक शहर नहीं बल्कि उनकी पहचान का हिस्सा है। उनके मुताबिक, वह उसी तरह की दिल्ली को वापस देखना चाहती हैं और इसके लिए कांग्रेस को सक्षम मानती हैं। उनका यह बयान कांग्रेस के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी लंबे समय से दिल्ली में अपने संगठन को फिर से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। प्रियंका कक्कड़ जैसे चेहरे का पार्टी में आना कांग्रेस को आम आदमी पार्टी के खिलाफ राजनीतिक बहस को नए सिरे से खड़ा करने का अवसर दे सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक राजनीतिक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

प्रियंका ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल के पुराने बयानों और बाद की परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने शुरुआत में सादगी और आम आदमी की राजनीति का संदेश दिया था, लेकिन बाद में परिस्थितियां अलग दिखाई दीं। उन्होंने इसी अंतर को आम आदमी पार्टी छोड़ने के अपने फैसले से जोड़ते हुए कांग्रेस के साथ जाने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने भी प्रियंका कक्कड़ के पार्टी में शामिल होने को दिल्ली में संगठन के लिए अहम बताया। राजीव शुक्ला, देवेंद्र यादव और पवन खेड़ा की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। कांग्रेस की ओर से यह संकेत दिया गया कि पार्टी दिल्ली में अपने संगठन को विस्तार देने और नए चेहरों को जोड़ने पर जोर दे रही है।

दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच लंबे समय से अलग-अलग मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव देखने को मिलता रहा है। आम आदमी पार्टी के उभार के बाद कांग्रेस को दिल्ली में अपने पुराने प्रभाव को बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ऐसे में आम आदमी पार्टी से जुड़े प्रमुख चेहरों का कांग्रेस की ओर रुख करना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रियंका कक्कड़ के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। 

पार्टी उन्हें दिल्ली में संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक संवाद में किस तरह इस्तेमाल करती है, यह आने वाले समय में सामने आएगा। फिलहाल उनके कांग्रेस में शामिल होने से दिल्ली की सियासत में एक नया राजनीतिक घटनाक्रम जुड़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच दिल्ली की राजनीति में संबंधों को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है। प्रियंका कक्कड़ लंबे समय तक आम आदमी पार्टी की ओर से मुखरता से पक्ष रखती रही हैं। ऐसे में उनका कांग्रेस में जाना महज पार्टी बदलने का घटनाक्रम नहीं, बल्कि दिल्ली की राजनीति में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच एक उल्लेखनीय बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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