फीफा वर्ल्ड कप में बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को हराकर ट्रंप का उड़ाया मजाक, सोशल मीडिया पर लिखा- “इसे पलटकर दिखाओ”

अमेरिका की मेजबानी में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम ने सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी अपनी जीत का जोरदार जश्न मनाया। राउंड ऑफ 16 मुकाबले में मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराने के बाद बेल्जियम की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने एक ऐसा पोस्ट साझा किया, जिसने कुछ ही देर में दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बेल्जियन रेड डेविल्स ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर “Overturn this” यानी “इसे पलटकर दिखाओ” लिखकर अपनी जीत का जश्न मनाया। इस एक लाइन के जरिए टीम ने न सिर्फ अमेरिका को करारा जवाब दिया, बल्कि उन विवादों पर भी तंज कसा जो मैच से पहले अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को लेकर सामने आए थे। बेल्जियम की इस पोस्ट को कई लोगों ने फीफा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी सांकेतिक कटाक्ष माना। दरअसल, मुकाबले से पहले फोलारिन बालोगुन के एक मैच के निलंबन को हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फीफा ने बालोगुन पर लगा प्रतिबंध वापस लेने का फैसला किया। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस मुद्दे ने फुटबॉल जगत में काफी चर्चा जरूर बटोरी।

बेल्जियम ने इससे पहले फीफा के सामने बालोगुन की पात्रता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। टीम का कहना था कि खिलाड़ी पर लगाया गया प्रतिबंध बरकरार रहना चाहिए, लेकिन फीफा ने बेल्जियम की अपील खारिज करते हुए अमेरिकी फॉरवर्ड को खेलने की अनुमति दे दी। इसके बाद से ही इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई थी। जीत के बाद बेल्जियम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही “फुटबॉल” और “सॉकर” की बहस पर चुटकी ली। टीम ने लिखा, “इसे सॉकर नहीं, फुटबॉल कहते हैं।” यह पोस्ट भी तेजी से वायरल हो गया और दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे अमेरिका पर मजेदार तंज बताया, जबकि कुछ ने इसे बेल्जियम की आत्मविश्वास से भरी प्रतिक्रिया माना।

विवाद की शुरुआत राउंड ऑफ 32 मुकाबले के बाद हुई थी। अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराया था, लेकिन उस मुकाबले के 64वें मिनट में फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड दिखाया गया था। सामान्य परिस्थितियों में उन्हें अगले मैच में नहीं खेलना चाहिए था, लेकिन बाद में फीफा ने उनका एक मैच का प्रतिबंध निलंबित कर दिया। इसी फैसले को लेकर बेल्जियम ने सवाल उठाए थे। हालांकि मैदान पर बेल्जियम ने यह साबित कर दिया कि वह किसी भी विवाद से ऊपर उठकर अपना प्रदर्शन करना जानता है। टीम ने शुरुआत से ही अमेरिका पर दबाव बनाए रखा और पूरे मैच के दौरान खेल पर अपना नियंत्रण कायम रखा। बेल्जियम के खिलाड़ियों ने तेज पासिंग, शानदार मूवमेंट और बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया।

चार्ल्स डी केटेलेरे का जलवा, लुकाकू ने जीत पर लगाई मुहर

सिएटल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बेल्जियम के लिए सबसे बड़े स्टार चार्ल्स डी केटेलेरे रहे। उन्होंने दो शानदार गोल दागकर टीम की जीत की नींव रखी और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार अपने नाम किया। डी केटेलेरे ने मैच की शुरुआत से ही अमेरिकी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और अपने शानदार प्रदर्शन से विपक्षी टीम की रणनीति को पूरी तरह विफल कर दिया।

हंस वनाकेन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए फीफा वर्ल्ड कप में अपना पहला गोल दागा। उनका यह गोल बेल्जियम के लिए बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि इससे टीम की बढ़त और मजबूत हो गई। दूसरी ओर, अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान में उतरने के बाद स्टॉपेज टाइम में गोल कर जीत पर अंतिम मुहर लगा दी। 

खास बात यह रही कि लुकाकू ने लगातार तीसरे वर्ल्ड कप मुकाबले में गोल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। अमेरिका की ओर से मलिक टिलमैन ने डिफ्लेक्टेड फ्री-किक के जरिए एक गोल जरूर किया, जिससे कुछ समय के लिए मुकाबला रोमांचक नजर आया, लेकिन बेल्जियम ने जल्द ही खेल पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया। अमेरिकी गोलकीपर मैट फ्रीज की एक बड़ी गलती का भी बेल्जियम ने पूरा फायदा उठाया और अपनी बढ़त को और मजबूत कर दिया। पूरे मुकाबले में बेल्जियम की टीम हर विभाग में अमेरिका पर भारी नजर आई। मिडफील्ड पर नियंत्रण, सटीक पासिंग, तेज आक्रमण और मजबूत डिफेंस ने यह साबित कर दिया कि टीम इस बार खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है। अमेरिका को घरेलू दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला, लेकिन बेल्जियम के अनुशासित खेल के सामने मेजबान टीम ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। 

इस शानदार जीत के साथ बेल्जियम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं, सोशल मीडिया पर किए गए उसके मजाकिया पोस्ट ने इस जीत को और भी चर्चित बना दिया। मैदान पर दमदार प्रदर्शन और मैदान के बाहर आत्मविश्वास से भरे अंदाज ने बेल्जियन रेड डेविल्स को एक बार फिर वैश्विक फुटबॉल चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। हालांकि, फोलारिन बालोगुन के निलंबन को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें रिपोर्ट्स और चर्चाओं के रूप में ही देखा जा रहा है।

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