उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बद्रीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि सत्ता पक्ष के कई विधायक खुद अपनी ही सरकार के कामकाज से नाराज हैं। देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बुटोला ने कहा कि गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के कुछ विधायकों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से कहा था कि सरकार “सो रही है” और विपक्ष को उसके खिलाफ मुखर होकर बोलना चाहिए। बुटोला का कहना है कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की भी सरकार में सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण वे अपने क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे किसी का फोन तक नहीं उठाते।
इसके साथ ही कांग्रेस विधायक ने सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कांग्रेस पर अपनी अंदरूनी कलह छिपाने के लिए झूठे दावे करने का आरोप लगाया है। दोनों दलों के बीच शुरू हुई इस जुबानी जंग ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। उत्तराखंड की सियासत में कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला के बयान के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। देहरादून में मीडिया से बातचीत करते हुए बुटोला ने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक अपनी ही सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं और निजी बातचीत में उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। बुटोला ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के कुछ विधायकों ने उनसे कहा था कि सरकार पूरी तरह निष्क्रिय बनी हुई है और विपक्ष को सरकार की नाकामियों पर खुलकर आवाज उठानी चाहिए।
उनके मुताबिक यह असंतोष केवल विपक्ष का आरोप नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर भी महसूस किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि भाजपा के कई विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों को लेकर परेशान हैं। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की समस्याओं पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे जनता के बीच उनकी साख भी प्रभावित हो रही है। बुटोला ने दावा किया कि लैंसडाउन, थराली, टिहरी और केदारनाथ जैसे क्षेत्रों के भाजपा विधायक भी अपने इलाकों के विकास कार्यों और प्रशासनिक सहयोग को लेकर असहज हैं। उन्होंने कहा कि अब जनता भी सीधे सत्ता पक्ष के विधायकों से सवाल पूछ रही है और विकास कार्यों में देरी पर जवाब मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद लगातार कमजोर होता जा रहा है। यदि सत्ता पक्ष के विधायक ही अपनी बात सरकार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है।
लखपत सिंह बुटोला ने इशारों में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर भी निशाना साधा
लखपत सिंह बुटोला ने इशारों में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ मंत्री जनप्रतिनिधियों की बात सुनने तक को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप था कि फोन करने पर भी जवाब नहीं मिलता और समस्याओं के समाधान के लिए किए गए अनुरोधों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनता के हित में काम करने की इच्छा रखने वाले जनप्रतिनिधियों की भी सरकार में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुटोला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हीं लोगों के काम तेजी से हो रहे हैं जिनकी पहुंच प्रभावशाली लोगों तक है या जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं। जबकि आम लोगों और जनहित के मामलों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि सत्ता पक्ष के विधायक खुद अपनी सरकार से संतुष्ट नहीं हैं, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार से जनप्रतिनिधियों और जनता दोनों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की। बता दें कि 9 से 13 मार्च तक भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था। बुटोला ने अपने दावे को इसी सत्र के दौरान हुई कथित बातचीत से जोड़ते हुए कहा कि उस समय कई भाजपा विधायकों ने सरकार के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया था। हालांकि भाजपा ने कांग्रेस विधायक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि कांग्रेस अपनी ही अंदरूनी खींचतान से परेशान है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
जोशी ने कहा कि कांग्रेस अपने संगठन को संभालने में विफल रही है। पार्टी के कई नेता लगातार भाजपा का दामन थाम रहे हैं और कांग्रेस इस स्थिति से बौखलाई हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है और पार्टी के भीतर किसी तरह का असंतोष नहीं है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर झूठी राजनीतिक कहानी गढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनहित के मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह इस तरह के दावे कर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। बुटोला के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस सत्ता पक्ष में असंतोष, संवादहीनता और भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

















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