राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। लगातार बदलते बादलों, रुक-रुककर हो रही बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी व उमस से परेशान लोगों को राहत दी है। आने वाले दिनों में भी मौसम के पूरी तरह साफ और शुष्क होने के आसार नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में अगले चार-पांच दिनों तक बारिशनुमा मौसम बना रह सकता है। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार धूप और उमस से परेशान लोगों को फिलहाल तेज गर्मी से राहत मिली हुई है। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो रहा है, जबकि दोपहर में भी तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा ऊपर नहीं जा रहा। हालांकि बारिश थमने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से कुछ समय के लिए उमस परेशान कर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 अगस्त को दिल्ली में सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 और 20 अगस्त को भी दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 21 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में अगले कई दिनों तक राजधानी में मौसम का मिजाज बदलता रहने की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम की ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। कहीं हल्की बारिश तो कहीं बादलों की आवाजाही से तापमान में राहत महसूस की जा रही है। कुछ इलाकों में बारिश के कारण सड़कों और आसपास के वातावरण में ठंडक आई है। हालांकि बारिश रुकने के बाद बढ़ी नमी के चलते उमस का असर फिर महसूस किया जा सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग क्षेत्र में 18 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26.5 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यानी दिन का तापमान सामान्य स्तर के आसपास रहने की संभावना है और फिलहाल राजधानी में अत्यधिक गर्मी की स्थिति बनने के संकेत नहीं हैं।
19 से 23 अगस्त के बीच सफदरजंग में सामान्य अधिकतम तापमान करीब 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26.5 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं 24 से 28 अगस्त के दौरान सामान्य अधिकतम तापमान करीब 34.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26.4 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में तापमान में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव होने की संभावना नहीं है। राजधानी में बारिश और बादलों की मौजूदगी से सिर्फ तापमान ही प्रभावित नहीं हो रहा, बल्कि हवा की गुणवत्ता पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ रहा है। बारिश के दौरान वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण नीचे बैठते हैं और हवा की गतिविधि प्रदूषकों के फैलाव में मदद करती है। यही कारण है कि इस समय दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में नहीं पहुंची है। ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 109 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे स्थायी सुधार नहीं माना जा सकता। वायु गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है और बारिश रुकने, हवा की गति कम होने तथा वाहनों और अन्य स्रोतों से प्रदूषण बढ़ने पर स्थिति दोबारा खराब हो सकती है।
21 अगस्त तक बादल और बारिश, तापमान पर रहेगा नियंत्रण
दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में मौसम का सबसे बड़ा असर तापमान पर दिखाई देने की उम्मीद है। 18 से 21 अगस्त के बीच अलग-अलग हिस्सों में बादल और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 19 और 20 अगस्त को कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में दिन के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने के आसार कम हैं। बारिश के कारण कई इलाकों में सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक बना रह सकता है। कामकाजी लोगों और बाहर निकलने वालों को भीषण धूप से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं, खासकर उन इलाकों में जहां जलनिकासी व्यवस्था कमजोर है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के साथ गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादलों और बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। एनसीआर के शहर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए दिल्ली में मौसम बदलने का असर आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस होता है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने के कारण चिपचिपाहट और उमस की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश और बादलों की वजह से तापमान पर नियंत्रण रहने की संभावना है, लेकिन इसे पूरी तरह ठंडे मौसम की शुरुआत नहीं माना जा सकता। अगस्त के दौरान दिल्ली में नमी अधिक रहने के कारण बारिश के बीच भी उमस बनी रह सकती है। यदि बारिश कुछ समय के लिए रुकती है और धूप निकलती है तो नमी के कारण गर्मी का अहसास फिर बढ़ सकता है। वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर भी अगले कुछ दिन दिल्ली-एनसीआर के लिए राहत भरे रह सकते हैं। बारिश और हवा की गतिविधियां वातावरण में मौजूद धूल तथा प्रदूषक कणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और स्थानीय प्रदूषण के अन्य स्रोत लगातार सक्रिय रहने के कारण हवा की गुणवत्ता केवल बारिश के भरोसे बेहतर नहीं रह सकती।
दिल्ली-एनसीआर में अगले चार-पांच दिन मौसम का मिजाज बारिशनुमा रहने की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही, कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश और तापमान में सीमित बढ़ोतरी के कारण लोगों को फिलहाल तेज गर्मी से राहत मिलती रहेगी। 18 अगस्त से 21 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां सबसे ज्यादा प्रभावी रह सकती हैं। इसके बाद भी तापमान सामान्य स्तर के आसपास रहने का अनुमान है। इस बदले मौसम ने राजधानी के लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला कितना सक्रिय रहता है और इसका असर तापमान तथा वायु गुणवत्ता पर कितना पड़ता है। फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान से यही संकेत मिल रहे हैं कि दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

















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