देशभर पर मानसून की मार : दिल्ली-एनसीआर समेत 13 राज्यों में बारिश और तूफान का हाईअलर्ट, आईएमडी ने सतर्क रहने की दी सलाह

देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर उत्तर, पश्चिम, पूर्वोत्तर तथा दक्षिण भारत के कई राज्यों में एक साथ देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, झारखंड और केरल तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई शहरों में सड़कों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और तेज हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर सहित देश के 13 राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का हाई अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। ऐसे में अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। 

मौसम विभाग ने लोगों से बिना जरूरत घरों से बाहर नहीं निकलने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों, मछुआरों और नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। दिल्ली-एनसीआर में बुधवार सुबह से ही कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ ही कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के चलते अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। 

मौसम में आई ठंडक से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। राजधानी लखनऊ के अलावा मथुरा, झांसी, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर, प्रयागराज और आसपास के कई जिलों में तेज बारिश के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। बिहार में पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया, भागलपुर और दरभंगा समेत कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से खुले मैदानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है।

झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद सहित कई हिस्सों में भी तेज बारिश और लगभग 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

वायनाड और डोडा की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता, पहाड़ी राज्यों में खतरा बरकरार

मंगलवार को केरल के वायनाड में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच सुरंग निर्माण स्थल पर भूस्खलन की घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। भारी मलबा निर्माण क्षेत्र में आ गिरा, जिससे कई मजदूर प्रभावित हुए। हादसे में लोगों की जान गई, कई घायल हुए और भारी मशीनरी तथा एक टैंकर भी मलबे की चपेट में आ गया। बचाव दलों ने लगातार कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। यह घटना दिखाती है कि लगातार हो रही वर्षा पहाड़ी क्षेत्रों में कितनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को बादल फटने की घटना सामने आई। अचानक आई तेज पानी की धारा और मलबे ने कई संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचाया। 

कुछ गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से टूट गया, जबकि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। देश के पश्चिमी हिस्सों में महाराष्ट्र के कई जिलों में भी तेज बारिश का दौर जारी है। मुंबई, ठाणे, पालघर और कोंकण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और पश्चिम बंगाल में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी लेकिन कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। 

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। दक्षिण भारत में केरल के अलावा कर्नाटक के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिलहाल पूरी तरह सक्रिय है और आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।मौजूदा परिस्थितियों में सबसे अधिक खतरा वज्रपात, अचानक बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं से है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए तथा अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। फिलहाल पूरे देश में मानसून का यह दौर राहत के साथ-साथ बड़ी चुनौती भी बन गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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