डीएनडी से जेवर एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी, नोएडा में चार नए एंट्री-एग्जिट लूप बनेंगे, दिल्ली-एनसीआर की राह होगी आसान 

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई गति देने की दिशा में एक और बड़ी पहल तेज हो गई है। जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के संचालन की तैयारियों के साथ अब राजधानी दिल्ली से हवाईअड्डे तक निर्बाध, तेज और आधुनिक सड़क संपर्क विकसित करने की योजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसी उद्देश्य से दिल्ली के डीएनडी से लेकर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के जेवर तक एक नए द्रुतमार्ग के निर्माण की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह परियोजना केवल एक नई सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बदलने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना मानी जा रही है। इससे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुगम और सुरक्षित होगा। साथ ही, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक पहुंचने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सड़क के अंतिम मार्ग, विभिन्न विभागों के समन्वय, भविष्य की आवश्यकताओं और अन्य बड़ी परियोजनाओं के साथ इसके तालमेल को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई, ताकि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जा सकें।

बैठक की अध्यक्षता नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने की। इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान यमुना पुस्ता के किनारे प्रस्तावित द्रुतमार्ग की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सड़क के मार्ग, विभिन्न संपर्क बिंदुओं, भूमि की स्थिति तथा भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुझाव भी दिए। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सलाहकार ने बताया कि प्रारंभिक योजना के अनुसार इस द्रुतमार्ग को केवल नोएडा के सेक्टर-150 के पास यमुना द्रुतमार्ग से जोड़ा जाना था। अब इस योजना में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। संशोधित प्रस्ताव के अनुसार यह नया द्रुतमार्ग दिल्ली के डीएनडी से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के चाई-4 क्षेत्र के पास यमुना द्रुतमार्ग से जुड़ेगा। इससे दिल्ली से जेवर जाने वाले लोगों को अधिक सीधा और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।

इसके साथ ही इस द्रुतमार्ग को ग्रेटर नोएडा के प्रमुख केंद्र परी चौक से भी जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रेटर नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित 130 मीटर चौड़ी सड़क को भी इस परियोजना से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे पूरे क्षेत्र में सड़क संपर्क का एक मजबूत जाल तैयार होगा और औद्योगिक, व्यावसायिक तथा आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी अधिकारियों ने बताया कि इस द्रुतमार्ग का अंतिम मार्ग तीनों विकास प्राधिकरणों के आपसी समन्वय और सहमति के बाद तय किया जाएगा। विशेष ध्यान इस बात पर दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा सामने न आए। नया द्रुतमार्ग यमुना पुस्ते के भीतर शहर की ओर से होकर ग्रेटर नोएडा की दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे यातायात का दबाव भी संतुलित रहेगा।

नोएडा में चार प्रवेश मार्ग बनेंगे, बुलेट रेल परियोजना से भी होगा तालमेल

वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नोएडा क्षेत्र में इस द्रुतमार्ग पर चढ़ने और उतरने के लिए चार विशेष संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे। दिल्ली से जेवर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए पहला संपर्क मार्ग डीएनडी के पास होगा। दूसरा संपर्क मार्ग महामाया उड़ानपुल के निकट बनाया जाएगा। तीसरा संपर्क मार्ग सेक्टर-128 स्थित जेपी विश टाउन के पास प्रस्तावित है, जबकि चौथा संपर्क मार्ग सेक्टर-150 के आसपास विकसित किया जाएगा। इन चारों स्थानों से वाहन चालक आसानी से द्रुतमार्ग पर प्रवेश कर सकेंगे और अपने गंतव्य तक कम समय में पहुंच पाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इन संपर्क मार्गों के निर्माण से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को लंबा चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर के बीच आवागमन अधिक व्यवस्थित और तेज होगा।

बैठक में दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित उच्च गति रेल परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट रेल मार्ग नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र से होकर गुजरेगा। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि द्रुतमार्ग और उच्च गति रेल परियोजना के निर्माण कार्य एक-दूसरे में बाधा न बनें। इसी उद्देश्य से दोनों परियोजनाओं के तकनीकी बिंदुओं का विस्तार से अध्ययन किया गया। विशेष रूप से रेल के खंभों और द्रुतमार्ग के मार्ग के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने, भविष्य में रखरखाव कार्यों में किसी प्रकार की समस्या न आने तथा दोनों परियोजनाओं के सुरक्षित संचालन को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में यात्रियों, उद्योगों और निवेशकों की आवाजाही तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में मजबूत सड़क संपर्क, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और उच्च गति रेल जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नया द्रुतमार्ग न केवल दिल्ली से जेवर तक की दूरी को कम करेगा, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों से और अधिक मजबूती से जोड़ने का कार्य भी करेगा। यही कारण है कि संबंधित विभाग इस परियोजना को समयबद्ध और समन्वित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, ताकि भविष्य में लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *