Advertisement

आज अनंत चतुर्दशी : बप्पा की विदाई शुरू, मुंबई समेत देशभर में गूंज रहा- “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ”

आज अनंत चतुर्दशी का शुभ दिन है और देशभर में गणपति बप्पा की विदाई का भावुक पल आ गया है। दस दिनों तक घरों और पंडालों में विराजमान रहे भगवान गणेश अब भक्तों से विदा ले रहे हैं। सुबह से ही मुंबई समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में ढोल-ताशों की गूंज, शंखनाद और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। खुशी और भावुकता से भरे इस माहौल में श्रद्धालु अपने आराध्य को फूलों से सजी गाड़ियों और भव्य शोभायात्राओं के साथ विसर्जन स्थलों तक ले जा रहे हैं। कहीं आंखों में खुशी है तो कहीं बप्पा को विदा करने का दर्द साफ दिखाई दे रहा है।

मुंबई में गणेश विसर्जन का नजारा हर साल की तरह इस बार भी बेहद खास है। यहां गणपति उत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति, परंपरा और सामूहिक भावना का हिस्सा बन चुका है। अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई की सड़कों पर सुबह से ही गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकलनी शुरू हो गई हैं। छोटे-बड़े गणेश मंडलों के साथ बड़ी संख्या में लोग विसर्जन यात्रा में शामिल हो रहे हैं। ढोल-ताशों की धुन पर युवा नाच रहे हैं, महिलाएं आरती और पूजा कर रही हैं और बच्चे हाथों में फूल लेकर बप्पा को अंतिम विदाई दे रहे हैं।

मुंबई में आज के दिन सबसे अधिक चर्चा लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा की है। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इस वर्ष अपना 93वां गणेशोत्सव मना रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय लालबागचा राजा को आज भव्य विसर्जन यात्रा के साथ विदाई दी जाएगी। मंडल की ओर से विसर्जन यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 24 सितंबर की सुबह छह बजे चरणस्पर्श दर्शन की कतार बंद कर दी गई थी, जबकि मुखदर्शन की कतार रात 11:59 बजे बंद की गई। इसके बाद मंडल के कार्यकर्ता विसर्जन यात्रा की तैयारियों में जुट गए। लालबागचा राजा की विदाई यात्रा मुंबई के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। लालबाग, चिंचपोकली, भायखला और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। बप्पा की विशाल प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने से पहले अंतिम पूजा और आरती की जा रही है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में बप्पा के दर्शन कर रहे हैं और उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।

मुंबई में लालबागचा राजा के अलावा मुंबईचा राजा, अंधेरीचा राजा, चिंचपोकलीचा चिंतामणी और दूसरे प्रमुख गणेश मंडलों की प्रतिमाएं भी आज विसर्जन के लिए निकलेंगी। अलग-अलग इलाकों से निकलने वाली शोभायात्राएं निर्धारित मार्गों से होकर समुद्र तटों और विसर्जन स्थलों तक पहुंचेंगी। गिरगांव चौपाटी, दादर चौपाटी, जुहू और अन्य स्थानों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बीएमसी के अनुसार, इस साल गणेशोत्सव के दौरान डेढ़ दिन, पांच दिन, छह दिन और सात दिन की अवधि पूरी होने पर अब तक कुल 1,63,386 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। इनमें घरों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं के साथ सार्वजनिक गणेश मंडलों की प्रतिमाएं भी शामिल हैं। अनंत चतुर्दशी के दिन अब विसर्जन का सबसे बड़ा चरण शुरू हो गया है और देर रात तक मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी रहने वाला है।

मुंबई में गणपति विसर्जन को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को भी विशेष रूप से तैयार किया गया है। मध्य रेलवे ने 25 और 26 सितंबर की रात 22 विशेष लोकल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। इससे विसर्जन यात्राओं में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को देर रात घर लौटने में सुविधा मिलेगी। मुंबई मेट्रो लाइन-3 को भी अनंत चतुर्दशी की रात पूरी रात चलाने की व्यवस्था की गई है। इससे प्रमुख इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।

मुंबई में रातभर गूंजेंगे जयकारे, समुद्र किनारे उमड़ेगा आस्था का सैलाब

गणपति विसर्जन के दौरान मुंबई की सड़कों का दृश्य देखते ही बनता है। गणेश मंडलों की झांकियां, फूलों से सजे वाहन, ढोल-ताशे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के बीच बप्पा की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए आगे बढ़ती हैं। रास्ते में जगह-जगह लोग आरती करते हैं और प्रतिमाओं पर फूल बरसाते हैं। जैसे विसर्जन स्थल नजदीक आता है, भक्तों की भावनाएं और गहरी होती जाती हैं। लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी मंडल से जुड़े कार्यकर्ता यात्रा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। मुंबई पुलिस और नगर प्रशासन की ओर से प्रमुख विसर्जन मार्गों और समुद्र तटों पर व्यवस्था की गई है।

गणपति उत्सव के दौरान इस बार भी लालबागचा राजा को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंडल को बड़ी मात्रा में दान, सोना और चांदी मिलने की जानकारी सामने आई है। श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गणपति के दर्शन के लिए मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं। मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के पुणे, नासिक, नागपुर, ठाणे और दूसरे शहरों में भी गणपति विसर्जन की तैयारियां पूरी हैं। वहीं देश के अन्य राज्यों में भी गणेश प्रतिमाओं को नदियों, तालाबों, झीलों और कृत्रिम विसर्जन कुंडों में विसर्जित किया जा रहा है। कई स्थानों पर प्रशासन ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम तालाब और विशेष विसर्जन कुंड बनाए हैं। श्रद्धालुओं से भी पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन करने की अपील की जा रही है।

गणेशोत्सव का अंतिम दिन अपने साथ एक अलग तरह की भावुकता लेकर आता है। दस दिनों तक जिन घरों और पंडालों में आरती, भजन और जयकारों से माहौल गूंजता रहा, वहां आज विदाई की तैयारी है। भक्त बप्पा की अंतिम आरती कर उनसे परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मुंबई में आज देर रात तक गणपति विसर्जन का सिलसिला चलता रहेगा। समुद्र किनारे पहुंचने वाली हर प्रतिमा के साथ भक्तों का एक ही संदेश होगा, बप्पा अगले वर्ष फिर लौटें। प्रतिमा पानी में विलीन होगी, लेकिन भक्तों की आस्था और विश्वास कायम रहेगा। इसी विश्वास के साथ मुंबई और देशभर के श्रद्धालु भावुक मन से कहेंगे, गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *