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महंगाई का नया झटका : अमूल और मदर डेयरी ने एक साथ बढ़ाए दूध के दाम, आज से पूरे देश में लागू हुई नई कीमतें

देश में पहले से बढ़ती महंगाई के बीच अब आम लोगों को दूध पर भी बड़ा झटका लगा है। देश की दो सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेरी ने दूध की कीमतों में एक साथ बढ़ोतरी कर दी है। दोनों कंपनियों ने बुधवार 13 मई को नए रेट जारी किए थे, जो अब गुरुवार 14 मई से पूरे देश में लागू हो गए हैं। नई कीमतों के लागू होते ही घरों का मासिक बजट बढ़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि दूध हर परिवार की रोजमर्रा की जरूरत का सबसे अहम हिस्सा है । कंपनियों ने अलग-अलग दूध वेरिएंट और पैक पर 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। सुबह दूध लेने पहुंचे लोगों को जैसे ही नए दामों की जानकारी मिली, कई जगहों पर लोगों ने इसे महंगाई का नया झटका बताया। खासकर मध्यम वर्गीय और निम्न आय वाले परिवारों पर इसका ज्यादा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। 

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन, जो अमूल ब्रांड का संचालन करता है, उसका कहना है कि पिछले एक साल में दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ी है। पशुओं के चारे, पैकेजिंग मटेरियल, बिजली, ट्रांसपोर्ट और ईंधन की कीमतों में इजाफा होने से डेयरी सेक्टर पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। इसी वजह से कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। अमूल के मुताबिक यह बढ़ोतरी औसतन 2.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत के बीच है, जो खाद्य महंगाई की तुलना में काफी कम है। कंपनी का कहना है कि लागत का केवल एक हिस्सा ही ग्राहकों पर डाला गया है ताकि दूध की गुणवत्ता और सप्लाई प्रभावित न हो। वहीं मदर डेयरी ने भी साफ किया है कि किसानों से दूध खरीदने की लागत काफी बढ़ चुकी है। 

पिछले कुछ महीनों में किसानों को दिए जाने वाले खरीद मूल्य यानी प्रोक्योरमेंट प्राइस में करीब 3.7 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। डेयरी कंपनियों का कहना है कि अगर कीमतों में बदलाव नहीं किया जाता तो उत्पादन और सप्लाई चेन को बनाए रखना मुश्किल हो जाता। नई कीमतों के अनुसार मदर डेयरी का टोकन दूध अब 56 रुपये से बढ़कर 58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। फुल क्रीम दूध की कीमत 72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। टोंड दूध अब 60 रुपये और गाय का दूध 62 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। इसी तरह अमूल ने भी अपने प्रमुख पाउच दूध जैसे अमूल गोल्ड, अमूल शक्ति और अमूल ताजा की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। दिलचस्प बात यह है कि अमूल ने करीब एक साल बाद दूध के दाम बढ़ाए हैं, जबकि मदर डेयरी ने अप्रैल 2025 के बाद पहली बार कीमतों में बदलाव किया है। कंपनियों का दावा है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बावजूद लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण अब यह फैसला लेना जरूरी हो गया था।

डेयरी कंपनियों ने कहा- किसानों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

डेयरी कंपनियों का कहना है कि दूध की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी केवल कंपनियों के मुनाफे के लिए नहीं है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा सीधे किसानों तक पहुंचेगा। अमूल ने कहा कि ग्राहकों से मिलने वाले हर 1 रुपये में से लगभग 80 पैसे किसानों को वापस दिए जाते हैं। इसी तरह मदर डेयरी भी अपनी कुल आय का करीब 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा दूध खरीद और किसानों के कल्याण पर खर्च करती है। कंपनियों के मुताबिक अगर किसानों को बेहतर कीमत नहीं मिलेगी तो दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पशुपालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है। 

पशुओं के चारे, दवाइयों और देखभाल पर पहले की तुलना में ज्यादा खर्च हो रहा है। ऐसे में किसानों को बेहतर भुगतान देना जरूरी है ताकि वे उत्पादन जारी रख सकें और बाजार में दूध की सप्लाई बनी रहे। हालांकि उपभोक्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि पहले से ही रसोई का बजट बढ़ चुका है और अब दूध महंगा होने से घरेलू खर्च और बढ़ जाएगा। चाय, कॉफी, दही, मिठाई और बच्चों के पोषण से जुड़ी कई चीजें सीधे दूध पर निर्भर हैं, इसलिए इसका असर हर घर तक पहुंचेगा। 

आर्थिक जानकारों का कहना है कि डेयरी सेक्टर में लागत बढ़ने का असर आने वाले समय में अन्य डेयरी उत्पादों पर भी दिखाई दे सकता है। अगर यही स्थिति बनी रही तो घी, पनीर, दही और मक्खन जैसे उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। फिलहाल देशभर में अमूल और मदर डेयरी की नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। ऐसे में अब लोगों को हर महीने दूध पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला आम आदमी के बजट पर एक और बड़ा बोझ बनकर सामने आया है

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